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लॉकडाउन के बीच वुहान में उम्मीद की सिर्फ एक किरण थी, बाइक वाले डेलिवरीबॉय

लॉकडाउन के बीच वुहान में उम्मीद की सिर्फ एक किरण थी, बाइक वाले डेलिवरीबॉय

76 दिन तक चले इस लॉकडाउन के बीच वुहान के 1.1 करोड़ लोगों के लिए उम्मीद की किरण सिर्फ डेलिवरी बॉय हुआ करते थे.

76 दिन तक चले इस लॉकडाउन के बीच वुहान के 1.1 करोड़ लोगों के लिए उम्मीद की किरण सिर्फ डेलिवरी बॉय हुआ करते थे.

वुहान (Wuhan) में लॉकडाउन (Lockdown) के वक्त सिर्फ डॉक्टर ही लोगों की जान बचाने के लिए काम नहीं कर रहे थे. सड़कों पर तेज रफ्तार बाइक से लोगों के बीच खाना पहुंचाने वाले ये डेलिवरी बॉय (Delivery Boys) भी किसी मसीहा से कम नहीं थे. वुहान में इन्हें भी हीरो माना गया.

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    वुहान (Wuhan) दुनिया की पहली जगह थी जहां पर कोरोना की वजह से सख्त लॉकडाउन (Strict Lockdown) के आदेश दिए गए थे. इस वक्त भले ही दुनिया के कई देशों में एहतियाती तौर पर लॉकडाउन के आदेश दिए गए हों लेकिन वुहान ने लॉकडाउन की मुश्किलें सबसे पहले झेली थीं. कोरोना वायरस का उद्गम स्थल होने की वजह से वुहान में लॉकडाउन बेहद सख्त था. 76 दिन तक चले इस लॉकडाउन के बीच वुहान के 1.1 करोड़ लोगों के लिए उम्मीद की किरण सिर्फ डेलिवरी बॉय हुआ करते थे. लॉकडाउन के बीच लोगों तक खाना पहुंचाने वाले ये डेलिवरी बॉय वुहान के असली हीरो बनकर निकले. लॉकडाउन के दौरान इस शहर की सड़कों पर लेडिवरी बॉय के अलावा कोई और नजर नहीं आता था.

    तीन दिन में एक बार निकलने की थी छूट
    लॉकडाउन के दौरान किसी भी परिवार का कोई व्यक्ति जरूरी सामान लेने के लिए भी तीन दिन में सिर्फ एक बार घर से बाहर निकल सकता था. लोगों के भीतर खुद भी संक्रमित हो जाने का खतरा था क्योंकि चीन के 80 फीसद संक्रमण और मौत के मामले इसी शहर से आए हैं. लेकिन लोगों को भोजन तो करना ही था और इसका सिर्फ एक मात्र विकल्प डेलीवरी बॉय थे. इस दौरान इन डेलीवरी बॉय के भीतर डर कैसे काम करता था इसकी एक कहानी न्ययॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताई गई है.



    डेलिवरी बॉय के भीतर भी था खौफ
    रिपोर्ट में बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान वुहान में Zhang Sai नाम का एक डेलिवरी बॉय लगातार काम कर रहा था. कंपनी की तरफ से उसे निर्देश दिए गए थे कि खाने की डेलिवरी उसे बिल्डिंग के नीचे ही करनी है. यानी दरवाजे तक खाना लेकर नहीं जाना है.

    फरवरी महीने की किसी तारीख को वो एक डेलिवरी देने पहुंचा तो उससे फोन पर ऑर्डर किया गया कि घर के भीतर तक खाना पहुंचा दिया जाए. फोन पर आग्रह एक लड़की कर रही थी जिसकी मां के लिए खाना पहुंचाने Zhang पहुंचा था. उस लड़की की मां चल-फिर नहीं सकती थी और लॉकडाउन की वजह से घर में ही अकेले कैद थी. बेटी चीन में किसी दूसरी जगह रहती थी और वहीं से खाना ऑर्डर किया था और फिर Zhang को कॉल कर आग्रह भी कर रही थी. खैर, Zhang ने मजबूरी समझकर खाना दरवाजे तक पहुंचा दिया और फिर वापस लौटते वक्त लिफ्ट के बाहर लगा बटन अंगुलियों से ही दबा दिया. Zhang ने जल्दीबाजी में ऐसा कर तो दिया था लेकिन फिर उसे डर लगने लगा.

    दरअसल उस समय कई ऐसी खबरें भी चली थीं कि लिफ्ट की वजह से कोरोना तेजी से फैल रहा है. Zhang ने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में बताया कि उसने अपने स्टोर तक वापस पहुंचने तक किसी तरह उस अंगुली को शरीर के दूसरे हिस्सों में छूने नहीं दिया. उसने कहा कि स्कूटी चलाते वक्त ऐसा लग रहा था जैसे मेरी अंगुली किसी झंडे में तब्दील हो गई है. मैं जब रेस्टोरेंट पहुंचा और हाथ धुला तब जाकर कहीं चैन मिला.

    मुश्किल वक्त में ज्यादा काम का था प्रेशर
    Zhang की कहानी कोरोना से उपजे डर के बीच बाहर काम करने वालों की दास्तान भी है. वुहान में काम करने वाले हजारों की संख्या में डेलिवरी बॉय इस खौफ से गुजर रहे थे. वुहान किसी बड़ी जेल में तब्दील हो चुका था. कंपनियों ने लोगों तक ज्यादा से ज्यादा संख्या में होम डेलिवरी करने के लिए बड़ी संख्या में नौजवनों को डेलिवरी बॉय के रूप में रखा था. कई बार दूसरों तक खाना पहुंचाने में लगे ये डेलिवरी बॉय खुद एक ही बार भोजन कर पाते थे.

    किताब लिखने की इच्छा
    लिखने-पढ़ने में दिलचस्पी लेने वाले Zhang ने कोरोना के समय पर एक किताब लिखने की भी सोची है. लॉकडाउन खत्म हो जाने के बाद उन पर प्रेशर बेहद कम हो चुका है. अब शिफ्ट के बाद वो अपना समय ज्यादा पढ़ने और म्यूजिक सनने पर दे रहा है.



    जरूरी मेडिकल उपकरण पहुंचाने वाले कूरियर बॉय
    Zhang की तरह एक व्यक्ति हैं LAO JI. मार्च के शुरुआती सप्ताह में इनका चीन में सुर्खियों में आया था. दरअसल एक मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में LAO JI ने डॉक्टरों तक जरूरी उपकरण पहुंचाए थे जिससे कई लोगों की जान बच सकी. LAO JI कूरियर डेलिवरी मैन के रूप में काम करते हैं. उनकी तरह वुहान में बड़ी संख्या में जरूरी मेडिकल उपकरण और दवाएं पहुंचाने वाले दूसरे कूरियर बॉय ने भी दिन-रात मेहनत की. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक खबर के मुताबिक कोरोना के वक्त सिर्फ डॉक्टर ही लोगों की जान बचाने के लिए काम नहीं कर रहे थे. सड़कों पर तेज रफ्तार बाइक से लोगों के बीच खाना पहुंचाने वाले ये डेलिवरी और कूरियर बॉय भी किसी मसीहा से कम नहीं थे.

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    Tags: China, Corona, COVID 19, Food delivery app, Home delivery, Lockdown

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