रामायण, बापू, बॉलीवुड: किस तरह बचपन से भारत के फैन रहे ओबामा?

ओबामा की पेंटिंग बनाता एक भारतीय कलाकार. (File Photo)
ओबामा की पेंटिंग बनाता एक भारतीय कलाकार. (File Photo)

राहुल गांधी (Rahul Gandhi), सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के बारे में पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट की टिप्पणियों के बाद जानिए कि भारत की संस्कृति, इतिहास और प्रेरणा को बराक ओबामा (Barack Obama Book) ने किस नज़रिये से देखा और जिया.

  • News18India
  • Last Updated: November 18, 2020, 7:32 AM IST
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'ए प्रॉमिस्ड लैंड', यह उस किताब का नाम है, जो इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रही है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Ex US President Obama) ने यह किताब एक तरह से आत्मकथा के तौर पर लिखी है और इसमें अपने जीवन व अनुभव से जुड़े कई प्रसंग साझा किए हैं. इस किताब में भारतीय नेताओं (Indian Politics) और राजनीति पर की गई टिप्पणियां ध्यान आकर्षित कर चुकी हैं, लेकिन भारत के बारे में ओबामा ने अपने अनुभव (Obama on India) जिस तरह साझा किए हैं, वो काफी दिलचस्प होने के बावजूद ज़्यादा चर्चा में नहीं आए.

कई तरह के राज़ खोलते हुए ओबामा ने अपनी किताब में लिखा कि कैसे भारत की संस्कृति से उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा था और अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद भारत यात्रा के लिए वो किस कदर उत्साहित थे. आइए इस किताब के पन्नों की परतों में छुपे कुछ ऐसे प्रसंगों को देखते हैं, जिनमें ओबामा भारत के फैन नज़र आते हैं.

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राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं पर ओबामा ने अपनी किताब में टिप्पणी की है.

हिंदू ग्रंथों से रहा लगाव
नोबेल पुरस्कार विजेता ओबामा लिखते हैं कि बचपन से ही उनके मन में भारतीय संस्कृति के लिए एक खास जगह बन गई थी. इसकी वजह बताते हुए लिखते हैं चूंकि इंडोनेशिया में उनके बचपन के दिन गुज़रे तो वहां वो रामायण और महाभारत की कई तरह की कहानियां सुना करते थे. इसके अलावा, भारत से लगाव की कुछ और वजहें भी रहीं. ओबामा लिखते हैं :

हो सकता है कि भारत का बहुत बड़ा आकार, दुनिया की आबादी के छठवें हिस्से का घर, तकरीबन दो हज़ार सांस्कृतिक सामुदायिक समूह और सात सौ ज़्यादा भाषाओं वाला देश होने के कारण भारत मुझे हमेशा फैसिनेट करता रहा.


किताब में यह भी दर्ज है कि ओबामा को भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद 2010 में पहली बार भारत आने का मौका मिल पाया, लेकिन उसके काफी पहले से ही भारत उनके खयालों में बना रहा था और उनके मन में इस देश की एक खास छवि और जगह थी.

कैसे हुआ बॉलीवुड फिल्मों का शौक?
इंडोनेशिया में बचपन के दिनों में हिंदू धर्म की पौराणिक कहानियों से वाबस्ता होने का कारण बताते हुए ओबामा यह भी दर्ज करते हैं कि उनका झुकाव बचपन से ही पूरब के धर्मों की तरफ था, इसलिए भी भारत की सांस्कृतिक धरोहरों का प्रभाव उन पर पड़ा. इसके अलावा, ओबामा ने एक दिलचस्प किस्सा बताते हुए यह भी लिखा कि कॉलेज के समय में उनके दोस्तों में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के कुछ साथी थे.

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इन्हीं हिंदोस्तानी और पाकिस्तानी साथियों की सोहबत का असर था कि ओबामा ने दाल और कीमा बनाना भी सीखा था और बॉलीवुड फिल्मों का आनंद लेना भी. इसके अलावा, भारत को लेकर एक व्यापक दृष्टिकोण और रिश्ता उजागर करने वाली किताब में ओबामा ने भारत के महात्मा का भी खुलकर ज़िक्र किया है.

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भारत यात्रा के दौरान मणि भवन पहुंचे थे ओबामा.


महात्मा गांधी कैसे रहे प्रेरणा?
सत्याग्रह और गांधीवादी विचारधारा के बारे में अपने मन की बात लिखते हुए ओबामा ने कहा कि गांधीवाद के असर से वो अछूते नहीं रहे. महात्मा गांधी के विचारों और छवि के असर के कारण ही भारत के प्रति उनका फैसिनेशन और लगाव प्रगाढ़ रहा. ओबामा ने यह भी ज़िक्र किया कि महात्मा से वो इतने प्रभावित थे कि भारत यात्रा पर वो महात्मा गांधी के निवास रहे मणि भवन भी गए थे और वहां अपनी पत्नी मिशेल के साथ समय बिताया था.

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ओबामा ने महात्मा के ज़िक्र के बीच यह भी लिखा कि अपने अद्भुत प्रभाव के बावजूद कैसे महात्मा भारत के विभाजन को रोकने में नाकाम हो गए थे. यही नहीं, महात्मा की लाख कोशिशों के बावजूद भारत 'जाति व्यवस्था' के दोषों से मुक्त नहीं हो सका और यह विडंबना है कि 'अब भी भारत की राजनीति धर्म, जाति और वंश के इर्द गिर्द ही घूमती रहती है.'

गौरतलब है कि यह किताब ओबामा के उन अनुभवों पर फोकस करती है, जो ​2008 में उनके चुनावी अभियान से शुरू होते हैं और वहां खत्म होती है, जहां अपने कार्यकाल के आखिर में ओबामा पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को सर्जिकल स्ट्राइक में मार गिराने के नायक बनते हैं. इस किताब के दो संस्करणों में से पहला प्रकाशित हो चुका है और दूसरे की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है.
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