इस खास गामा विकिरण प्रस्फोट ने वैज्ञानिकों को दी कुछ चौंकाने वाली जानकारी

इतनी ज्यादा गामा विकिरणों (Gama Rays) की चमक वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

इतनी ज्यादा गामा विकिरणों (Gama Rays) की चमक वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

ब्रह्माण्ड (Universe) में अब तक का देखा गया सबसे चमकीले गामा विकिरण प्रस्फोट (GRB) के उत्सर्जन (Emission) ने नई जानकारियां दी हैं.

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वैज्ञानिकों के एक समूह ने अब तक की सबसे चमकीले गामा विकिरण प्रस्फोट (GRB) की झलक देखी है. माना जा रहा है कि यह ब्रह्माण्ड (Universe) का सबसे नाटकीय विस्फोट है. नाबीमिया (Namibia) में स्थित एक खास वेधशाला ने अब तक का सबसे लंबा और ऊर्जावान चमक का अवलोकन किया है जिसे अब तक देखे गए प्रस्फोट में सबसे बड़ा गामा विकिरण प्रस्फोट माना जा रहा है.

इस बार नई घटना से हुआ प्रस्फोट

हाई एनर्जी स्पेक्ट्रोस्कोपिक सिस्टम (HESS) के अवलोकन इस धारणा को चुनौती दे रहे हैं कि इन विशाल तारकीय विस्फोटों में गामा विकिरण कैसे पैदा होती हैं जो ब्लैक होल के पैदा का शोर माना जाता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि गामा विकिरण प्रस्फोट आकाश में सुदूर स्रोतों से चमकीली एक्स रे और गामा विकिरण के रूप में अवलोकित की जाती हैं.

कैसे हुआ ये
इस अध्ययन के एक लेखिका और डीईएसवाय की वैज्ञानिक सिल्विया झू ने बताया कि ये प्रस्फोट ब्रह्माण्ड के सबसे बड़े विस्फोट होते हैं. ये एक तेजी से घूमकते हुए विशाल तारे के ब्लैक होल में गिरने से संबंधित होते हैं. इसमें से निकली गुरुत्व ऊर्जा का कुछ हिस्सा अल्ट्रारिटेविस्टिक ब्लास्ट वेव के उत्पादन में योगदान देता है.  यह उत्सर्जन दो अलग-अलग दौर में बंटा होता है. शुरुआती दौर केवल 10 सेकेंड के लिए होत है जिसके बाद एक लंबा धुधला होता चमकदार दौर होता है.

कितनी दूसरी पर हुआ प्रस्फोट

साल 2019 में 20 अगस्त को फर्मी और स्विफ्ट सैटेलाइट ने इरिडानस तारामंडल में गामा विकिरण प्रस्फोट देखा था जिसे GRB 190829A कहा गया. यह अब तक का अवलोकित सबसे पास का गामा विकिरण प्रस्फोट में से एक था. यह एक अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर घटित हुआ था. यह अध्ययन साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है.



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अब तक केवल चार गामा विकिरण प्रस्फोट (GRB) देखे जा सके हैं.

कई दिनों तक रहती है प्रस्फोट के बाद की चमक

आमतौर पर गामा विकिरण प्रस्फोट करीब 20 अरब प्रकाशवर्ष दूर घटित होते हैं. टीम ने प्रस्फोट के बाद की चमक को एसईएसएस के टेलीस्कोप से देखा. शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रस्फोट के  बाद की चमक को कई दिनों बाद तक अवलोकित किया जा सकता है. तुलनात्मक रूप से पास हुए इस प्रस्फोट के बारे में स्पैक्ट्रम विश्लेषण से काफी कुछ जानने का मौका मिला.

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ऐसा भी हुआ पहली बार

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक तरह से हमारे खोगलीय इलाके के पीछे की घटना है.  जहां बहुत सारे उच्च ऊर्जा फोटोन पृथ्वी की ओर आते समय प्रकाश से टकरा कर अवशोषित नहीं हुए थे. जबकि आम तौर पर लंबी दूरी से आने वाले विकिरणों के साथ ऐसा नहीं होता है.

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पहली बार गामा विकिरण प्रस्फोट (GRB) के बाद की चमक को कई दिनों तक अवलोकित किया जा सका. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

मिले ये अजीब नतीजे

शोधकर्ताओं को प्रस्फोट के बाद वाली चमक के स्पैक्ट्रम विश्लेषण से चौंकाने वाले नतीजे मिले. उन्हें प्रस्फोट के बाद की चमक  से निकली एक्स रे और उच्च ऊर्जा वाले गामा विकिरणों में दिसचस्प समानताएं मिलीं. अभी तक माना जाता था कि ऐसे  दो उत्सर्जन अलग अलग प्रक्रिया के तहत पैदा होते हैं. लेकिन इनके अध्ययन से पता चला कि दोनों एक स्रोत से आए हैं.

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GRB 190829A अब तक का अवलोकित केवल चौथा प्रस्फोट है जो पृथ्वी से देखा गया है. इससे पहले के प्रस्फोट बहुत ज्यादा दूरी पर हुए थे जिनके प्रस्फोट के बाद की चमक कुछ ही घंटों तक देखे जा सकी थी. भविष्य में गामारे विकिरणों का अवलोकन करने वाले उन्नत उपकरणों से वैज्ञानिकों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है.

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