Home /News /knowledge /

आखिर क्यों चर्चा में गुंटूर का जिन्ना टॉवर, क्यों हो रही नाम बदलने की मांग

आखिर क्यों चर्चा में गुंटूर का जिन्ना टॉवर, क्यों हो रही नाम बदलने की मांग

जिन्ना टॉवर गुंटूर

जिन्ना टॉवर गुंटूर

इस गणतंत्र दिवस पर गुंटूर की 77 साल पुरानी जिन्ना मीनार अचानक चर्चाओं में आ गई. देश में लियाकत अली जिन्ना के नाम पर ये अकेली कोई इमारत है. दरअसल हिंदू वाहिनी के लोग 26 जनवरी को इस पर तिरंगा फहराना चाहते थे. इसके बाद राज्य की बीजेपी ने इसका नाम बदलने की मांग शुरू कर दी. इस मीनार के बनने और अब तक इसका नाम जिन्ना पर रहने की कहानी भी दिलचस्प है.

अधिक पढ़ें ...

    पाकिस्तान के संस्थापक और भारत के बंटवारे के खलनायक कहे जाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना के नाम को लेकर जहां उत्तर प्रदेश के चुनावों में विवाद छिड़ गया है. वहीं आंध्र प्रदेश में इस गणतंत्र दिवस पर भी जिन्ना का नाम विवादों में आ गया. दरअसल मामला आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का है, जहां देश में अकेली  कोई इमारत जिन्ना के नाम पर है. इसे जिन्ना टॉवर कहा जाता है.

    इस गणतंत्र दिवस पर वहां हिंदू वाहिनी के लोगों ने तिरंगा लहराने की जिद पकड़ ली, जिस पर काफी मामले ने तूल पकड़ा तो उसके बाद अब राज्य की बीजेपी ने इस टॉवर का नाम बदलने की मांग की है. हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री जगन रेड्डी इसे केवल सियासी दावंपेंच बताकर हवा नहीं देना चाहते लेकिन ये बात है तो दिलचस्प कि आखिर देश में जिन्ना के नाम पर यहां एक मीनार कैसे है.

    अब तक इस मीनार के नाम को लेकर कभी ऐसा विवाद नहीं रहा लेकिन इस बार जरूर ये सुर्खियों में है. 1945 में बनी ये मीनार महात्मा गांधी रोड पर शान से खड़ी है. भारत में जिन्ना के नाम पर ये इकलौता स्मारक है.

    गुंटूर में अलग ही नजर आती है ये मीनार
    ये मीनार जिन्ना की याद में बनवाई गई थी. मीनार आंध्र के जिस गुंटूर में है, ये समुद्र तटीय इलाका है. शहर का मुख्य बाजार वाले इलाके के बीचों बीच ये ऊंची मीनार अलग ही नजर आती है. इसके नाम को लेकर यहां कभी कोई विवाद नहीं हुआ. गुंटूर के लोग इस मीनार को शहर की शान भी कहते हैं. संयोग से ये मीनार जिस रोड़ पर है, उसका नाम महात्मा गांधी रोड है.

    जिन्ना के सम्मान में बनी थी मीनार
    गुंटूर में ये मीनार जिन्ना के सम्मान में बनवाई गई थी. अब ये यहां हैरिटेज इमारत भी है. इसे लेकर कई कहानियां कही जाती हैं. जिन लोगों की नजर पहली मर्तबा इस टावर पर पड़ती है, वह यही सवाल करते हैं कि जिन्ना के नाम पर यह खूबसूरत मीनार यहां क्यों? ये बताया जाता है कि आजादी से पहले 1939 में मुहम्मद अली जिन्ना कुछ दिनों के लिए गुंटूर आए थे.यहां उन्होंने बड़ी जनसभा को संबोधित किया था. बस उसी की याद में यहां मीनार बनवा दी गई. हालांकि इसके अलावा भी इसे लेकर कुछ कहानियां हैं.

    मीनार बनने का एक किस्सा ये भी 
    एक किस्सा ये है कि जुदा लियाकत अली खान आजादी से पहले मुस्लिम लीग के बड़े नेता थे और जिन्ना के प्रतिनिधि भी. वो जब आजादी से पहले गुंटूर आए तो उनका जोरशोर से स्वागत किया गया. पूर्व राज्यसभा सदस्य और तेलगू देशम पार्टी के उपाध्यक्ष एसएम बाशा के ग्रेंडफादर लालजन बाशा ने जुदालियाकत के स्वागत में जिन्ना मीनार ही बनवा डाली.

    जिन्ना को बुलाकर रैली कराने की योजना में बना टॉवर
    दूसरी कहानी ये है कि 1942 में गुंटूर के तत्कालीन विधायक एसएम लालजन बाशा ने यहां पर मोहम्मद अली जिन्ना को बुलाकर बड़ी रैली करने की योजना बनाई थी. जब ये योजना बन रही थी तो जिन्ना के सम्मान में इस टॉवर का निर्माण शुरू हो गया.
    हालांकि जिन्ना यहां नहीं आ सके. लेकिन इस इमारत पर काम जारी रहा. 1945 में जब ये टॉवर बनकर तैयार हो गया तो इसे जिन्ना टावर सेंटर नाम दिया गया.

    कभी नाम बदलने की जरूरत नहीं समझी
    इसे लेकर एक कहानी और है. इस अनुसार इस मीनार को नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन नदीम्पल्ली नरसिंह राव और तेलाकुला जलैया ने बनवाया. इसे उन्होंने जिन्ना का नाम दिया लेकिन मकसद था शांति और सदभाव. बंटवारे के दौरान जब पूरे देश में हिंसा हुई गुंटूर में शांति बनी रही. जिन्ना टॉवर हमेशा से यहां खड़ी रही और कभी उसका नाम बदलने की जरूरत भी नहीं समझी गई.

    शहर का लैंडमार्क है ये मीनार
    अब ये मीनार यहां की लैंडमार्क इमारत भी है, जो यहां आता है, इस मीनार को देखने जरूर जाता है. ये छह स्तंभों पर खड़ी है. इसका ऊपरी हिस्सा गुंबदनुमा है. ये विशुद्ध तौर पर 20सदी के शुरू का मुस्लिम स्थापत्य है. हालांकि, आंध्र प्रदेश के कई संगठन जिन्ना टावर को ध्वस्त करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी थी, जिसे आंध्र प्रदेश सरकार ने खारिज कर दिया.

    Tags: Jinnah, Jinnah portrait row, Mohammad Ali Jinnah

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर