ट्रंप ने उड़ाई अमेरिका में रहने वाली भारतीय पत्नियों की नींद..

अमेरिका में रहने वाली भारतीय पत्नियां इन दिनों दुविधा में झूल रही हैं. यह दुविधा उनके लिए है जो अमेरिका में काम करने आए अपने पतियों के साथ आईं और अब खुद भी नौकरी करने लगी. परेशानी यह है कि जिस वीज़ा के तहत वह नौकरियां कर रही हैं, उसे जल्द ही ट्रंप सरकार रद्द कर सकती है, ऐसे में उनके पास भारत लौटने के अलावा कोई और चारा नहीं बचेगा. विदेश में रहकर परिवार को मिलने वाली आर्थिक मजबूती जाएगी सो अलग...

News18Hindi
Updated: April 26, 2018, 4:58 PM IST
ट्रंप ने उड़ाई अमेरिका में रहने वाली भारतीय पत्नियों की नींद..
अमेरिका में रहने वाली भारतीय पत्नियों के लिए ट्रंप के पास बुरी खबर है
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Updated: April 26, 2018, 4:58 PM IST
अमेरिका में रहने वाले हजारों भारतीयों के लिए ट्रंप प्रशासन एक बुरी खबर लेकर आया है. हाल ही में जारी की गई एक चिट्ठी में लिखा गया है कि एच1बी वीज़ाधारकों के जीवनसाथी (पति/पत्नी) अब अमेरिका में नौकरी नहीं कर पाएंगे. गौरतलब है कि फिलहाल एच1बी वीज़ाधारकों के साथ अमेरिका आए उनके पति/पत्नी ए4ईएडी वीज़ा के तहत नौकरी कर पा रहे हैं. इस वीज़ा के जरिए अमेरिका में नौकरी कर रहे लोगों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है. बताया जा रहा है कि अगर ट्रंप प्रशासन एच4 वीज़ा को हटा देता है, तो करीब 70 हजार - एक लाख वीज़ाधारकों को अमेरिका में अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा.

दरअसल 2017 से ही डोनाल्ड ट्रंप ने एच1बी वीज़ा पर सख्ती बरतने का मन बना लिया था. अमेरिकी सरकार ने दिसंबर 2017 में ओबामा सरकार के उस कानून को रद्द करने की योजना बनाई जो एच1बी वीज़ाधारकों के जीवनसाथियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है. अमेरिका का आंतरिक सुरक्षा विभाग एच1बी वीज़ा के नियमों में भी बदलाव लाने का विचार कर रहा है. फरवरी 2018 में खबर आई थी कि महीने के अंत तक एच4 वीज़ा को वापस ले लिया जाएगा. लेकिन मार्च 2018 में इसमें होने वाली देरी की रिपोर्ट आई. प्रस्तावित बदलावों को एक बार फिर समीक्षा की जरूरत है जिसमें कुछ हफ्ते और लग सकते हैं. यही वजह है कि एच1बी और एच4 वीज़ाधारकों के लिए अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.

ट्रंप के ‘बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ (अमेरिकी सामान खरीदो, अमेरिकी को काम पर रखो) की नीति के तहत एच1बी वीज़ाधारक और उनके परिवारों पर नियम कड़े किए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि जून तक एच4 वीज़ाधारकों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है. ऐसे में अपने पतियों के साथ अमेरिका आई हजारों भारतीय महिलाओं को अपनी लगी लगाई नौकरी को खो देने का डर सता रहा है.


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एच4 वीज़ा के तहत विदेशी कर्मचारी के जीवनसाथी अमेरिका में काम कर सकते हैं


पूरे अमेरिका में हजारों भारतीय परिवार दुविधा में हैं क्योंकि एच1बी वीज़ा प्रोग्राम में उनकी संख्या बहुत अधिक है. हर साल अप्रैल में सरकार के पास अमेरिका में तीन साल से ज्यादा काम करने के लिए लाखों वीज़ा आवेदन आते हैं. इनमें ज्यादातर भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं क्योंकि अमेरिकी टैक्नॉलॉजी कंपनियों को अपने ही देश में इस काम के लिए उपयुक्त लोग नहीं मिलते.

अकेले 2017 में 3,65,000 एच1बी आवेदन पास किए गए. इसमें तीन चौथाई भारतीय थे. लेकिन समस्या इसके बाद खड़ी होती है. क्यूंकि इस वीज़ा पर काम करने वाले भारतीयों संख्या सर्वाधिक है इसलिए इन्हें ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए भी सालों इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में उन्हें अपने परिवार से अलग रहना पड़ रहा था. ओबामा शासन के दौरान एच1बी वीज़ाधारकों के जीवनसाथी को एच4 वीज़ा के तहत अमेरिका में नौकरी करने की अनुमति दी गई. ऐसे में अपने पति के साथ आई पढ़ी लिखी महिलाएं भी नौकरी करके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर पा रही थीं.

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ट्रंप ने चुनाव अभियान में अमेरिकियों से रोजगार देने का वादा किया था


ट्रंप के आने के बाद एच1बी प्रोग्राम में काफी उठापटक चली. अपने देशवासियों को नौकरी के बेहतर अवसर देने के लिए ट्रंप ने चुनावी अभियान के दौरान वीजा नियमों में सख्ती लाने की बात कही थी. एच4 वीज़ा के रद्द होने का मतलब होगा या तो लाखों भारतीय पत्नियों को भारत लौटना होगा. या फिर उन्हें अपने रहन सहन के खर्चे को काफी कम करना होगा जो कि अभी तक दो की आमदनी पर चल रहा था. ट्रंप के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर #Save H4EAD के साथ विरोध भी दर्ज किया जा रहा है. इस हैशटैग के साथ अमेरिका में एच4 वीज़ा के तहत काम करने वाली कई भारतीय और गैर भारतीय महिलाएं (कुछ हद तक पुरुष) भी हिस्सा ले रहे हैं.

उधर एप्पल, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनियों ने भी प्रशासन को खत लिखकर समझाने की कोशिश की है कि एच4 वीज़ा को हटा देने का मतलब है उन विदेशी प्रतिभाओं से हाथ धो बैठना जो परिवार के न रहने से खुद भी अमेरिका में रहना पसंद नहीं करेंगे. कुल मिलाकर बेहतर प्रतिभा खोना कहीं न कहीं अमेरिकी कंपनियों और अर्थव्यवस्था के लिए ही घाटे का सौदा साबित होगा. वहीं विदेशी कर्मचारियों की वजह से नौकरी से हाथ धो बैठने वाले अमेरिकियों ने एच4 वीज़ा को जल्द से जल्द रद्द करने की मांग की है. अमेरिकी नागरिकता और प्रवासी सेवाओं को देखने वाले विभाग के निदेशक फ्रांसिस सिसना ने कहा है कि 'ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता अमेरिकी कर्मचारियों के हकों की रक्षा करना है.' ऐसे में अमेरिका में रहने वाली कई भारतीय पत्नियों के लिए आने वाले कुछ महीने मुश्किल भरे होने वाले हैं.
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