हर कंपनी के ब्लेड के बीच क्यों होता है एक ही तरह का डिजाइन? बड़ी दिलचस्प है वजह

उस वक्त जिलेट ही एकमात्र ऐसी कंपनी थी जो रेजर भी बनाती थी. कंपनियां नया डिजाइन बनाती तो वह रेजर में फिट नहीं बैठता, इसलिए जो डिजाइन किंग कैप ने बनाया था वहीं आगे भी फॉलो होता रहा.

News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 11:40 AM IST
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Updated: January 31, 2019, 11:40 AM IST
शेविंग अथवा हेयर कटिंग के दौरान आपने कभी न कभी ब्लेड जरूर देखा होगा. मार्केट में ऐसी कई कंपनियां हैं जो ब्लेड बनाती हैं, लेकिन इन सबके बीच एक खास बात ये है कि ब्लेड के बीच का डिजाइन सबमें एक जैसा होता है. आखिर हर कंपनी के ब्लेड के बीच के डिजाइन एक जैसा होने की वजह क्या है, चलिए आपको बताते हैं.

साल 1901 में जिलेट कंपनी के संस्थापक, किंग कैंप जिलेट ने अपने सहयोगी विलयम निकर्सन के साथ मिलकर ब्लेड का डिजाइन किया था. इसी साल उन्होंने इस डिजाइन को पेटेंट भी करा लिया और 1904 में ब्लेड का उत्पादन शुरू कर दिया.

शुरुआत में जिलेट ही एकमात्र ऐसी कंपनी थी जो ब्लेड और रेजर का निर्माण करती थी. उस वक्त बोल्ट के जरिए रेजर में ब्लेड फिट किया जाता था, इसलिए ब्लेड के बीच में खास तरह का डिजाइन बनाया गया. जिलेट कंपनी का ब्लेड का कारोबार आगे बढ़ा तो मार्केट में दूसरी कंपनियां भी आई, लेकिन उन्होंने पुराने डिजाइन को ही कॉपी किया.

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दरअसल उस वक्त जिलेट ही एकमात्र ऐसी कंपनी थी जो रेजर भी बनाती थी. कंपनियां नया डिजाइन बनाती तो वह रेजर में फिट नहीं बैठता, इसलिए जो डिजाइन किंग कैप ने बनाया था वहीं आगे भी फॉलो होता रहा और आज भी सभी कंपनियों के ब्लेड के बीच का डिजाइन एक जैसा है.

किंग कैंप को ब्लेड बनाने का आइडिया कहां से आया इसके पीछे की वजह भी बड़ी दिलचस्प है. 1890 के दौरान किंग कैंप ढक्कन बनाने वाली कंपनी में काम करते थे. यहां उन्होंने देखा कि बोतल के इस्तेमाल के बाद लोग ढक्कन फेंक देते हैं, लेकिन इसी पर इतनी बड़ी कंपनी चल रही है. उनके दिमाग में भी एक यूज एंड थ्रो चीज बनाने का आइडिया आया. उस दौर में उस्तरे काफी खतरनाक होते थे और उनसे शेविंग में काफी वक्त भी लगता था. किंग कैप ने उस्तरे का विकल्प तलाशने की सोची और 1901 में ब्लेड का डिजाइन बनाकर उसे पेटेंट करवा लिया.

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