इस विदेशी शहर में मिल रहा है सिर्फ 85 रुपए में घर, है पूरी तरह कोरोना-फ्री

इस विदेशी शहर में मिल रहा है सिर्फ 85 रुपए में घर, है पूरी तरह कोरोना-फ्री
इटली के कैलेब्रिया इलाके में बसे इस गांव Cinquefrondi में अब घरों की बिक्री हो रही है (Photo-pixabay)

जितने पैसों में बहुत से लोग एक खास ब्रांड की सबसे सस्ती चाय पीते हैं, उतने में इटली के एक शहर में घर खरीदा जा सकता (one can buy a house in European nation Italy) है. महज 85 रुपयों में मिल रहे ये घर जहां बसे हैं, वहां कोरोना का कोई भी मामला नहीं.

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दुनियाभर में कोरोना संक्रमण (coronavirus infection) तेजी से बढ़ा है. यूरोपियन देश इटली (Italy) में कुछ ही हफ्तों पहले संक्रमण से मारामारी मची हुई थी. हालांकि तब भी इसका एक हिस्सा ऐसा था, जहां अब तक कोई भी कोरोना केस नहीं आया. इटली के कैलेब्रिया इलाके में बसे इस गांव Cinquefrondi में अब घरों की बिक्री हो रही है और इसकी कीमत है सिर्फ 85 रुपए. इतनी कम कीमत पर घरों को बेचने की सबसे खास वजह है कि गांववाले अपने इलाके में आबादी बढ़ाना चाहते हैं.

बीते ही साल इंटरनेशनल मीडिया में एक खबर सुर्खियों में थी. वहां एक शहर में बसने के बदले सरकार मुफ्त में पैसे और घर दे रही थी. शर्त एक ही थी कि परिवार बसा-बसाया हो, यानी उसमें पति-पत्नी और कम से कम एक बच्चा जरूर हो. इसके पीछे इटली के स्थानीय प्रशासन का इरादा था कि इलाके में बसाहट शुरू हो सके, जो कि माइग्रेशन की वजह से रुक गई थी. अब इसी तर्ज पर इटली से ही दोबारा एक गांव की बात आ रही है. यहां 100 रुपयों से भी कम कीमत पर बिक्री के लिए घर उपलब्ध हैं.

मेयर माइकल कोनिया के मुताबिक घरों की कीमत एक यूरो (लगभग 85 रुपए) है (Photo-pixabay)




इस शहर के भी सुनसान होने की यही वजह रही कि यहां से युवा पीढ़ी पढ़ाई और फिर नौकरी के लिए शहर बाहर जाती गई. इस तरह से शहर खाली होता गया. इटली के दक्षिणी हिस्से में बसा ये शहर प्राकृतिक तौर पर काफी खूबसूरत है और यहां से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर समुद्र तट है, जहां कार से या फिर पैदल भी जाया जा सकता है.
शहर के मेयर माइकल कोनिया के मुताबिक घरों की कीमत एक यूरो (85 रुपए) है. इसके साथ ही इंश्योरेंस पॉलिसी के लगभग 19 हजार रुपए भरने होंगे. लोगों और खासकर युवा परिवारों को बसाने की इस योजना को मेयर ने Operation Beauty नाम दिया है. इसके तहत शहर के सारे हिस्सों में बसाहट की योजना बनाई जी रही है. माना जा रहा है कि यहां वही लोग प्रॉपर्टी ले सकेंगे, जिनकी लंबे वक्त तक यहीं रहने की योजना हो. इतनी कम कीमत पर प्रॉपर्टी लेने के बाद बस मालिक को घर की हालत सुधारने के लिए थोड़े पैसे लगाने होंगे क्योंकि ज्यादातर घर खस्ताहाल हैं और काफी समय से खाली पड़े हैं.

प्रॉपर्टी लेने के बाद मालिक को घर की हालत सुधारने के लिए थोड़े पैसे लगाने होंगे (Photo-pixabay)


वैसे इटली में गांव या शहर छोड़कर जा चुके लोगों के बाद इलाकों को दोबारा बसाने के लिए न्यूनतम कीमत पर घर बेचने का ट्रेंड काफी चल रहा है. इससे साथ ही इटली के दक्षिणी शहरों में भी एक यूरो में घर बेचने की स्कीम चल रही है. इटली के सिसली इलाके के मुसोमेली में एक यूरो के विला बिकाऊ हैं. बस उनकी दो शर्तें हैं. एक तो यहां लंबे समय तक रहना होगा और दूसरा इन घरों की मरम्मत खुद करानी होगी.

इसी तरह से स्वीडन में एक पूरा का पूरा गांव बिकने के लिए रखा गया है, वो भी सिर्फ 1 करोड़ डॉलर यानी 75 करोड़ 55 लाख रुपयों में. Sätra Brunn नाम के इस गांव की सबसे बड़ी खूबी ये है कि यह देश की राजधानी स्टॉकहोम से केवल डेढ़ घंटे की दूरी पर है. यानी अगर कोई गांव खरीदेगा तो वो गांव में रहते हुए राजधानी से भी जुड़ा रह सकेगा. वैसे इस गांव का इतिहास काफी दिलचस्प है. ये अपने हेल्थ रिजॉर्ट के लिए मशहूर रह चुका है. आज से 320 सालों पहले से ही यहां पर स्पा सेंटर चलाए जा रहे हैं, जहां दुनियाभर के सैलानी स्पा लेने आया करते हैं.

गांव खुद 62 एकड़ में फैला हुआ है लेकिन इसके साथ ही अतिरिक्त 84 एकड़ भी हैं. ये एक्सट्रा जमीन खेती-किसानी और बागवानी के लिए रखी गई है. माना जा रहा है कि साढ़े तीन सौ साल पुराने इस गांव को सहेजने के लिए तैयार होने पर स्वीडन की सरकार खरीददार को काफी चीजों में रियायत भी दे सकती है.

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