किस तरह कम्प्यूटर से मानव दिमाग को लिंक करना चाहते हैं Elon Musk

किस तरह कम्प्यूटर से मानव दिमाग को लिंक करना चाहते हैं Elon Musk
इलॉन मस्क (Elon Musk)की कंपनी दिमाग (Mind) सीधे कम्प्यूटर से जोड़ने के लिए काम कर रही है. (फाइल फोटो)

इलॉन मस्क (Elon Musk) ने बताया कि उनकी कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) एक ऐसा इंटरफेस (Interface) विकसित करने पर काम कर रही है जिससे दिमाग (Brain) सीधे कम्प्यूटर को नियंत्रित करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 9, 2020, 4:39 PM IST
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इलॉन मस्क (Elon Musk) अपनी भविष्य (Futuristic) के प्रति सोच के लिए बहुत मशहूर हैं. दुनिया के सबसे बड़े अरबपतियों में से एक मस्क टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी कंपनियों के मालिक हैं जो चांद (Moon) और मंगल (Mars) तक पर इंसानी बस्ती बसाने की सोच रहे हैं और उस पर काम कर रहे हैं. हाल ही में मस्क ने अपनी स्टार्टअप न्यूरालिंक (Neuralink) के नए शोध के बारे की घोषणा की है जिसके तहत उनकी योजना कम्प्यूटर (computer) को सीधे दिमाग (brain) से जोड़ने की है.

AI और जीवन एक साथ
मंगलवार को मस्क ने अपनी इस योजना के बारे में बताया जिसमें वे दिमाग को कम्प्यूटर से जोड़ना चाहते हैं. इस अभियान को वे इंसान की आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जीवन की कोशिश बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहला प्रोटोटाइप अगले साल के अंत तक इंसान में इम्प्लांट किया जा सकता है.

जानवरों के स्तर पर  प्रयोग में मिली सफलता
सैन फ्रांसिसको में कैलीफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेस में मस्क ने कहा कि संपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचने में समय लग सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूरल उपकरणों को इंसानों में लगाने के लिए सरकारी स्वीकृति काफी मुश्किल काम होगा. उन्होंने बताया कि इस मामले में जानवरों पर प्रयोग चल रहा है और एक बंदर अपने दिमाग के जरिए कम्प्यूटर को नियंत्रित करने में सफल भी हुआ है.



2016 से चल रहा है इस पर काम
मस्क ने नयूरालिंक कॉर्प जुलाई 2016 में स्थापित की थी. तब उनका उद्देश्य  अल्ट्रा-हाई बैंडविथ ब्रेन मशीन इंटरफेस बनाना था जिससे इंसान और कम्प्यूटर को जोड़ा जा सके. कंपनी ने 2017 में कहा था कि उनके शुरुआती लक्ष्यों में से ब्रेन इंटरफेसेस बनाना शामिल है  जिससे गंभीर चिकित्सकीय हालातों में मदद मिल सके.

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कम्प्यूटर (Computer) को सीधे दिमाग (Brain) से जोड़ना अभी तक केवल कहानियों में ही होता आया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कुछ बड़ा है इरादा
मोटे तौर पर तभी से माना जा रहा है मस्क कुछ बहुत बड़ा करने की सोच रहे हैं. उन्होने पहले भी आर्टीफीशियल  इंटेलिजेंस के तेजी से होते विकास के प्रति कई बार चेताया है. वे कह चुके हैं इससे इंसानियत को धूल में फेके जाने का खतरा है. उन्होंने इसे इंसान के अस्तित्व तक के लिए खतरा तक बताया है.

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क्या है न्यूरोलिंक का उद्देश्य
मस्क ने मंगलवार को दोहराते हुए कहा कि न्यूरालिंक के लक्ष्यों में से एक का उद्देश्य दिमाग की गड़बड़ियों (Disorders) को ठीक करना है. उन्होंने कहा, “हम इसे केवल एक चिप के जरिए ठीक कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसे आपको अपने खुद के दिमाग और के सुरक्षित रखने और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और एक बेहतर संयोजित भविष्य भी.”

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इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी तकनीकी बाधा (Technical hurdle) बैंडविथ (Bandwidth) मानी जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


और यह चेतावनी
मस्क पहले की चेताते हुए कहा कि आर्टीफीशियल  इंटेलिजेंस का तेज विकास के साथ यह जोखिम है कि इंसानियत इससे पीछे छूट सकती है. लेकिन उन्होंने यह आशा व्यक्त भी की कि ऐसा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि उम्मीद है यह एक अच्छा माहौल होगा.

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कैसे जुड़ेगा कम्प्यूटर से दिमाग
मस्क ने कहा कि इसके लिए दिमाग और आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस के साथ दिमाग को मिलाना (Merge) होगा. ज्यादातर संभावना इस बात की है कि दिमाग के दो मीलीमीटर के अंदर एक छोटी से वायरलेस चिप डाली जाएगी. यह एक तरह का आर्टीफीशियस इंटेलिजेंस और जीवन का सहजीवन (Symbiosis) होगा जिसका उद्देश्य भविष्य में एआई की सभ्यता से इंसानियत को बचाने से कम नहीं होगा. इस मामले में सबसे बड़ी  तकनीकी  बाधा मस्क बैंडविथ को मानते हैं.
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