लौट आया अनाम हैकर्स का ग्रुप, जोकर के मास्क में दी अमेरिकी पुलिस की धमकी

लौट आया अनाम हैकर्स का ग्रुप, जोकर के मास्क में दी अमेरिकी पुलिस की धमकी
इससे पहले भी Anonymous ग्रुप अपने बागी तेवर दिखा चुका है

अश्वेत अमेरिकी (America News) नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के तुरंत बाद इंटरनेट पर दोबारा एक ग्रुप (anonymous group of hackers) उभर आया है, जो दावा कर रहा है कि जल्द ही अमेरिकी पुलिस (American police) के कारनामे दुनिया के सामने आएंगे. हैकर्स का ये ग्रुप मास्क पहनकर क्राइम का पर्दाफाश करता रहा है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से सारा अमेरिका सुलग रहा है. अब वॉशिंगटन में भी हिंसक (violent protest in Washington) प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी बीच प्रेसिडेंट ट्रंप (President Donald Trump) ने सुरक्षा वजहों से 1 जून को स्टेट में मिलिट्री की तैनाती कर दी. इसके बाद से कोई हिंसा नहीं हुई, जिसपर ट्रंप ने ट्वीट किया कि वॉशिंगटन दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह है. हालांकि इसी बीच हिंसा वर्चुअल दुनिया तक पहुंच गई है. इंटरनेट पर हैकर्स का ग्रुप (hackers group Anonymous) एक बार फिर से सामने आ गया है. बता दें कि एक वक्त पर ये ग्रुप काफी एक्टिव था और इससे बड़े-बड़े लोग भी डरते थे कि कहीं अज्ञात ग्रुप उनकी भी पोल न खोल दे. कोई नाम या पहचान न होने के कारण इन्हें Anonymous के नाम से जाना जाता है.

क्या कर रहा है हैकर्स का समूह
जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद फेसबुक पर ये ग्रुप दोबारा सक्रिय हो गया है और अमेरिकी पुलिस की काली करतूतों को सामने लाने की धमकी दे रहा है. इसमें मास्क पहना एक चेहरा ऐसी आवाज में बोल रहा है, जो इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बोलती है. ये कहता है कि पुलिस की बर्बरता वैसे तो पूरे यूएस की बड़ी समस्या है. लेकिन मिनेपोलिस पुलिस सबसे खराब है. हिंसा और भ्रष्टाचार का इसका रिकॉर्ड है. जॉर्ज की हत्या के बाद जो गुस्सा दिख रहा है, वो शुरुआत है.





कौन हैं ये हैकर्स


इनके बारे में दुनिया में किसी को कुछ नहीं पता. कौन इसमें काम करता है, कौन इनका लीडर है या कहां से ये काम करते हैं. इनकी टैग लाइन है- हम सेना है. इससे ये अंदाजा लगाया जाता है कि हैकर्स का एक बड़ा सा समुदाय होगा, जो ये काम करता होगा. ये आमतौर पर उन लोगों को निशाना बनाते हैं, जो ताकतवर हों और अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हों. ये जोकर का मास्क पहनकर इंटरनेट पर संदेश छोड़ते हैं. यही इनकी इकलौती पहचान है. वैसे ये मास्क भी ब्रिटिश लेखक एलन मूर की ग्राफिक नॉवल V for Vendetta से प्रेरित है, जिसमें कवर पेज पर मुख्य पात्र जोकर का मास्क लगाए दिखता है. इसी मास्क में छिपकर वो जुल्मों का पर्दाफाश करता है. दुनियाभर के हैकर्स ऑनलाइन चैटरूम में आपस में मिलते और एजेंडा तय करते हैं. फिर काम शुरू हो जाता है.

अब तक क्या किया है Anonymous ग्रुप ने
बीते कुछ सालों से ग्रुप के सदस्य चुप्पी साधे हुए थे. जॉर्ज फ्लॉयड के मामले के बाद से वे एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं. तब से लगातार कई साइबर अटैक हो चुके हैं. जैसे मिनेपोलिस (Minneapolis) शहर के पुलिस विभाग की वेबसाइट पूरे वीकेंड ऑफलाइन बताती रही. माना जा रहा है कि ये हैक हो चुकी है. इसके अलावा विभाग के कई आला अधिकारियों के पासवर्ड भी हैक हो चुके हैं. इन सारी बातों की लिंक इसी हैकर्स ग्रुप से जोड़ी जा रही है.

जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद फेसबुक पर ये ग्रुप दोबारा सक्रिय हो गया है (Photo- facebook)


यूएन एजेंसी का एक पेज जॉर्ज फ्लॉयड का मेमोरियल बन चुका है, जिसपर उसकी फोटो के साथ लिखा है- "Rest in Power, George Floyd". तस्वीर के ऊपर हैकर्स के ग्रुप का लोगो लगा हुआ है. ट्विटर पर अनवरिफाइड पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिसमें पुलिस के रेडियो पर गाने चल रहे हैं. हैकर्स का ग्रुप प्रेसिडेंट ट्रंप पर लगे सालभर पुराने आरोप के कागजात भी सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कर रहा है. वैसे विशेषज्ञों का मानना है कि वेबसाइट पूरी तरह से हैक नहीं हुई है लेकिन Anonymous ग्रुप के इतिहास को देखते हुए इस संभावना से इनकार भी नहीं कर रही.

आतंकी समूहों को भी दी धमकी
वैसे ये ग्रुप कई बड़े कारनामे भी कर चुका है. जैसे इसने एक बार फेसबुक पेज के जरिए बताया कि ये ISIS के उस ऑनलाइन पेज को खत्म कर देगा, जिसके जरिए युवा आतंकियों से जुड़ रहे हैं. इससे पहले हैकर्स का ये समूह आतंकवाद से जुड़े 1000 से ज्यादा समूहों की वेबसाइट हैक करके उन्हें नष्ट कर चुका है.

प्रदर्शनकारियों के बीच जोकर के मास्क में सामने आए अनाम हैकर्स


पहले भी Anonymous ग्रुप बागी तेवर दिखा चुका है
साल 2014 में मिसौरी में Michael Brown नाम के अश्वेत मूल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसपर वहां बड़ी संख्या में अश्वेत सड़कों पर उतर आए. तब हैकर्स के इसी ग्रुप ने पुलिस को धमकाया था कि अगर प्रदर्शनकारियों को कुछ भी किया गया तो वे पूरे शहर को नुकसान पहुंचाएंगे. ये कोरी धमकी नहीं थी. इसके तुरंत बाद पुलिस वेबसाइट हैक हो गई और सिटी पुलिस चीफ को निशाना बनाने की कोशिश की गई. उसी साल के आखिर में इस ग्रुप ने एक खास ग्रुप के खिलाफ लड़ाई की घोषणा कर दी. जिस समूह के खिलाफ लड़ाई का एलान हुआ था, वो अमेरिका में रनसल्भेद को बढ़ावा देता था, और अश्वेतों को नुकसान पहुंचाता था. Ku Klux Klan (kkk) नाम का यही समुदाय हैकर्स के निशाने पर आया. हैकर्स ने अश्वतों से नफरत करने वाले इस समूह के बहुत से सदस्यों के नाम-पते सार्वजनिक कर दिए थे और उसके बाद उन नस्लभेदियों पर हमले होने लगे.

एक कैंपेन ब्लैक लाइव्स मैटर्स की वेबसाइट को हैक करके इस हैकर ग्रुप ने उसका नाम एंटी-वाइट रेसिज्म कर दिया था.

ये भी पढ़ें:

किस खुफिया जगह पर खुलती है वाइट हाउस की सीक्रेट सुरंग

क्या है ट्रैवल बबल, जो आपको हवाई यात्रा के दौरान सेफ रखेगा?

कौन हैं काले कपड़ों में वे लोग, जिनसे डरकर डोनाल्ड ट्रंप को बंकर में छिपना पड़ा

कैसा है व्हाइट हाउस का खुफिया बंकर, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप को छिपाया गया

क्या है ट्रंप का वो नारा, जिसने अमेरिका में आग लगा दी
First published: June 3, 2020, 11:36 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading