गूगल का Quantum Computing में बड़ा काम, कर डाली Chemistry की सबसे बड़ी गणना

गूगल का Quantum Computing में बड़ा काम, कर डाली Chemistry की सबसे बड़ी गणना
गूगल की क्वांटम कम्प्यूटिंग में यह बड़ी उपलब्धि है

गूगल (Google) की एक टीम ने हाल ही में क्वांटम कम्प्यूटिंग (Quantum Computing) में सिम्यूलेशन (Simulation) कर रसायन विज्ञान (Chemistry) में अब तक की सबसे बड़ी गणना कर इस क्षेत्र में बड़ा काम किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 4:26 PM IST
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कम्प्यूटिंग (Computing) की दुनिया में क्वांटम कम्प्यूटिंग (Quantum computing) एक नया क्षेत्र है. अभी कुछ ही क्वांटम कम्प्यूटर बने हैं लेकिन आम हालातों में उनके उपयोग को लेकर कई चुनौतियां हैं. इसके बावजूद क्वांटम कम्प्यूटिंग का उपोयग प्रयोग और शोधकार्यों में शुरू हो चुका है. हाल ही में ऐसे ही एक प्रयोग के तरह क्वांटम कम्प्यूटिंग का उपोयग रसायन विज्ञान के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया गया जिसमें गूगल (Google) के शोधकर्ताओं को सफलता मिली.

क्या है यह सफलता
गूगल ने क्वाटंम कमप्यूटर पर अब का सबसे बड़ा कैमिकल सिम्यूलेशन सफलतापूर्वक कर लिया है. यह एक ऐसी उपलब्धि मानी जा रही है जिससे रसायन शास्त्र के क्षेत्र में बहुत से नए आयाम खुल जाएंगे. इसे बहुत से उद्योगों को फायदा होने वाला है.

कहा कहा शोधकर्ताओं ने
साइंस जर्नल में प्रकाशित हुए शोध में गूगल की टीम ने लिखा, “अहम तौर पर हमने इसकी पुष्टि करते हैं कि अभी के लिए उपलब्ध क्वांटम कम्पयूटरों के लिए जो एल्गॉरिदम विकिसित किया जा रहा है, वह क्वांटम कैमिकल सिस्टम केलिए  वास्तविक सिम्यूलेशन की दिशा में सटीकता प्रदान कर सकता है. “



क्या कहा गूगल प्रमुख ने
यह प्रयोग सिकामोर प्रोसेसर पर चला गया था जिसे हाल ही में क्वाटंम वर्चस्वता के लिए उपयोग में लाया गया था. गूगल के प्रमुख कार्यकारी सुंदर पिचाई ने अपने ट्वीट में कहा, “खुशी हो रही है कि गूगल की टीम ने क्वांटम केमिस्ट्री नई सफलता हासिल की है जो कैमिस्ट्री में  अब तक की सबसे बड़ी  क्वांटम गणना है और पहली बार रासायनिक प्रतिक्रिया  के दिशा में मॉडल के लिए क्वांटम कम्प्यूटर का उपयोग किया गया है.
क्वांटम एलगॉरिदम से रसायन पद्धति का सिम्यूलेशनगूगल की एआई क्वांटम टीम ने क्वाटंम एल्गॉरिदम के जरिए सीधे एक रसायन पद्धति को सिम्यूलेट कर दिया. इसके लिए उन्होंने एक खास नॉइज रोबोस्ट वेरिएशनल क्वांटम ईगनसॉल्वर (variational quantum eigensolver, VQE) का उपोयग किया. यह पूरी गणना  एक वास्तविक रसायन तंत्र के हाट्रीफोक (Hartree-Fock) नाम की समीपता (approximation) पर केंद्रित थी.रात को भी ऊर्जा पैदा कर सकेंगी ‘Anti Solar Cells’, ये होगा फायदापिछली गणनाओं से बहुत ज्यादा बड़ीइस पूरी गणना की सबसे खास बात यह थी कि यह क्वांटम कम्प्यूटर पर किए गए पिछली बड़ी गणना से दो गुना ज्यादा बड़ी थी और इसमें कम से कम 10 गुना ज्यादा क्वांटम गेट ऑपरेशन का उपयोग किया गया था.क्या होती है हाट्रीफोक समीपतागणानात्मक भैतिकी और रसायन शास्त्र में हाट्रीफोक (Hartree-Fock)  समीपता (approximation) की एक पद्धति है जिससे वेव फंक्शन (Wave Funciton) और स्थिर अवस्था में  क्वांटम मैनी बॉडी सिस्टम की ऊर्जा का निर्धारण होता है.  इसे इलेक्ट्रॉन के स्तर पर गणना की एक पद्धति  माना जा सकता है जो कि प्रयोगात्मक तौर पर नहीं की जा सकती और इनके लिए हाट्रीफोक पद्धति का उपयोग एक उपाय है.


आज के क्वांटम कम्प्यूटर इतने शक्तिशाली हैं कि बहुत से गणनाओं में परंपरागत कम्प्यूटर को आसानी से पीछे छोड़ सकते हैं. फिलहाल यह अब भी एक सवाल ही है क्या ऐसे उपकरण वर्मामान क्वांटम रसायन विज्ञान की सिम्यूलेशन तकनीक में तेजी ला सकते हैं या नहीं.

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बहरहाल, गूगल शोधकर्ताओं ने अपने प्रयोग का कोड जारी कर दिया है.  शोधकर्ताओं को आशा है कि यह प्रयोग क्वांटम प्रोसेसर्स पर रासायन गणनाओं को तेजी से पूरा करने में योगदान देगा. क्वांटम कम्पयूटिंग में गणना करने (computation) के लिए क्वांटम परिघटनाओं (phenomena) का उपयोग होता है. इस वजह से इसके कई मॉडल हैं यानि इनमें कई तरह से गणना की जाती है.
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