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कौन हैं गौरव वल्लभ जो झारखंड के CM के खिलाफ मैदान में हैं

News18Hindi
Updated: November 25, 2019, 12:19 PM IST
कौन हैं गौरव वल्लभ जो झारखंड के CM के खिलाफ मैदान में हैं
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ को मैदान में उतारा है

आमतौर पर सीएम के खिलाफ उम्मीदवारी में किसी न किसी राजनैतिक पार्टी (political party) के लोग खड़े होते हैं लेकिन गौरव वल्लभ (Gourav Vallabh) अपनी परिवार के पहले शख्स हैं जो सीधे CM को टक्कर देंगे.

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झारखंड में विधानसभा चुनाव की पूरी तैयारी हो चुकी है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से जारी की गई लिस्ट के मुताबिक हाई प्रोफाइल जमशेदपुर पूर्वी (Jamshedpur East) सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghubar Das) के खिलाफ कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता गौरव वल्लभ (Gourav Vallabh) चुनाव लड़ेंगे.  जानिए, कौन हैं गौरव और किस वजह से कांग्रेस उनपर इतना भरोसा कर रही है.

साल 1977 में जन्मे गौरव मूल तौर पर जोधपुर के पीपाड़ गांव के रहने वाले हैं. पाली के बांगड़ कॉलेज से उच्च शिक्षा हुई.  गौरव की प्रतिभा कॉलेज के दौरान ही दिखने लगी. कॉलेज की शिक्षा में वे गोल्ड मेडलिस्ट रहे, इसके अलावा वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं में भी गौरव को कोई पछाड़ नहीं पाता था. जमशेदपुर के XLRI कॉलेज में प्रोफेसर रह चुके गौरव की गजब की तर्कशक्ति और लोकप्रियता के चलते बिना राजनैतिक बैकग्राउंड के ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अपना प्रवक्ता बना दिया.

गौरव की टीवी डिबेट में अपने होमवर्क और धैर्य के लिए जाना जाता है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा से एक टीवी डिबेट में हुई उनकी मुठभेड़ में उन्हें रातोंरात इंटरनेट सेंसेशन बना दिया. एक हिंदी चैनल पर बहस के दौरान पात्रा $5 trillion की भारतीय अर्थव्यवस्था की बात कर रहे थे. इसी दौरान गौरव ने उनसे पूछ लिया कि एक ट्रिलियन में कितने शून्य होते हैं. पात्रा ने इसपर गोलमोल जबाव देते हुए अंग्रेजी में कहा कि ये सवाल राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए. सितंबर 2019 को एयर हुआ ये वीडियो तुरंत ही इंटरनेट पर छा गया था.

चुनावों के दौरान विरोधी पार्टी का मजाक उड़ाने वाली मौजूदा मानसिकता से अलग गौरव अपने कंपीटिटर से सहजता से तर्क करते हैं. जैसे बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्होंने एक बार कहा था कि मेरी बच्ची रामचरित मानस का पाठ नहीं कर सकती लेकिन मैं इस बात पर उसे पाकिस्तान जाने को नहीं कहूंगा.

गौरव की अर्थव्यवस्था पर मजबूत पकड़ है. वे मधु कोड़ा (Madhu Koda) के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी झारखंड सरकार के वित्त सलाहकार रह चुके हैं. हालांकि चुनावी मैदान में सीधे उतरने का उनका ये पहला मौका है. इसमें चुनावी फंड जुटाने के लिए गौरव क्राउंड फंडिंग की भी मदद ले रहे हैं. फाइनेंस के लोकप्रिय प्रोफेसर ने फंडिंग का जो तरीका अपनाया है वो हाल के समय में काफी लोकप्रिय हो रहा है.

बाजार से पैसे जुटाने का ये नया तरीका है, जिसके तहत डोनर को अपना मकसद बताना होता है. ये बताया जाता है कि उनके कैंपेन में वे कैसे योगदान दे सकते हैं. अपील के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सोशल नेटवर्किंग के तरीके अपनाए जाते हैं. अब तक पार्टियां ट्रेडिशनल तरीके से चंदा जमा करती रही थीं लेकिन अब बड़ी पार्टियों जैसे बीजेपी से लेकर सीपीआई भी क्राउंड फंडिंग के जरिए चंदा जमा कर रहे हैं. क्राउड फंडिंग के लिए ऑनलाइन अपील के लिए कई वेबसाइट्स भी हैं जो अपनी रणनीति के चलते कम वक्त में काफी लोगों को जोड़ पाती हैं.

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First published: November 25, 2019, 12:19 PM IST
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