अपना शहर चुनें

States

पाकिस्तान में मिले विष्णु मंदिर परिसर के अवशेष, क्या सुरक्षित रह पाएंगे?

पाकिस्तान में मिले हिंदू मंदिर के अवशेष.
पाकिस्तान में मिले हिंदू मंदिर के अवशेष.

स्वात (Swat District) में खुदाई के दौरान हिंदू शाही (Hindu Shahi) समय के पुरातात्विक महत्व के अवशेष मिले हैं, लेकिन चिंता यह है कि क्या इन्हें इस्लाम के कट्टरपंथियों से सुरक्षित रखा जा सकेगा? जानिए​ क्या है अवशेषों की कहानी और क्यों है फिक्र?

  • News18India
  • Last Updated: November 24, 2020, 7:52 AM IST
  • Share this:
पुरातात्विक खुदाई (Archeological Expedition) दुनिया भर में इतिहास को जानने समझने के लिए हमेशा से अहम साबित होती रही है. खुदाई में मिलने वाले अवशेष ही इतिहास के बड़े प्रमाणों के तौर पर समझे जाते रहे हैं. पाकिस्तान के स्वात इलाके में इसी तरह की खुदाई में मिले अवशेषों से खुलासा हुआ है कि कम से कम 1000 साल पुराना हिंदू मंदिर (Old Hindu Temple) यहां था. ये अवशेष बता रहे हैं कि किस वंश के किस समय के इतिहास को हम अब किस तरह समझ सकते हैं. हालांकि अभी और अध्ययन होने बाकी हैं, लेकिन कुछ कहानियां साफ हो रही हैं.

पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी (North-West Pakistan) इलाके के स्वात जिले में 1300 साल पुराना एक हिंदू मंदिर (Hindu Temple ) मिला है. इस मंदिर की तलाश पाकिस्तान और इटली के पुरातात्विक विशेषज्ञों (Pakistani and Italian) ने की है. बारिकोट घुंडई के पहाड़ियों के बीच खुदाई के दौरान इस मंदिर का पता लगा. खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग के फजले खलीक ने कहा कि ये मंदिर भगवान विष्णु का है.

ये भी पढ़ें :- भारत में बनी वो आर्टिलरी गन, जो सबसे लंबी रेंज का वर्ल्ड रिकॉर्ड रखती है



हिंदू शाही के वक्त का मंदिर
दावा किया जा रहा है कि ये मंदिर 1300 साल पहले हिंदू शाही काल के दौरान बनाया गया था. बता दें कि हिंदू शाही या काबुल शाही (850-1026 ई) एक हिंदू राजवंश था, जिसने काबुल घाटी (पूर्वी अफगानिस्तान), गंधार (आधुनिक पाकिस्तान) और वर्तमान उत्तर पश्चिम भारत में शासन किया था.

कुंड, छावनी और वॉचटावर मिले
पुरातत्वविदों को खुदाई के दौरान मंदिर के पास छावनी और पहरे के लिए मीनारें भी मिली हैं. खुदाई से जुड़े एक्सपर्ट्स को मंदिर के पास पानी का एक कुंड भी मिला है. दावा किया जा रहा है कि श्रद्धालु पूजा से पहले वहां स्नान किया करते थे. खलीक ने कहा कि इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान मिले हैं.

ये भी पढ़ें :- क्या होता है मेडिकल गांजा, किन रोगों के इलाज में होता है इस्तेमाल?

hindu in pakistan, hindutva in pakistan, temples in pakistan, buddhism in pakistan, पाकिस्तान में हिंदू, पाकिस्तान में हिंदुत्व, पाकिस्तान में मंदिर, पाकिस्तान में बुद्ध प्रतिमा
पाकिस्तान के स्वात में खुदाई के दौरान मिले हिंदूशाही के वक्त के मंदिर के अवशेष.


स्वात की पहाड़ियों के पास मिले इन अवशेषों से पता चल रहा है कि यहां विष्णु की पूजा का इतिहास रहा. वैसे भी, स्वात का इलाका सांस्कृतिक, धार्मिक और पुरातात्विक स्मारकों के लिए पर्यटन का बड़ा केंद्र रहा है. यहां प्राकृतिक सुंदरता भी पर्यटन का आकर्षण रही है, लेकिन बौद्ध धर्म से जुड़े कई स्थान और स्मारक यहां मुख्य रुझान रहे हैं.

ये भी पढ़ें :- क्या हुआ था जब आखिरी बार अंटार्कटिका की बर्फ पिघली थी?

स्वात जिले में कई मंदिर
इटली के पुरातत्व मिशन के प्रमुख डॉ लूका ने कहा कि स्वात ज़िले में मिला गंधार सभ्यता का ये पहला मंदिर है. बता दें कि स्वात ज़िले में बौद्ध धर्म के कई पूजा स्थल हैं. स्वात ज़िले में करीब 20 ऐसे स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में सैलानी और श्रद्धालु हर साल घूमने के लिए आते हैं.

क्या बच सकेंगे मंदिर के अवशेष?
जुलाई के महीने में इसी इलाके में बुद्ध की एक प्रतिमा मिली थी, जिसे कंस्ट्रक्शन वर्करों ने टुकड़े टुकड़े कर दिया था. खैबर पख्तूनख्वा इलाके के मरदान ज़िले में यह अवशेष एक मकान की खुदाई के दौरान मिला था. एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिख रहा था कि एक मौलाना के इशारे पर कंस्ट्रक्शन वर्कर बुद्ध प्रतिमा को तोड़ रहे थे और उसका अपमान कर रहे थे.

ये भी पढ़ें :- गांजा रखना किस तरह अपराध है? गांजा रखने पर क्या सज़ा होती है?

अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि स्वात में विष्णु मंदिर के जो अवशेष मिले हैं, क्या उन्हें संरक्षित किया जाएगा? क्या वो सुरक्षित रह सकेंगे? हालांकि यह पुरातात्विक अवशेष हैं और इस प्रोजेक्ट में चूंकि इटली के विशेषज्ञ भी शामिल रहे हैं इसलिए संभवत: नुकसान न पहुंचे, लेकिन पाकिस्तान में इस्लाम के कट्टरपंथियों की प्रतिक्रिया को लेकर एक संदेह बना हुआ है.

इससे पहले, इसी साल जुलाई में पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में गिलगिट बाल्टिस्तान में भी प्राचीन बौद्ध शिला नक्काशी मिली थी, जिसे कट्टरपंथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था. इस कला धरोहर पर पाकिस्तान का झंडा और नारे पोत दिए गए थे. खबरों के मुताबिक 9वीं सदी के इन अवशेषों के अपमान की बात तब सामने आई थी, जब गिलगिट बाल्टिस्तान के कुछ लोगों ने इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर किए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज