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हज़ारों लोगों के साथ चीन में कैसे गायब हो जाती हैं बड़ी-बड़ी शख्सियतें?

प्रतीकात्मक तस्वीर.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

एक रिपोर्ट की मानें तो चीन सरकार के खिलाफ जो आवाज़ उठाए, उसे डेज़िगनेटेड लोकेशन रेज़िडेंशियल सर्विलांस (RSDL) सिस्टम के ज़रिये पकड़कर गायब करवा दिया जाता है. चीन में कम्युनिस्ट शासन (Communist Party of China) क्या दिखावा है, क्या तानाशाही नहीं है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 8:07 AM IST
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चीन के अरबपति उद्योगपति (Billionaire Entrepreneur) जैक मा (Alibaba Founder Jack Ma) के गायब हो जाने की खबरों के बीच क्या आपको पता है कि चीन में बड़ी हस्तियां पहले भी अचानक गायब होती रही हैं? जी हां, चीनी सरकार (China Government) के खिलाफ जो भी आवाज़ उठाता है, वो 'गायब' हो जाता है. और 2013 में शी जिनपिंग (Xi Jinping) के चीनी राष्ट्रपति (Chinese President) बनने के बाद से लोगों का इस तरह 'गायब' होना बढ़ा है. सिर्फ असंतुष्ट ही नहीं, एक्टिविस्ट, मार्क्सवादी, आला आधिकारी और यहां तक विदेशी भी गायब हो जाते हैं, अगर सरकार के खिलाफ जाएं.

अलीबाबा के संस्थापक उद्योगपति जैक मा के गायब होने संबंधी अपडेट के मुताबिक हांगकांग के एशिया टाइम्स की मानें तो जैक 'एंब्रेसिंग सुपरविज़न' के शिकार हैं, इसका साधारण अर्थ यह हो सकता है कि उन्हें जेल में ठूंस दिया गया हो. पिछले दो महीने से जैक के नज़र न आने के बाद ऐसी रिपोर्ट्स बनी हुई हैं कि उन्हें गायब कर दिया गया. जानिए चीन में कैसे कई हस्तियां गायब होती रहीं.

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30,000 लोग हो चुके गायब?
जी हां. चीन में साल 2013 से गायब हुए लोगों का एक आंकड़ा यह है, जो मानवाधिकार संगठन सेफगार्ड डिफेंडर्स ने जारी किया था. 'बेकाबू दमन' के नाम से इस संस्था ने रिपोर्ट छापकर कहा था कि 2020 में हर दिन चीन में कम से कम 20 लोगों के गायब होने का अनुमान है. सच्चाई कितनी खतरनाक है, ये भी देखिए.

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अलीबाबा उद्योग के संस्थापक जैक मा.


एक बिज़नेसमैन फेंग के घर पर आधी रात कुछ बख्तरबंद लोग दस्तक देते हैं और कहते हैं कि उन्हें मेडिकल क्वारंटाइन में ले जाया जाना है. फेंग को समझ में नहीं आता क्योंकि अव्वल तो वो बीमार नहीं और लेने आये लोग स्वास्थ्यकर्मी नहीं पुलिस के हैं. फेंग का जुर्म यह था कि उसने कोरोना वायरस से मर रहे लोगों और उन्हें अस्पताल में पड़ी लाशों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था.

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इससे पहले कि इस वीडियो को सेंसर किया जाता, इसे 2 लाख बार देखा जा चुका था. डेली मेल की अप्रैल 2020 की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन में गायब किए जा रहे लोगों में से कम से कम मारा जा चुका था और बाकियों के बारे में महीनों से कोई खबर नहीं थी. ये तो हुई आम लोगों की बात, अब जानिए कैसे जाने-माने लोग भी चीन में गायब होते रहे.

जब बिंगबिंग हुईं थी गायब!
दुनिया में सबसे ज़्यादा मेहनताना पाने वाली मॉडल और एक्ट्रेस बन गईं फैन बिंगबिंग को एक समय में चीन की आर्थिक सफलता का आइकॉन माना जाने लगा था. सिर्फ 17 साल की उम्र में फिल्मों और टीवी में काम की बदौलत अपने सोशल मीडिया अकाउंट वीबो पर 6 करोड़ से ज़्यादा फॉलोअर्स रखने वाली बिंगबिंग करीब चार महीनों के लिए अचानक गायब हो गई थीं.

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किसी कार्यक्रम या किसी प्रशंसक से चार महीनों तक राब्ता न रखने वाली बिंगबिंग ने जब वापसी की तो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने टैक्स से बचने की कोशिशें की थीं. खबरों में कहा गया था कि बिंगबिंग को टैक्स और जुर्माने के तौर पर करीब 13 करोड़ डॉलर चुकाने पड़े थे. लेकिन बिंगबिंग ने सबके सामने कहा था 'पार्टी और देश की बेमिसाल नीतियों के बगैर मैं कुछ नहीं हूं.'

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चीनी सेलिब्रिटी फैन बिंगबिंग.


वहीं समाचार एजेंसियों के कार्यक्रमों में कहा गया 'देश के कानून के सामने कोई सुपरस्टार या 'बड़ा आदमी' नहीं है, सब बराबर हैं. कानून तोड़कर कोई खुद को भाग्यशाली मानने की झूठी उम्मीद नहीं कर सकता.'

सुरक्षा अधिकारी के गायब होने ने चौंकाया था
फ्रांस बेस्ड संस्था इंटरपोल में जब मेंग होंगवी को पदस्थ किया गया तब ऐसे अंदेशे जताए गए थे कि चीन इंटरपोल को दुश्मन देशों के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगा. लेकिन हुआ इसका उलट! जी हां, इंटरपोल से जुड़े फोर्सों ने ही मेंग को गायब कर दिया. 2018 में कई हफ्तों तक गायब रहने के बाद मेंग के बारे में खुलासा हुआ था.

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चीनी अधिकारियों ने बताया कि रिश्वतखोरी और अन्य मामलों में मेंग से पूछताछ की जा रही थी. यही नहीं, चीनी अफसरों के ज़रिये मेंग का इस्तीफा भी इंटरपोल मुख्यालय पहुंचाया गया था. दूसरी तरफ, मेंग की पत्नी ग्रैस ने चीन की इस पूरी कार्यवाही पर सवाल खड़े किए थे और मेंग पर लगे आरोपों का झूठा करार दिया था.

फोटोग्राफर इस तरह हुआ था शिकार
सेंट्रल चीन के ग्रामीणों की कहानी ये थी कि वो छोटी सी रकम के लिए अपना खून बेचते थे और इसी चक्कर में एड्स के शिकार हो गए थे. इन एचआईवी मरीज़ों की रोज़मर्रा की दुखद ज़िंदगी को लू गुआंग ने तस्वीरों में उतारकर लोगों तक पहुंचाया. हाशिये के लोगों की पीड़ा को सामने लाने के लिए पहले फैक्ट्री वर्कर रहे लू ने फोटोग्राफर के तौर पर काफी यात्रा भी की.

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इंटरपोल के चीफ बने मेंग का चीन में गायब होना दुनिया भर में सुर्खी बना था.


लू के इस काम के लिए उन्हें अंतर्राष्ट्री अवॉर्ड तक मिले, लेकिन चीनी सरकार से बजाय तारीफ के मिली सज़ा. नवंबर 2018 में जब लू तनाव वाले इलाके झिनझियांग की तरफ यात्रा कर रहे थे, तब वो कहां चले गये, किसी को नहीं पता था. गायब होने के एक महीने बाद लू के परिवार को बतया गया कि लू को झिनझियांग में गिरफ्तार कर लिया गया था.

फिर छात्र किस खेत की मूली हैं?
चीन में काफी समय से कम्युनिस्ट यानी एक पार्टी के शासन को खत्म कर लोकतंत्र बहाली के लिए प्रदर्शन करने वाले छात्रों को जेल में डाला जाता रहा, लेकिन युवा मार्क्सवादियों को निशाना बनाना चीन के लिए दो साल पहले नई बात थी. चीन की बेहतरीन यूनिवर्सिटियों में पढ़ने वाले इन युवाओं ने जब एक यूनियन बनाने की कवायद की, तो इनमें से एक 20 वर्षीय यूइ झिन अचानक गायब हो गई.

ये वही ​लड़की थी जिसने दशकों पुराने बलात्कार मामलों में जांच और उनके नतीजों को सार्वजनिक करने की मांग की थी. मार्क्स के फोटो की टीशर्ट पहनकर कई विरोध प्रदर्शनों में दिख चुकी झिन ने इंसाफ की मांग करते हुए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के नाम एक ओपन लेटर भी लिखा था.

मी टू कैंपेन से लेकर मज़दूरों के अधिकार के लिए लड़ाई का युवा चेहरा बनी पेकिंग यूनिवर्सिटी की झिन अगस्त 2018 में अचानक गायब हो गई थी. जनवरी 2019 में एक संस्था ने दावा किया था कि झिन उन लोगों में शुमार थी,​ जिन्हें चीनी सरकारी फोर्स ब्रेनवॉश करने के लिए अगवा करके ले गई. झिन की गिरफ्तारी पर नोम चॉम्स्की जैसे दुनिया के शीर्ष मार्क्सवादियों ने चीनी मार्क्सवादी अकादमिक गतिविधियों का बॉयकॉट करने की बात कही थी.

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फोटोग्राफर लू गुआंग की खींची यह तस्वीर अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में चर्चित रही थी.


और विदेशी मोहरे भी नहीं बख्शे गए
कनाडा के दो लोग चीन में अचानक गायब हो गए थे और बाद में 2018 में ही, पता चला कि सुरक्षा बलों की गिरफ्त में थे. इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे जैसे आरोप लगाए गए थे. यही नहीं, कनाडा के पूर्व राज​नयिक माइकल कोवरिग तक इस चीनी दमन के शिकार हुए. उन्हें गिरफ्तार करने के बाद महीने में सिर्फ एक बार वकील से मिलने की इजाज़त दी गई थी.

वैक्सीन अप्रूवल पर विवाद, विशेषज्ञों के सवालों के बाद टीके कितने भरोसेमंद?

बॉर्डर सिटी डैनडोंग से उत्तर कोरिया के टूर आयोजित करने वाले एक और विदेशी माइकल स्पैवॉर को भी इसी तरह गुपचुप तरीके से पकड़ा गया था. कनाडा के लोगों के खिलाफ चीन में कुछ सालों से सरकार का यही रवैया दिखा है. एक दशक से कॉफी शॉप चलाने वाले एक कनाडाई कपल को 2014 में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे के इल्ज़ाम में पकड़ लिया गया था.

द डिप्लोमैट की रिपोर्ट की मानें तो एक चीनी अ​फसर को कनाडा में गिरफ्तार किए जाने के बदले के तौर पर चीन में कनाडाई लोगों के साथ दमन और अत्याचार शुरू हुआ.
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