#FullProof : क्या मुंबई के बादलों से बरसी थीं मछलियां?

सोशल मीडिया पर मुंबई की बारिश के अलग ही दावा किया जा रहा है. दावा है कि मुबंई का आसमान पानी के साथ मछली भी बरसा रहा है.

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मुंबई की भारी बारिश की वजह से जनजीवन बेहाल है. बीएमसी कमिश्नर के मुताबिक, मुंबई में बीते दो दिनों में ही 540 मिलीमीटर बारिश हुई है. यानी  ये आकड़ें  पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर मुंबई की बारिश के अलग ही दावा किया जा रहा है. दावा है कि मुबंई का आसमान पानी के साथ मछली भी बरसा रहा है.

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ऐसे में सवाल है कि आसमान से मछलियां कैसे बरस सकती हैं?  इसका वैज्ञानिक नजरिया क्या है? इस वीडियो से जुड़े ऐसे ही शक की न्यूज 18 पड़ताल की. आइये जानते हैं क्या है इस दावे की सच्चाई.



 पहले देखिए सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज


इन तमाम सवालों के साथ न्यूज 18 की टीम पहुंची RWFC यानी प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र पर. यहां प्रभारी निदेशक इस वीडियो के दावे का सच बताया. उनके मुताबिक, ये गलत है.  भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ है.

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RWFC के निदेशक बिश्वम्भर, प्रभारी का कहना है कि मॉनसून पीरियड के अंदर लाइट पार्टिकल जैसे वॉटर वेपर अपलिफ्ट हो सकते हैं. ये वजन में हल्के होते हैं इसलिए ऐसा होता है. राजस्थान में मानसून के दौरान बादल बनने की प्रकिया में अक्सर डस्ट पार्टिकल भी आ जाते हैं. मछलियां कभी भी  बादल बनने की प्रकिया में शामिल हो जाएं, ऐसा संभव नहीं है क्योंकि इनका वजन ज्यादा होता है.

क्या है वीडियो की सच्चाई?
दरअसल, ये वीडियो 3 अलग-अलग वीडियो को जोड़ कर बनाई गई है. वीडियो का पहला हिस्सा जिसमें आसमान से मछलियां गिर रही है. ये हिस्सा करीब 10 साल पुराने एक वीडियो से लिया गया है, जिसमें फिश रेन के पीछे का विज्ञान समझाया गया है.

वहीं, वायरल विडियो का दूसरा हिस्सा, 2013 के एक वीडियो से लिया गया है, जिसका दावा भी ये ही है कि महाराष्ट्र के नासिक में भी आसमान से मछलियां बरसीं.  हालांकि, लोगों का मानना तो ये ही है कि ये मछलियां वहां किसी ट्रक से गिरी हैं. गौर करने वाली बात तो ये भी है, कि मछलियां सड़क के सिर्फ एक ही हिस्से में हैं. भला ऐसे कैसे हो सकता है कि बारिश सड़क के एक हिस्से में हो, और दूसरे में नहीं.

और फिर वीडियो का तीसरा और आखरी हिस्सा एक अलग ही वीडियो से लिया गया जो 2017 के एक वीडियो से लिया गया. वीडियो अपलोड करने वाले ने साफ लिखा भारत में मछलियों की बरसात. दरअसल ऐसा मछलियों से भरे ट्रक पलटने से हुआ था.

क्या फिश रेन संभव है?
अब आप ये सोच रहे होंगे कि फिश रेन जैसा कुछ होता भी है? तो जबाव है हां.  फिश रेन होती जरूर है, लेकिन इसमें आसमान से मछलियां नहीं बरसती. दरअसल, पानी में बने बवंडर, जैसे व्हर्लपूल या टोर्नेडो अपने साथ पानी में रहने वाले जीव को उड़ा ले जाते हैं. लेकिन ये जीव वजनी होते हैं, तो ये ज्यादा ऊपर तक हवा में नहीं उठ पाते और जिस हिस्से में ये तूफान आया होता है, वहां से थोड़ा ही दूर जाकर, ये गिरने लगते हैं. कई बार ऐसा भी होता है, कि ये जीव पानी के पास किसी मैदान या सड़क पर गिरें जिससे ऐसा आभास होता है, कि ये मछलियां आसमान से बरस रही हैं. जबकि ये तो तूफान के साथ आई हुई होती हैं.

ये ठीक उस ही तरह है, जिस तरह रेगिस्तान में तूफान आने पर, हवा के साथ मिट्टी के कण भी हवा के साथ उड़ने लगते हैं.  न्यूज 18  की पड़ताल में वायरल वीडियो का दावा गलत है.

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