#FullProof : क्या बारिश से बचाने के लिए सरदार पटेल की मूर्ति को पहनाया गया रेनकोट?

सोशल मीडिया पर स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को रेनकोट पहनाए जाने के दावों का सच जानने के लिए न्यूज़18 इंडिया की टीम ने गुजरात स्थित इस स्थल का दौरा किया और पूरी सच्चाई जानने की कोशिश की. आप भी जानें पूरी सच्चाई क्या है.

News18India
Updated: July 8, 2019, 4:10 PM IST
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Updated: July 8, 2019, 4:10 PM IST
मुंबई के साथ ही, गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है. ऐसे में सोशल मीडिया पर बारिश की तस्वीरों की शेयरिंग के बीच, एक तस्वीर और शेयर हो रही है और एक दावे के साथ वायरल हो रही है. पिछले साल अक्टूबर में बनकर तैयार हुए स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 8 महीने में ही सावन की पहली बारिश ने मूर्ति की कलई खोल दी. दावा है कि बारिश से बचाने के लिए मूर्ति को रेनकोट पहनाना पड़ गया है.

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इस तरह के दावों के साथ एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के नाम से लो​कार्पित की गई सरदार पटेल की मूर्ति पर वाकई एक रेनकोट दिख रहा है. इस शेयरिंग के बाद से गुजरात मॉडल और भाजपा सरकार की इस परियोजना को लेकर कई तरह की आलोचनाएं और सवाल खड़े हो रहे हैं. लेकिन, सोशल मीडिया के इस वायरल दावों की सच्चाई क्या है? ये जानने के लिए न्यूज़18 इंडिया की टीम ने गुजरात में स्थित स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी स्थल का दौरा किया और जो देखा वो इन दावों से अलग था. जानें पूरी सच्चाई क्या है.

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज







इस मेसेज से जुड़े कई  सवाल उभरे जिसकी हमने पड़ताल की. 
- क्या वाक़ई 182 मीटर ऊंची मूर्ति के लिए रेनकोट बनवाया गया?
- और बनवाया गया तो गया, मूर्ति को रेनकोट पहनाया कैसे गया?
- बारिश या बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी में क्या-क्या प्रबंध हैं?
- और वायरल हो रही तस्वीर सही है भी? कहीं ये किसी की शरारत तो नहीं? क्या पता ये तस्वीर एडिटिंग से तैयार की गयी हो!

29 जून 2019 को ख़बर आयी थी कि स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी में 153 मीटर की ऊंचाई पर बनी व्यूइंग गैलरी में बारिश का पानी घुस आया है. छत से पानी रिसने की भी तस्वीरें सामने आयी थीं. उसी ख़बर के बाद से सोशल मीडिया पर हल्ला मच गया कि सरदार पटेल की मूर्ति को रेनकोट पहनाया गया है. हम गुजरात के नर्मदा ज़िले के केवड़िया पहुंचे जहां सड़क पर चलते हुये ही दूर से ही दिखा स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी. लेकिन मूर्ति पर तो कोई रेनकोट नहीं था. मूर्ति बिल्कुल वैसी ही थी, जैसी आठ महीने पहले राष्ट्र को सौंपी गयी थी.

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हम मूर्ति की मंज़िल पर उस व्यूइंग गैलरी में पहुंंचे जहां पर बारिश का पानी आने की ख़बर आई थी. व्यूइंग गैलरी का फ़र्श गीला था. थोड़ा बहुत पानी था लेकिन उसे साफ़ करने के लिए कर्मचारी लगे हुये थे. स्थिति वैसी नहीं थी जैसी कुछ दिन पहले तस्वीरें सामने आयी थीं. पर्यटक भी आराम से घूम रहे थे.

हमारे सामने तो स्थिति सही थी लेकिन 29 जून को वायरल व्यूइंग गैलरी में पानी कैसे घुस आया, इस बारे में बात करने के लिए हमने स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के जॉइंट CEO से बात की।

'यहां पूरे इंतज़ाम हैं, चिंता न करें'
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के जॉइंट CEO  नीलेश कुमार दुबे के मुताबिक स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी की व्यूइंग गैलरी से सरदार सरोवर बांध दिखता है. पर्यटक व्यूइंग गैलरी से दिखने वाले अद्भुत नज़ारे का मज़ा उठा सकें, इसलिये व्यूइंग गैलरी का गैलरी का डिज़ाइन ही ऐसा बनाया गया है कि खुली हवा और बारिश का पानी अन्दर आएगा ही.  लेकिन ये मत सोचिये, कि अगर बारिश ज़्यादा हुई तो व्यूइंग गैलरी में बाढ़ ही आ जायेगी. यहां पानी की निकासी के लिए इन्तज़ाम भी हैं जहां तक रही छत से पानी रिसने की बात, तो उसकी मरम्मत करवा ली गयी है.

दरअसल, मामला ये था कि 29 जून 2019 को गुजराती अख़बार दिव्य भास्कर ने एक ख़बर छापी थी. इसी ख़बर को लोगों ने शेयर भी किया है. इस ख़बर में लिखा था -'3000 करोड़ की लागत से केवड़िया में बनी सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी में बारिश का पानी टपकने लगा है. नर्मदा ज़िले में महज़ दो इंच बारिश हुई है. वहीं स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के ऊपर के हिस्से में बनी व्यूइंग गैलरी और बाकी कमरों में पानी टपकने लगा है'.अख़बार ने एडिटिंग के ज़रिये स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को रेनकोट पहनाया था, लोगों ने उसी तस्वीर को सच समझते हुये वायरल कर दिया.

लिहाज़ा, NEWS18 इंडिया की पड़ताल में वायरल ख़बर ग़लत साबित हुई है. सरदार पटेल की मूर्ति बिल्कुल सुरक्षित है, उसे बारिश से बचाने के लिए रेनकोट नहीं पहनाया गया है.

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First published: July 8, 2019, 4:05 PM IST
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