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क्या वाकई चंद्रमा में छिपा है सूर्य का इतिहास?

सूर्य (Sun) के इतिहास के अध्ययन से सौरमंडल और पृथ्वी तक के कई रहस्य खुल सकते हैं. 
 (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

सूर्य (Sun) के इतिहास के अध्ययन से सौरमंडल और पृथ्वी तक के कई रहस्य खुल सकते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

सूर्य (Sun) का अध्ययन कर उसका इतिहास जानने के प्रयास में उसकी रोशनी के कारण आने वाली परेशानी हल निकल गया है. नए श्वेतपत ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

सूर्य की तेज रोशनी उसके गहन अध्ययन में बाधा डालती है.
सूर्य की रोशनी के प्रभाव अरबों सालों से चंद्रमा पर रिकॉर्ड के रूप जमा हो रहे हैं.
चंद्रमा की सतह पर हुए बदलावों ने भी इन प्रभावों के संरक्षण में मदद की है.

पृथ्वी पर जीवन के समझने के लिए वैज्ञानिक केवल हमारे ग्रह का ही इतिहास और विकास (History and Development of Earth) समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं. वे सौरमंडल का अध्ययन (Study of Solar System)कर यह जानने का भी प्रयास कर रहे हैं कि यहां किस तरह के हालात ने पृथ्वी को एक आवासीय ग्रह बनाने में मदद की. इसमें हमारे सूर्य का अध्ययन अहम है. लेकिन सूर्य की तेज रोशनी वैज्ञानिकों को उसका गहन अध्ययन करने में बाधा ड़ालती है. लेकिन नए शोधपत्र में कहा गया है कि अब इसकी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सूर्य का पूरा इतिहास हमें चंद्रमा (History of Sun on Moon) पर मिल जाएगा.

चंद्रमा ही काफी होगा
सूर्य का गहन अध्ययन बता सकता है कि किस तरह की रायानियक और भौतिक बदलावों ने उसे आज की स्थिति में  पहुंचाया होगा. लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य का गहन अध्ययन करने के बजाय उसका इतिहास जानने के लिए चंद्रमा से आगे जाने की जरूरत नहीं होगी. यह अनुशंसा वैज्ञानिकों की एक टीम ने दी है जिन्हें उम्मीदै कि भविष्य का आर्टिमिस चंद्र अभियान जीवन और सूर्य के इतिहास को समझने में मदद कर सकेंगे.

सूर्य का प्रभाव
सूर्य का हमारे सौरमंडल के सभी पिंडों पर प्रभाव रहा है. उससे केवल ऊष्मा और प्रकाश ही नहीं बल्कि निरंतर उच्च ऊर्जा के कण और सौर पवन की बारिश भी होती रहती है. और ऐसा ही नहीं है यह केवल आज हो रहा है यह तब से हो रहा है जब 4.6 अरब साल पहले सूर्य का अस्तित्व आया था.

पृथ्वी नहीं सहेज सकी प्रभाव
हमारी पृथ्वी जैसे ग्रह पर पुरातन सूर्य के प्रभावों को हमने गंवा दिया है. हवा के द्वारा अपक्षय, पानी के द्वारा अपरदन और टेक्टेनिक प्लेटों की निरंतर गतिविधियों ने हमारी पृथ्वी की पर्पटी पर पड़े सूर्य के प्रभावों को बदल दिया है. ये प्रभाव या तो उड़ गए या फिर मेंटल की गहराई में दफन हो गए. लेकिन निष्क्रिय संसार इस मामले में बेहतर हैं और वे एक शानदार रिकॉर्ड रखने वाले साबित हुए हैं.

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चंद्रमा (Moon) की सतह पर आज भी पुरातन सूर्य के विकिरण प्रभाव कायम होंगे जो सूर्य का इतिहास बता सकते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

सूर्य के नजरिए से
इस अध्ययन का श्वेतपत्र हाल ही में आर्काइव जर्नल में प्रीप्रिंट के लिए में आने वाला है. इस तरह के निष्क्रिय संसारों में चंद्रमा हमारे सबसे पास और सुलभ है और आर्टिमिस अभियानों की शृंखला का लक्ष्य भी है. इसलिए, वैज्ञानिकों के अनुसार, हमें चंद्रमा का अध्ययन सूर्य के नजरिए से भी करना चाहिए.

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चंद्रमा की घटनाएं
लेकिन ऐसा भी नहीं है कि चंद्रमा की सतह पर कभी किसी तरह का बाहरी प्रभाव नहीं पड़ा. उसकी सतह पर क्षुद्रग्रह के टकारव हुए हैं. सतह पर लावा बहा है. लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इन घटनाओं ने पृथ्वी पर सूर्य के प्रभाव को मिटाने के जैसा काम ना करते हुए उन्हें संरक्षित करने का काम किया है.

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चंद्रमा (Moon) पर उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों के टकारवों ने पुरातन सूर्य के प्रभावों को संरक्षित करने में मदद की होगी. (फाइल फोटो)

संरक्षित किया होगा पुरातन प्रभाव
लावा के बहावों ने चंद्रमा की सतह उस समय और उससे पहले पड़े सूर्य को प्रभाव को  सहेज कर बंद कर दिया और आने वाले समय में सूर्य की रोशनी और अन्य विकिरण के प्रभाव से भी संरक्षित कर लिया. अगर हम चंद्रमा की सतह पर खुदाई कर वहां के लावा बहाव के नीचे की परतों तक पहुंच सके तो हमें लावा के प्रवाह के समय के सूर्य के इतिहास की जानकारी मिल सकेगी.

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जहां टकरावों ने चीजों में मिश्रण करने का  प्रयास किया होगा., उन्होंने अंदर की परतों की भी बाहर ला दिया होगा जिससे उन तक पहुंच आसान हो गई होगी. शोधकर्ताओं ने कुछ प्रमुख तत्वों को भी रेखांकित किया जिन्हें चंद्रमा के नमूनों से मापा जा सकता है. नमूने कितने समय तक सूर्य के विकिरण के प्रभाव में रहे, इस जानकारी से उस दौर में, यानि कुछ अरब साल पहले सूर्य के विकिरण की दर का अनुमान लगाया जा सकता है. इसी तरह से कई अन्य बातों की भी जानकारी मिल सकती है. कुल मिलाकर चंद्रमा एक सूर्य कैप्सूल साबित हो सकता है.

Tags: Earth, Moon, Research, Science, Solar system, Space, Sun

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