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जानिए कैसे चीन ने केवल 4 दिन में बना दिया कोरोनावायरस के लिए मेगा हॉस्पिटल

News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 3:08 PM IST
जानिए कैसे चीन ने केवल 4 दिन में बना दिया कोरोनावायरस के लिए मेगा हॉस्पिटल
चीनी सरकार ने इस अस्पताल का नाम Fire God Mountain Hospital रखा है.

कोरोनावायरस (CoronaVirus) से अब तक दुनियाभर में 106 से ज्यादा लोग मर चुके हैं. हजारों लोग बीमार हैं. ये तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है.

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  • Last Updated: January 28, 2020, 3:08 PM IST
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कोरोनावायरस (CoronaVirus) के बढ़ते कहर के मद्देनजर चीन व्यापक तैयारियों में लगा हुआ है. इसी क्रम में चीन ने महज चार दिनों के भीतर 1000 बेड का बहुत बड़ा अस्पताल लगभग तैयार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक चीन इस अस्पताल को 2 दिनों के भीतर पूरा कर लेगा. चीनी सरकार ने इस अस्पताल का नाम Fire God Mountain Hospital रखा है. ये अस्पताल वुहान में बनाया गया है जो इस बीमारी की सबसे ज्यादा चपेट में हैं. यह अस्पताल 6 एकड़ में फैला हुआ है. माना जा रहा है कि इस अस्पताल में रोगियों की भर्ती 3 फरवरी से शुरू कर दी जाएगी.

चीन को ही माना जा रहा जिम्मेदार
गौरतलब है कोरोनावायरस से अब तक दुनियाभर में 106 से ज्यादा लोग मर चुके हैं. हजारों लोग बीमार हैं. ये तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है. आशंका जताई जा रही है कि ये बीमारी बेकाबू होकर हाल के बरसों की सबसे बड़ी महामारी बन सकती है. इसकी वजह काफी हद तक चीन का रुख है. अगर चीन ने एक महीने से कहीं ज्यादा समय तक इसे दुनिया से छिपाया नहीं होता तो ये हालत इतनी खराब नहीं होती. ये रिपोर्ट्स आ रही हैं कि चीन ने लगातार अपने यहां इस बीमारी और बीमार पड़े लोगों की तादाद को छिपाया. दुनिया के सामने इसे तब तक जाहिर नहीं किया जब तक कि इसने बड़ा रूप नहीं ले लिया. इस बीमारी का वायरस निमोनिया से मिलता जुलता है लेकिन उससे कहीं ज्यादा खतरनाक.

इस अस्पताल को अस्थाई तौर पर तैयार किया गया है. इस तरह का एक अस्पताल राजधानी बीजिंग में 2003 में भी बनाया गया था जब सार्स संक्रमण ने कहर बरपाया था.
इस अस्पताल को अस्थाई तौर पर तैयार किया गया है. इस तरह का एक अस्पताल राजधानी बीजिंग में 2003 में भी बनाया गया था जब सार्स संक्रमण ने कहर बरपाया था.


अब भी चीन छिपा रहा है बीमारों की संख्या
माना जा रहा है कि चीन अब भी अपने यहां कोरोना वायरस से ग्रस्त लोगों की संख्या के साथ मरने वालों की संख्या छिपा रहा है. जिस वायरस फैमिली को इस रहस्यमय बीमारी के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है, वो कोरोना वायरस है. जर्मनी की एक इंटरनेशनल लैब ने इस वायरस को नोवेल कोरोना वायरस का नाम दिया है. ये वायरस पहली बार चीन में ही विकसित हुआ है.

सांप से फैला वायरस!इस वायरस के बारे में हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं. सीएनएन न्यूज पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक सांप इस वायरस की उत्पत्ति का मुख्य स्रोत हो सकते हैं. मुख्य रूप से Chinese krait और Chinese cobra सांपों से इसकी उत्पत्ति मानी जा रही है. ये दोनों बेहद विषैले सांप हैं. इस रिसर्च को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि इससे इलाज तलाशने में आसानी होगी. कुछ ही समय पहले World Health Organisation (WHO) ने बताया था कि यह वायरस जानवरों से संबंधित है. WHO ने कई जानवरों का नाम लिया था. इसके अलावा मांस और मछली बाजारों पर भी संदेह जाहिर किया गया था. इसी के बाद कोरोना वायरस का जेनेटिक डिटेल्स बेस्ड एनालिसिस किया गया है.

हिमाचल में कोरोना वायरल को लेकर अलर्ट. (सांकेतिक तस्वीर)

कितना गंभीर है ये वायरस?
कोरोना वायरस के कारण अमूमन संक्रमित लोगों में सर्दी-जुक़ाम के लक्षण नज़र आते हैं लेकिन धीरे-धीरे इसके गंभीर लक्षण दिखना शुरू होते हैं. तब तक ये वायरस फेफड़ों पर घातक हमला कर चुका होता है. उसके बाद मरीज की हालत गंभीर हो जाती है. उसे बचाना मुश्किल होता है. इस बीमारी के शिकार लोगों में शुरुआत में सिरदर्द, नाक बहना, खांसी, गले में ख़राश, बुखार, अस्वस्थता का अहसास होना, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना, थकान महसूस करना आदि होता है. बाद में ये निमोनिया की तरह लगने लगती है. मूलतौर पर ये फेफड़ों पर हमला करती है और इसे नुकसान पहुंचाती है. जिसके बाद बचना मुश्किल हो जाता है.

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First published: January 28, 2020, 3:00 PM IST
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