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जानिए वो कौन सा आतंकी ग्रुप है जिसे जर्मनी ने किया है बैन

जर्मनी (Germany) के इस अति दक्षिणपंथी समूह पर हाल ही में बड़ी कार्रवाई की गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
जर्मनी (Germany) के इस अति दक्षिणपंथी समूह पर हाल ही में बड़ी कार्रवाई की गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

जर्मनी (Germany) में स्टर्मब्रिगेड 44 (Sturmbrigrade 44) नाम का एक अति दक्षिण पंथ समूह (far-right extremist group) सिर उठा रहा है. इस पर की गई तीव्र और सघन कार्रवाई इसकी खतरनाक विचारधारा को लेकर की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 3:26 PM IST
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विश्व में यूं तो आंतक (Terrorism) के कई रूप हैं लेकिन कुछ समूह ऐसे हैं जिनकी विचारधारा बहुत ही खतरनाक है. जर्मनी (Germany) में स्टर्मब्रिगेड 44 (Sturmbrigrade 44) नाम का ऐसा ही एक अति दक्षिण पंथ समूह (far-right extremist group) सिर उठा रहा है. हाल में हुई उसकी सक्रियता को देखते हुए जर्मनी के आंतरिक मंत्रालय (Internal Ministry) ने उ सपर पाबंदी लगा दी है. एक पुरानी अत्याचारी विचारधारा से संबंध होने की वजह से यह समूह चर्चा में है.

छापेमारी के बाद उठाया गया कदम
यह कदम जर्मनी के तीन राज्यो में चली सिलसिलेवार छापेमारी के बाद उठाया गया है. आंतरिक मंत्री होर्स्ट सीहोफर ने वोल्फ्सब्रिगेड 44 नाम से भी पहचाने जाने वाले इस समूह के सदस्यों पर कार्रवाई करने के बाद इस पर पाबंदी लगाई है. इस पाबंदी के लगने से अब अधिकारी इन दक्षिणपंथी समूह के खिलाफ सुबूत जमा करने के उद्देश्य से इससे संबंधित लोगों की सम्पत्ति और प्रचार सामग्री को जप्त कर सकेंगे. मंगलवार को इस समूह के13 सदस्यों पर सम्पत्ति पर छापेमारी की गई.

ज्यादा पुराना नहीं है यह समूह
माना जाता है कि यह समूह साल 2016 से स्थायी रूप से मौजूद है और काम कर रहा है. एक युद्ध संबंधी और उग्र से नाम वाले स्टर्मब्रिगेड 44 नाम वाला समूह में 44 एक नियो नाजी का संकेत है. यह 44 नियो नाजी समूह में डिविजन डर्लेवेंगर का छोटा रूप DD को प्रदर्शित करता है.  सोहोफर के प्रवक्ता स्टीव एट्लर ने ट्वीट कर कहा, ‘जो कोई भी हमारे उदारवादी समाज के मूल मूल्यों के खिलाफ काम करेगा उसे हमारें संवैधानिक लोकतंत्र की निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना ही होगा.



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इस समूह की विचारधारा द्वितीय विश्वयुद्ध (II World War) के नाजियों से मेल खाती है .(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


द्वितिय विश्वयुद्ध से संबंध
यह नाम द्वितीय विश्व युद्ध के मशहूर युद्ध अपराधी ओस्कर डर्लेवेंगर से जुड़ा है जो अपने समय में अपने कुख्यात अत्याचारों के लिए बदनाम था. इस समूह के सदस्य अपनी शर्ट और जैकेट पर जर्मन भाषा की पुरानी लिपि में लिखे एक खास निशान को पहनते हैं जो उनकी विचारधारा को दर्शाता है. ‘जर्मेनिक नैतिक कानून’ के तहत इस समूह का घोषित लक्ष्य स्वतंत्र पितृभूमि को फिर से वापस लाना है जिसे शक्ति से हासिल किया जाना है.

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डर्लेवेंगर का अत्याचार
SS डर्लेवेंगर स्टर्मब्रिगेड ओस्कर डर्लेविंगर के नेतृत्व में एक खास यूनिट थी जिसने में द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत ही जघन्य मानवीय अत्याचार किए थे. युद्ध के दौरान डर्लेविंगर के आदमियों ने हजारों लोगों के मौत के घाट उतारा था जिनमें से अधिकतर निहत्थे नागरिकथे. उन्हें बच्चों और औरतों तक को नहीं छोड़ा था और बेलारूस में तो हर मजदूर की हत्या कर दी थी जो उनके सामने आया था. इसी डर्लेवेंगर को स्टर्मब्रिगेड-44 बहुत ही श्रद्धा से देखता है.

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यह समूह फिलहाल जर्मनी (Germany में हावी तो नहीं हैं लेकिन यह घृणा (Hatred) की विचारधारा से सराबोर है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


कैसी है स्टर्मब्रिगेड की सक्रियता
यह समूह अभी जर्मनी के वर्तमान दक्षिणपंथ को प्रदर्शित तो नहीं करता है, लकिन यह माना जाता है कि वह अन्य चरमपंथी के अच्छे संपर्क में है. साल 2018 में एक ट्रेन में हथियारों का एक बैग और इस समूह के नाम वाली टी शर्ट मिली थी. इसके बाद पिछले साल जुलाई में जर्मनी के हेसे, लोअर सैक्सोनी और नॉर्थ राइन वेस्टफिला और सेक्सोनी एनहाल्ट  राज्यों में इस समूह के सदस्यों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई की गई थी.

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2019 में जर्मनी के चीफ फेडरल प्रोसीक्यूटर ने अपराधी गठजोड़ बनाने में संलग्न रहे समूहों के सदस्यों पर संदेह के आधार पर छापेमारी के आदेश दिए थे. ऐसा उनके अति दक्षिण पंथी जलूसों में शामिल होने के बाद किया गया था जिसमें स्वास्तिक के चिन्ह उपयोग किया गया था.
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