कश्मीर: पहली बार बंद नहीं हुआ है इंटरनेट, क्यों और कब-कब हुआ शटडाउन?

कश्मीर (Kashmir) में आर्टिकल 370 को लेकर उड़ीं अफ़वाहों के बाद करीब डेढ़ हफ्ते बाद बहाल की गई मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं एक बार फिर बंद कर दी गई हैं. जानें इस साल कश्मीर में कब कब शटडाउन (internet shutdown) हुआ.

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Updated: August 18, 2019, 8:52 PM IST
कश्मीर: पहली बार बंद नहीं हुआ है इंटरनेट, क्यों और कब-कब हुआ शटडाउन?
हिंसा पर काबू पाने के लिए सरकार ने सलाहुद्दीन औऱ यासीन मलिक को गिरफ़्तार किया गया. यासीन मलिक को 1987 के रिहा किया गया, जबकि सलाहुद्दीन 1989 में रिहा हुआ. रिहा होने के बाद यूसुफ़ शाह पाकिस्तानी भाग गया और अपना नाम सैयद सलाहुद्दीन रखा. सैयद सलाहुद्दीन हिज़्बुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया और ISI की मदद से कश्मीरी नौजवानों को आतंकी बनाने लगा. यासीन मलिक भी JKLF में शामिल होकर आतंकवाद को बढ़ावा देने लगा, ये कश्मीर में आतंकवाद के दौर की शुरुआत थी, जिसकी क़ीमत कश्मीरी पंडितों को चुकानी पड़ी.
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Updated: August 18, 2019, 8:52 PM IST
अनुच्छेद 370 (Article 370) के तहत जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन (Re-organisation) पर लिए गए फैसले के मद्देनज़र राज्य में धारा 144 (Article 144) लागू करने के साथ ही इंटरनेट सेवाएं बेमियादी तौर पर बंद कर दी गई थीं. मोबाइल (Mobile phone) इंटरनेट, वायरलाइन या लैंडलाइन सर्विस के साथ ही वायर ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं स्थगित की गई थीं. लेकिन, ताज़ा खबर के मुताबिक़ जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद फैलाई जा रही अफवाहों को देखते हुए रविवार को एक बार फिर पांच जिलों में शुरू की गई 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. इस साल जम्मू कश्मीर में पहली बार ऐसा नहीं हुआ है कि इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हों.

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राजनीतिक उथल पुथल के चलते कश्मीर में हालात (Kashmir updates) अस्थिर बने हुए हैं और राज्य में भारी सुरक्षा बल अब भी तैनात है. राज्य के सभी बड़े नेता नज़रबंद (Detained) हैं. ऐसे में, इंटरनेट सेवाओं को बंद किए जाने का फैसला इस साल 51वीं बार किया गया है. सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर, इंडिया के डेटा के मुताबिक इस पर भी नज़र रखी गई है कि राज्य के खास इलाकों में डेटा सर्विसेज़ (Data Service) में कितनी बार अवरोध दर्ज किया गया. जानिए कि हाल में कब और क्यों कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं.

पिछले महीने ही हुआ था इंटरनेट बंद

सेना की गोलीबारी में दो आतंकियों के मारे जाने के बाद जम्मू कश्मीर के शोपियां में जब बड़े पैमाने पर सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था, तब शोपियां में 27 जुलाई को इंटरनेट शटडाउन किया गया था. इससे पहले, अनंतनाग में सुरक्षा बलों के सर्च ऑपरेशन के चलते अनंतनाग ज़िले में इंटरनेट शटडाउन हुआ था. इसके एक दिन पहले, ऐसी खबरें आई थीं कि बारामूला ज़िले के सोपोर गांव के आसपास छुपे आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच क्रॉस फायरिंग के चलते वहां इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

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कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं को बंद किए जाने का फैसला इस साल 51वीं बार किया गया है. File Photo

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कई ज़िलों में हुआ था शटडाउन
बीती 10 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई थीं. असल में, आतंकी बुरहान वानी की तीसरी बरसी के दिन के चलते सुरक्षात्मक नज़रिए से ऐसा किया गया था. इससे पहले जब सुरक्षा बल आतंकियों के साथ मुठभेड़ कर रहे थे, तब ग्रेटर कश्मीर के शोपियां ज़िले सहित कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं.

इसी तरह, कई मौकों पर कश्मीर के अलग अलग इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को बंद किया जा चुका है और इस पूरे साल में अब तक ऐसा 51 बार हो चुका है. ज़्यादातर ऐसा सुरक्षा या एहतियात के लिहाज़ से किया गया. जैसे 19 जून को यूएनआई ने रिपोर्ट दी थी कि उम्मत ए इस्लामी के मीरवाइज़ काज़ी निसार की बरसी पर उड़ रही अफ़वाहों के चलते इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. इससे पहले मई के महीने में 8 बार इंटरनेट शटडाउन हुआ, तो अप्रैल में 6 बार. इससे पहले मार्च में 6, फरवरी में 7 और जनवरी में 5 बार इंटरनेट सेवाएं बंद करने के कदम उठाए गए.

राज्य में बाधित होता रहा है इंटरनेट
उपरोक्त पोर्टल के डेटा के मुताबिक़ पिछले कुछ सालों में जम्मू कश्मीर ऐसा राज्य रहा है, जहां साल में दर्जनों बार इंटरनेट शटडाउन की नौबत आती रही है. पिछले साल 2018 में 65 बार इंटरनेट शटडाउन हुआ था और इस साल अगस्त की शुरूआत तक ही 51 बार ऐसा हो चुका है. उससे पहले, 2017 में राज्य में 32, 2016 में 10 और 2015 व 14 में 5 बार मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद या स्थगित किए जाने का रिकॉर्ड दिखता है. यानी पिछले पांच सालों में यह लगातार बढ़ रहा है.

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First published: August 18, 2019, 6:28 PM IST
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