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500 फुटबॉल मैदानों के बराबर बना दिया एयरपोर्ट, अब चीन को संभालना नामुमकिन

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 12:27 PM IST

चीन ने अपने देश में एयरपोर्ट्स की संख्या के साथ हवाई यात्री बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू किया है. अगले तीन सालों में वो इस सेक्टर में अमेरिका को पछाड़ कर नंबर एक बन जाएगा.

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सवाल यही है कि चीन इतने बड़े पैमाने पर इतना कुछ कर कैसे पाता है कि दुनियाभर की आंखें खुली की खुली रह जाती हैं. मुश्किल से पांच साल पहले बीजिंग में लंबे चौड़े नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की योजना बनाई गई, अब ये बनकर तैयार है. सितंबर में जब ये शुरू होगा तो दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा. यही नहीं चीन इतनी तेजी से अपने बड़े और छोटे शहरों में एयरपोर्ट्स बना रहा है कि दुनिया हैरान है.

अगर यही रफ्तार रही तो चीन में एक दिन सबसे ज्यादा फ्लाइट्स उड़ेंगी और दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोग हवाई सफर करेंगे. यूं भी चीन के बारे में कहा जाता है कि अब यहां ज्यादातर लोग हवाई सफर कर चुके हैं. चीन के भीड़ भरे एयरपोर्ट्स की खबरें भी लगातार सुर्खियां बनती रहती हैं. बीजिंग और दूसरे एयरपोर्ट्स पर भीड़ इस कदर बढ़ रही है कि संभाले नहीं संभल रही.

हर साल 20-30 नए एयरपोर्ट 
ऐसे में चीन ने योजना बनाई कि अब वो बड़े पैमाने पर एयरपोर्ट्स बनाएगा. बस फैसला होते ही वहां रन-वे और टर्मिनल बनने लगे हैं. हर साल 20-30 नए एयरपोर्ट सामने आ रहे हैं. वर्ष 2035 तक वो दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय एयरपोर्ट्स का देश बन जाएगा, जिसके ज्यादातर हवाई अड्डे इंटरनेशनल होंगे.

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एक जमाने में भारत आगे था
मुश्किल से बीस साल पहले भारत एयरपोर्ट्स के मामले में चीन से आगे था, लेकिन दो दशकों में चीन ने हवाई इंफ्रास्ट्रक्चर पर करोड़ों डॉलर बहाए हैं. वो अरबों डॉलर और लगाकर दुनिया के बेहतरीन और बड़े एयरपोर्ट्स बनाने की तैयारी में है. हैरान मत होइए, लेकिन ये सही है कि अगले पांच सालों में दुनिया के एक चौथाई हवाई यात्री चीन में यात्रा कर रहे होंगे.
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बीजिंग का नया डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो अब बनकर लगभग तैयार है


अमेरिका को छोड़ देगा पीछे 
अभी इस मामले में अमेरिका नंबर वन की पोजीशन पर है, लेकिन जैसे ही सितंबर में बीजिंग का नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने काम शुरू करेगा, तब ना केवल ये एयरपोर्ट दुनिया का सबसे बेहतरीन और सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा बल्कि फ्लाइट्स और यात्रियों की तादाद में भी सबको पीछे छोड़ देगा. हालांकि हवाई सफर और एयरपोर्ट्स के मामले में भारत फिलहाल नंबर तीन है.

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भीड़ तो हमारे यहां भी बढ़ रही है लेकिन 
हमारे यहां भी हवाई यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है लेकिन मुश्किल ये है कि अभी हमारे पास 129 सिविल एयरपोर्ट हैं, जिसमें 50 के आसपास ही फ्लाइट्स के मामले में खासे सक्रिय हैं. इसमें 34 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं. भारत भी नए एयरपोर्ट्स की योजना बना रहा है. 2020 तक भारत में 30 नए एयरपोर्ट बनने की उम्मीद है. लेकिन भारत में नए एयरपोर्ट्स के आधुनिकीकरण और विस्तार को लेकर योजनाएं इतनी महत्वाकांक्षी नहीं हैं.

