#FullProof : चाउमिन खाने से क्या फेफड़े फट जाने का है खतरा?

दावा किया जा रहा है कि चाउमिन जान भी ले सकती है.

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 2:31 PM IST
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Updated: July 9, 2019, 2:31 PM IST
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि हरियाणा के फतेहाबाद में चाउमिन खाने से एक बच्चे के फेफड़े फट गए. वायरल मेसेज में लिखा गया कि इस घटना में बच्चा तो बाल बाल बच गया लेकिन हर बार ऐसा नहीं होगा. दावा किया गया कि चाउमिन जान भी ले सकती है.  इस मेसेज को कई लोगों ने शेयर किया और चाउमिन न खाने की सलाह दी.

ऐसे में कई सवाल इस खबर को लेकर उठे जिसकी न्यूज 18 ने पड़ताल की. न्यूज 18 ने वायरल मेसेज की सच्चाई का पता लगाया. मामले की पड़ताल के लिए हम पहुंचे हरियाणा के यमुनानगर गए.  पता चला कि ये घटना है एक महीने पहले, 31 मई की है. तीन साल के बच्चे ने घर के पास एक ठेले से चाउमिन खायी थी उसके बाद ही उसकी तबियत खराब हुई थी.
-क्या वाक़ई चाउमिन खाने से बच्चे के फेफड़े फट गये?
-ये कैसे कहा जा सकता है कि बच्चे को दिक़्क़त चाउमिन खाने से हुई? क्या पता बच्चे की किसी और वजह से तकलीफ़ हुई हो!

-चाउमिन में ऐसा कौन सा ऐसिड मिला था जिससे एक बच्चे की जान पर बन आई?

लेकिन बच्चे को आख़िर हुआ क्या था, ये जानने के लिये हमने गाबा अस्पताल में बच्चे का इलाज करने वाले डॉक्टर से बात की.

बच्चे के इलाज करने वाले ने डॉक्टर ने हमें बताया की बच्चे को न्यूमोथॉरेक्स  हो गया था जिसकी वजह से फेफड़ा सिकुड़ने लगा था.  डॉक्टर के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ बच्चे ने चाउमिन में डलने वाला सिरका पी लिया था, जो ऐसिटिक ऐसिड होता है.
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न्यूमोथॉरेक्स किसे कहते हैं?
फेफड़े फटने से क्या मतलब है? न्यूमोथॉरेक्स किसे कहते हैं इस पर बात करने के लिए हमने मैक्स अस्पताल में पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी से बात की. उनके मुताबिक,  न्यूमोथॉरेक्स का मतलब  फेफड़े की झिल्ली फट जाना होता है जिससे फेफड़ा सिकुड़ने लगता है. जैसे टायर की ट्यूब पंक्चर होती है, वैसे न्यूमोथॉरेक्स में होता है. इसे हिन्दी में फेफड़े का फटना कहते हैं.

एसिटिक एसिड शरीर के लिए कितना ख़तरनाक है,

ये जानने के लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री प्रोफ़ेसर रीना जैन से बात की. उन्होंने हमें बताया कि सड़क किनारे खाने की चीज़ों को टेस्टी बनाने के लिए जिस सॉस का इस्तेमाल किया जाता उसमें ऐसिटिक ऐसिड 2-4% या 8% होता है. लेकिन सस्ते के चक्कर में AGRICULTURAL GRADE का ऐसिड मिला दिया जाता है, जो बच्चों के लिए ख़तरनाक हो सकता है.बच्चे का लिवर इतना  मेच्योर नहीं है कि वो इतने केमिकल से डील कर ले इसलिये उसे दिक्कत हुई होगी.

बच्चे ने किस ठेले की चाउमिन खाई थी, ये जानने के लिए हमने चाउमिन बनाने वाले की भी तलाश की लेकिन उसे तो जब से पता चला है कि उसकी बनायी चाउमिन खाकर बच्चा अस्पताल पहुंच गया, वो ग़ायब है. परिवार ने इस मामले में कोई पुलिस शिकायत भी दर्ज नहीं करायी है.

न्यूज 18 की पड़ताल में वायरल ख़बर सही साबित हुई है. यमुना नगर में चाउमिन का सिरका ज़्यादा पी लेने की वजह से वाक़ई एक बच्चे की ज़िन्दगी ख़तरे में पड़ गयी थी.

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First published: July 9, 2019, 2:31 PM IST
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