पाकिस्तानी हाईकोर्ट का फैसला- अगवा नहीं हुई हिंदू लड़कियां, पतियों के साथ ही रहेंगी

पाकिस्तानी हाईकोर्ट ने कथित तौर पर अगवा की गई नाबालिग हिंदू लड़कियों को उनके पतियों को सौंप दिया है.

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Updated: April 12, 2019, 11:43 AM IST
पाकिस्तानी हाईकोर्ट का फैसला- अगवा नहीं हुई हिंदू लड़कियां, पतियों के साथ ही रहेंगी
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (फ़ाइल फोटो)
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Updated: April 12, 2019, 11:43 AM IST
होली के अगले दिन पाकिस्तान की एक वीडियो भारत में सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें कथित तौर पर एक हिंदू पाकिस्तानी पिता अपनी अगवा की गई दो नाबालिग बेटियों के लिए इंसाफ की मांग कर रहा था. पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटियों को जबरन अगवा कर उनका धर्मांतरण करा दिया गया और उनकी शादी भी कर दी गई. हालांकि अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है पाकिस्तानी हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़कियों को उनके पतियों को सौंप दिया है.

कोर्ट ने के क्या कहा है?
पाकिस्तानी हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़कियों को जबरन अगवा कर धर्मांतरण के मामले को सिरे से खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि न तो लड़कियों को अगवा किए जाने का सबूत है और न ही उनका ज़बरदस्ती धर्मांतरण करवाया गया है. ऐसे में कोर्ट ने इन दोनों बहनों को उनके पतियों के साथ रहने की इजाज़त भी दे दी है.



पाकिस्तानी अख़बार डॉन में छपी एक खबर के मुताबिक इन दो हिंदू नाबालिग बहनों रवीना (13), रीना (15) और उनके पतियों ने बीती 25 मार्च को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा था कि लड़कियों का के पिता और भाई उनके खिलाफ झूठी बातें फैला रहे हैं. उन्होंने कोर्ट के सामने इस्लाम कुबूल करने के लिए मजबूर करना और शादी के लिए जबरदस्ती करने के आरोपों को झूठ बताया था. खबर के मुताबिक लड़कियों ने भी कोर्ट में अपने पतियों के पक्ष में गवाही दी है.

आयोग बनाकर हुई जांच
पाकिस्तानी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अख्तर मिन्नल्लाह ने पांच सदस्यीय आयोग का गठन करके इन हिंदू बहनों के ज़बरदस्ती इस्लाम कबूल करने के मामले में जांच बैठा दी थी. इस आयोग में पाकिस्तान की मानवाधिकार आयोग मंत्री शिरीन मजारी, मुस्लिम विद्वान मुफ्ती तकी उस्मानी, पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. मेहंदी हसन, महिला आयोग की अध्यक्ष ख्वार मुमताज और पत्रकार आइए रहमान को शामिल किया गया था. इन सभी अपनी जांच में यह पाया है कि धर्म परिवर्तन जबरदस्ती नहीं कराया गया है और न ही शादी ज़बरदस्ती हुई है.
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क्या था मामला?
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक होली के बाद एक वीडियो वायरल हुई थी. जिसके बाद हिंदू नेता शिव मुखी मेघवार ने आरोप लगाया था कि लड़कियों की इच्छा नहीं थी, उनका अपहरण हुआ है और जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है. पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजेश धनजा ने भी भारतीय मीडिया को बयान दिया था कि दो बहनों रीना और रवीना का अपहरण करने के बाद शादी करके उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया है.



इसके अलावा पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जिबरान नासिर ने भी ट्विटर पर दोनों बहनों के पिता का एक वीडियो शेयर की और इस घटना को शर्मनाक बताया था. इस वीडियों में एक बुज़ुर्ग पिता ख़ुद को थप्पड़ मारते हुए मांग कर रहा था कि या तो मेरी बेटियों को सुरक्षित वापस ला दो या मुझे गोली मार दो. आरोप था कि दो नाबालिग बहनों का होली के दिन कोहबर और मलिक जनजाति के लोगों ने अपहरण कर लिया. हालांकि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें दो लड़कियां इस्लाम अपनाने का दावा करती हुई कह रही हैं कि हमने अपनी मर्जी से इस्लाम को अपनाया है.

FIR दर्ज हुई थी
इस मामले में पाकिस्तान के क़ानून की धारा 365 बी (अपहरण, जबरन शादी के लिए महिला का अपहरण), 395 (डकैती के लिए सज़ा), 452 (चोट पहुंचाने, मारपीट, अनधिकृत रूप से दबाने के उद्देश्य से घर में अनाधिकार प्रवेश) के तहत साथ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. आरोपियों में लड़कों के घरवालों का नाम शामिल था. FIR के मुताबिक बरकत मलिक और हुज़ूर अली कोबहर के साथ सलमान दास और हरि दास मेघवार की कहासुनी हो गई थी. इसके बाद आरोपी छह अन्य लोगों के साथ उनके घर में घुस आए और उनकी दो नाबालिग लड़कियों समेत चार तोला सोना और 75 हज़ार रुपये नक़दी चुरा ले गए.

सुषमा और फवाद खान आए थे आमने-सामने
वीडियो वायरल होने के बाद भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्विटर पर लिखा, 'मैंने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त से इस पर एक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है.' इस पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लिखा कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और हमारे लिए अल्पसंख्यक भी उतने ही अनमोल हैं. इस मसले पर भारत में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भी ट्वीट कर इस वारदात को शर्मनाक बताते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से पूछा था कि आपका 'नया पाकिस्तान' कहां है?

फ़वाद चौधरी ने ट्विटर पर सुषमा को जवाब देते हुए लिखा था, 'यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और मैं आपको यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह मोदी का इंडिया का नहीं है जहां अल्पसंख्यकों को तबाह किया जाता है, यह इमरान ख़ान का नया पाकिस्तान है जहां हमारे झंडे का सफ़ेद रंग भी उतनी ही क़ीमती हैं. उम्मीद करता हूं कि जब वहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात आएगी तो आप भी उतनी ही तत्परता से कार्रवाई करेंगी.'
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