चीन ने अगले कुछ सालों में तेजी से देश में एयरपोर्ट्स के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना बनाई हुई है


इस महीने बन जाएगा सबसे बड़ा एयरपोर्ट 
सीएनएन की एक रिपोर्ट कहती है कि चीन सैकड़ों एयरपोर्ट्स बना रहा है. जिससे उसकी एयर इंडस्ट्री दुनिया की सबसे बड़ी इंडस्ट्री में तब्दील होने वाली है. यही रिपोर्ट ये भी कहती है कि फिलहाल चीन ऐसा देश है, जहां अधिकतम लोग हवा में उड़ रहे हैं. अगले तीन सालों में वो अमेरिका को पीछे छोड़ देगा.
बीजिंग में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट में इस महीने से कुछ फ्लाइट्स शुरू होने की बात है. सितंबर में जब ये आधिकारिक रूप में शुरू होगा तो दुनिया के सबसे बड़े हार्ट्सफील्ड जैक्सन अटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पीछे छोड़ देगा.

बीजिंग के नए एयरपोर्ट में सालभर में 100 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी. ये एयरपोर्ट 500 फुटबॉल मैदानों की लंबाई-चौड़ाई के बराबर बड़ा है. इसमें चार रन-वे होंगे.

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तब बीजिंग में होंगे दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट 
फिलहाल बीजिंग में पहले से कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जहां से काफी बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं, ये दुनिया के सबसे व्यस्तम एयरपोर्ट में एक है. नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बनने के बाद चीन अपने दोनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के साथ बढ़ी क्षमता से काम करेगा.

बीजिंग के अलावा शंघाई में दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स हैं और तीसरे पर काम चल रहा है. उसी तरह गुआंगझाऊ में दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जा रहा है. चीन में हर साल एविएशन सेक्टर 10 फीसदी से कहीं ज्यादा की दर से बढ़ रहा है.

बीजिंग का कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट


कैसे कर लेता है चीन ऐसा 
लोग हैरान हो सकते हैं चीन इतने बड़े पैमाने पर और इतना पैसा एक साथ झोंककर कैसे काम कर लेता है. लेकिन ये तो चीन कई सालों से करके दिखा रहा है. कम समय में इंफ्रास्ट्रक्चर में जो काम उसने कर दिखाया, वैसा दुनिया का कोई देश शायद कर पाए. चीन की तेज तरक्की का राज भी यही है. फिर चीन के साथ एक बड़ी ये भी है कि वो अब जो भी काम कर रहा है, उसे वो भविष्य के हिसाब से कर रहा है.

चीन और भारत के एयरपोर्ट पर नजर
एयर अथारिटी ऑफ इंडिया के अनुसार भारत में कुल 123 ऐसे एयरपोर्ट्स हैं, जहां से सिविल उड़ानें संचालित होती हैं. इसमें 50 के करीब ऐसे एयरपोर्ट्स हैं, जहां रोज व्यस्तता रहती है. जो छोटे एयरपोर्ट्स हैं, वहां से आपरेशन कम या ना के बराबर हैं. भारत की योजना 2020 तक अपने एयरपोर्ट्स की संख्या 30 और बढ़ाने की है.

चीन में 234 सिविल एयरपोर्ट्स हैं, जिसमें 100 के आसपास खासे सक्रिय हैं. चीन में सैन्य तौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले एयरपोर्ट्स कहीं ज्यादा हैं. चीन वर्ष 2035 तक 216 नए एयरपोर्ट्स बनाने की योजना बनाए हुए है. जिसमें कई इंटरनेशनल होंगे. चीन में नए बनाने के साथ पुराने एयरपोर्ट्स को अपग्रेड और सुविधा संपन्न करने पर भी काम हो रहा है.

चूंकि चीन लगातार आर्थिक ग्रोथ कर रहा है, लिहाजा उसके लिए तेजी से एयर सेक्टर का विस्तार करना भी बहुत जरूरी हो गया है. ये सेक्टर निश्चित तौर पर उसकी इकोनॉमिक ग्रोथ में उसके बहुत काम आने वाला है.

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First published: May 29, 2019, 8:46 PM IST
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