कैसे बीता हिटलर का आखिरी दिन

कैसे बीता हिटलर का आखिरी दिन
अडोल्फ हिट्लर (फाइल फोटो)

हिटलर ने सुबह सुबह ईवा ब्रौन से शादी की, लेकिन शादी का जश्न मनाने के बजाए हिटलर के आसपास सभी को आत्महत्या पर चर्चा करने में अधिक दिलचस्पी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2018, 3:05 PM IST
  • Share this:
अप्रैल 1945 के आखिरी हफ्ते तक जर्मनी की हार तय हो चुकी थी. मित्र सेनाओं का शिकंजा कसता जा रहा था. अब जर्मनी को बचाने की आखिरी लड़ाई में बूढे और बच्चे भी कूद चुके थे.

जर्मनी के लोग पहले से ही हिटलर से आस छोड़ चुके थे. 20 अप्रैल को उनके जन्मदिन पर एक सार्वजनिक उपस्थिति के बाद से हिटलर हर सार्वजनिक कार्यक्रम से अनुपस्थित रहा था. असल में वह बर्लिन के दिल में ब्रांडेनबर्ग गेट के पास एक बंकर में घुस गया था, जो उसके कमांड स्टाफ और कुछ निजी नागरिकों से घिरा हुआ था, जिसमें उनकी प्रेमिका ईवा ब्रौन भी शामिल थीं.

जैसे-जैसे अमेरिकी सेनाएं पश्चिम से बढ़ीं, और पूर्व में निरंतर सोवियत टैंक, हिटलर के जनरलों का भी हौसला बदसे बदतर होता गया. यह सोच सोच कर कि उसके करीबी सलाहकार ही उसे धोखा देंगे, हिटलर लगातार अपना आपा खोता रहा. उसे जब मालूम हुआ कि उसके एक कमांडर फेलिक्स स्टीनर ने उसके आदेश मानने से इंकार कर दिया था, हिटलर के दिल को गहरी चोट पहुंची और वह बच्चे के तरह फूट फूट कर रोया. उस दिन बाद में, उन्होंने आत्महत्या करने के सर्वोत्तम तरीकों के बारे में अपने निजी डॉक्टर वर्नर हास से परामर्श लिया.



29 अप्रैल तक स्थिति और खराब हो गई थी. हालांकि हिटलर ने सुबह सुबह ईवा ब्रौन से शादी की, लेकिन शादी का जश्न मनाने के बजाए हिटलर के आसपास सभी को आत्महत्या पर चर्चा करने में अधिक दिलचस्पी थी. हिटलर को मालूम हुआ कि एसएस के नेता हेनरिक हिमलर ने मित्र राष्ट्रों को तत्काल आत्मसमर्पण की पेशकश दी थी - एक प्रस्ताव जिसे उन्होंने तुरंत अस्वीकार कर दिया था. अपमानित, हिटलर ने मांग की कि हिमलर- जो कभी हिटलर का करीबी साथी था उसे  गिरफ्तार कर लिया जाए. उसी समय हिटलर ने इटली में अपने समकक्ष बेनिटो मुसोलिनी की मौत के बारे में सुना. मुसोलिनी की मौत के बारे में सोचते हुए हिटलर को अपनी मौत नज़र आने लगी. उस एक खबर ने हिटलर के मुर्दा शान्ति से भरे बंकर में हलचल पैदा कर दी थी.
अप्रैल 30, 1945

रात एक बजे: फील्ड मार्शल विलियम केटल ने बताया कि पूरी सेना घिर चुकी है और सहायक सेना बर्लिन पहुंचने में सक्षम नहीं होगी.

सुबह चार बजे:  मेजर ओटो गनशे बाथरूम गए और पाया कि हिटलर के प्रिय जर्मन शेफर्ड, ब्लोंडी को साइनाइड गोलियां खिलाइ जा रही हैं.  हस जाहिर तौर पर साइनाइड गोलियों की प्रभावकारिता का परीक्षण कर रहा था कि हिटलर के पूर्व सहयोगी हिमलर ने उन्हें दी थी. ब्लोंडी तुरंत मर गया था.

सुबह साढ़े दस बजे: हिटलर जनरल हेलमुथ वीडलिंग के साथ मिलते हैं, जो उन्हें बताते हैं कि अंत निकट है. रूस पास के रिचस्टैग पर हमला कर रहा है.  वीडलिंग पूछता है कि गोला बारूद ख़त्म होने पर क्या करना है. हिटलर का जवाब  आता है कि वह कभी भी बर्लिन आत्मसमर्पण नहीं करेगा, इसलिए वीडलिंग ने अपने सैनिकों को शहर से बाहर निकलने की इजाजत देने की इजाजत मांगता है.

दोपहर 2:00 बजे  .: हिटलर ईवा ब्रौन, ट्रूडल जुंज, और अन्य सचिवों के साथ बंकर में दोपहर के भोजन के लिए बैठता है.  हिटलर सबसे वादा करता है कि यदि वे चाहते हैं तो वह उन्हें साइनाइड के शीशियां दे देगा. वह उन्हें एक बेहतर विदाई देने में असमर्थ होने के लिए  क्षमा मांगता है.

दोपहर  3:30 बजे  .: एक जोरदार बंदूक की आवाज़ हुई. हेनज़ लिंग, जिसने एक दशक तक हिटलर के वैलेट के रूप में कार्य किया था, देखने के लिए हिटलर की स्टडी का दरवाज़ा खोलता है. हलकी बारूद की गंध ने कमरे को घेरा हुआ है. ब्रौन और हिटलर एक तरफ बैठे हैं. दोनों मर चुके हैं. ब्रौन ने जाहिर तौर पर साइनाइड लिया है, जबकि हिटलर ने अपने वाल्थर पिस्तौल से खुद को शूट किया.

