#FullProof: उज्जैन के महाकाल मंदिर की परिक्रमा क्यों करते हैं पंछी?

दावा है कि रोज़ाना सैकड़ों पंछी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की परिक्रमा करते हैं.बिना परिक्रमा किये ये पंछी पेड़ पर बैठते ही नहीं

News18India
Updated: July 11, 2019, 5:52 PM IST
#FullProof: उज्जैन के महाकाल मंदिर की परिक्रमा क्यों करते हैं पंछी?
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Updated: July 11, 2019, 5:52 PM IST
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इंसान तो इंसान, बेज़ुबान भी बाबा के भक्त हैं. दावा है कि रोज़ाना सैकड़ों पंछी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की परिक्रमा करते हैं. बिना परिक्रमा किये ये पंछी पेड़ पर बैठते ही नहीं.

वायरल वीडियो को देखने के बाद न्यूज 18 की टीम सच जानने के लिए बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन गई. वहां हमें पता चला वायरल वीडियो में पंछियों के झुंड का मन्दिर के आस-पास उड़ने का ये कोई इकलौता मौका नहीं है.



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महाकालेश्वर मन्दिर में रोज़ यही नज़ारा होता है. सैकड़ों पंछी शाम को मन्दिर के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हैं. ऐसे में सवाल है क्या ये वाकई चमत्कार है जैसा वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है या पंछियों के इस तरह चक्कर लगाने के पीछे जैविक वजह है.



मुंबई के नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी पक्षी विशेषज्ञ डॉ.राजू कसम्बे को ये वीडियो दिखाया गया तो उन्होंने इसे चिड़ियों की भक्ति मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में रोज़ी स्टारलिंग चिड़िया है और ये जो कर रही हैं, उसे मरमरेशन कहते हैं.


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राजू कसम्बे के मुताबिक, सैकड़ों रोज़ी स्टारलिंग झुंड में आगे, पीछे, आड़े, टेढ़े, तिरछे उड़ते हुये आसमान में इतनी ख़ूबसूरत आकृतियां बनाती हैं कि कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाये. रोज़ी स्टारलिंग की मरमरेशन अचम्भित कर देती है. ये इतनी तेज़ी से उड़ती हैं, अपनी दिशा बदलती हैं, फिर भी एक-दूसरे से टकराती तक नहीं.

ये ऐसा कैसे करती हैं, इसका जवाब तो पक्षी वैज्ञानिकों के पास भी नहीं. वो भी रोज़ी स्टारलिंग की मरमरेशन पर रिसर्च कर रहे हैं. एक रिसर्च कहती है ये पक्षी स्वभाव से बेहद संवेदनशील होती है और किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए समूह में रहती है और उड़ती है. कई बार इनका एक समूह 15 से 20 हजार का होता है.

रोजी स्टारलिंग सोने से पहले अपने झुंड में इस तरह उड़ते हैं
रोजी स्टेरलिंग सोने से पहले अपने झुंड में इस तरह उड़ते हैं


उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रकिमा क्यों?

ये एक प्रवासी पक्षी है जो यूरोप में बर्फबारी के दौर भारत आते हैं और ऐसी जगह तलाशते हैं जहां हरियाली हो और उनके लिए कोई खतरा नहीं हो. महाकालेश्वर मन्दिर परिसर में कई साल पुराने हरे-भरे पेड़ हैं, इसलिये वहां पक्षी ज़्यादा हैं. रही बात महाकालेश्वर मन्दिर की परिक्रमा करने की, तो ये सोशल बर्ड हैं जो सोने से पहले अपने झुंड में इस तरह उड़ते हैं.

आस्था का सम्मान है लेकिन पंछियों के इस तरह चक्कर लगाने के पीछे जैविक वजह है.लिहाज़ा, न्यूज 18 की पड़ताल में वायरल ख़बर ग़लत साबित हुई है.

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