1 मई को, जिन जर्मन लोगों को गोला बारी के बीच रेडियो सुनने का मौका मिलता है वे सुनते हैं - जर्मनी को बचाने के लिए बोल्शेविज़्म से लड़ते हुए हिटलर ने अपनी जान गँवा दी. हिटलर मर चुका है.

जर्मनी के लोग पहले से ही हिटलर से सब आस छोड़ चुके थे. 20 अप्रैल को उनके जन्मदिन पर एक सार्वजनिक उपस्थिति के बाद से हिटलर हर सार्वजनिक कार्यक्रम से अनुपस्थित रहा था. असल में वह बर्लिन के दिल में ब्रांडेनबर्ग गेट के पास एक बंकर में घुस गया था, जो उसके कमांड स्टाफ और कुछ निजी नागरिकों से घिरा हुआ था, जिसमें उनकी प्रेमिका ईवा ब्रौन भी शामिल थीं.

जैसे-जैसे अमेरिकी सेनाएं पश्चिम से बढ़ीं, और पूर्व में निरंतर सोवियत टैंक, हिटलर के जनरलों का भी हौसला बदसे बदतर होता गया. यह सोच सोच कर कि उसके करीबी सलाहकार ही उसे धोखा देंगे, हिटलर लगातार अपना आप खोता रहा. उसे जब मालूम हुआ कि उसके एक कमांडर फेलिक्स स्टीनर ने उसके आदेश मानने से इंकार कर दिया था, हिटलर के दिल को गहरी चोट पहुंची और वह बच्चे के तरह फूट फूट कर रोया. उस दिन बाद में, उन्होंने आत्महत्या करने के सर्वोत्तम तरीकों के बारे में अपने निजी डॉक्टर वर्नर हास से परामर्श लिया.

29 अप्रैल तक स्थिति और खराब हो गई थी. हालांकि हिटलर ने सुबह सुबह ईवा ब्रौन से शादी की, लेकिन शादी का जश्न मनाने के बजाए हिटलर के आसपास सभी को आत्महत्या पर चर्चा करने में अधिक दिलचस्पी थी. हिटलर को मालूम हुआ कि एसएस के नेता हेनरिक हिमलर ने मित्र राष्ट्रों को तत्काल आत्मसमर्पण की पेशकश दी थी - एक प्रस्ताव जिसे उन्होंने तुरंत अस्वीकार कर दिया था. अपमानित, हिटलर ने मांग की कि हिमलर- जो कभी हिटलर का करीबी साथी था उसे  गिरफ्तार कर लिया जाए. उसी समय हिटलर ने इटली में अपने समकक्ष बेनिटो मुसोलिनी की मौत के बारे में सुना. मुसोलिनी की मौत के बारे में सोचते हुए हिटलर को अपनी मौत नज़र आने लगी. उस एक खबर ने हिटलर के मुर्दा शान्ति से भरे बंकर में हलचल पैदा कर दी थी.

अप्रैल 30, 1945

रात एक बजे: फील्ड मार्शल विलियम केटल ने बताया कि पूरी सेना घिर चुकी है और सहायक सेना बर्लिन पहुंचने में सक्षम नहीं होगी.

सुबह चार बजे:  मेजर ओटो गनशे बाथरूम गए और पाया कि हिटलर के प्रिय जर्मन शेफर्ड, ब्लोंडी को साइनाइड गोलियां खिलाइ जा रही हैं.  हस जाहिर तौर पर साइनाइड गोलियों की प्रभावकारिता का परीक्षण कर रहा था कि हिटलर के पूर्व सहयोगी हिमलर ने उन्हें दी थी. ब्लोंडी तुरंत मर गया था.

सुबह साढ़े दस बजे: हिटलर जनरल हेलमुथ वीडलिंग के साथ मिलते हैं, जो उन्हें बताते हैं कि अंत निकट है. रूस पास के रिचस्टैग पर हमला कर रहा है.  वीडलिंग पूछता है कि गोला बारूद ख़त्म होने पर क्या करना है. हिटलर का जवाब  आता है कि वह कभी भी बर्लिन आत्मसमर्पण नहीं करेगा, इसलिए वीडलिंग ने अपने सैनिकों को शहर से बाहर निकलने की इजाजत देने की इजाजत मांगता है.

दोपहर 2:00 बजे : हिटलर ईवा ब्रौन, ट्रूडल जुंज, और अन्य सचिवों के साथ बंकर में दोपहर के भोजन के लिए बैठता है.  हिटलर सबसे वादा करता है कि यदि वे चाहते हैं तो वह उन्हें साइनाइड के शीशियां दे देगा. वह उन्हें एक बेहतर विदाई देने में असमर्थ होने के लिए  क्षमा मांगता है.

दोपहर  3:30 बजे : एक जोरदार बंदूक की आवाज़ हुई. हेनज़ लिंग, जिसने एक दशक तक हिटलर के वैलेट के रूप में कार्य किया था, देखने के लिए हिटलर की स्टडी का दरवाज़ा खोलता है. हलकी बारूद की गंध ने कमरे को घेरा हुआ है. ब्रौन और हिटलर एक तरफ बैठे हैं. दोनों मर चुके हैं. ब्रौन ने जाहिर तौर पर साइनाइड लिया है, जबकि हिटलर ने खुद को अपनी वाल्थर पिस्तौल से खुद को शूट किया.

1 मई को, जिन जर्मन लोगों को गोला बारी के बीच रेडियो सुनने का मौका मिलता है वे सुनते हैं - जर्मनी को बचाने के लिए बोल्शेविज़्म से लड़ते हुए हिटलर ने अपनी जान गंवा दी. हिटलर मर चुका है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज