Explained: कैसी है मुंबई की आर्थर रोड जेल, जहां हाई-प्रोफाइल मुजरिम रहते हैं?

मुंबई की आर्थर रोड जेल (Photo- firstpost)

मुंबई की आर्थर रोड जेल (Photo- firstpost)

ब्रिटेन की अदालत में नीरव मोदी (Nirav Modi) के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब दोषी को भारत भेजे जाने की तैयारी है. नीरव मोदी को मुंबई की आर्थर रोड जेल (Arthur Road jail) में रखा जा सकता है. बेहद हाई सिक्योरिटी वाली इस जेल में कई खूंखार अपराधी भी रखे जा चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 7:39 AM IST
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लगभग 13,600 करोड़ रुपये के पीएनबी फ्रॉड केस के दोषी नीरव मोदी ने भारत की जेल के बारे में दुखड़ा रोते हुए खुद को भारत को न सौंपे जाने की अपील की थी. साथ ही ये भी जोड़ा था कि देश में जेलों की स्थिति इतनी खराब है कि उसका मानसिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है. हालांकि इसके बाद भारत सरकार ने एक वीडियो जारी करके ब्रिटिश अदालत को जेल के उस बैरक को दिखाया, जहां दोषी को रखा जा सकता है.

नीरव मोदी के वकील ने कहा- ओवन 
बैरक नंबर 12 में हवादार है, सूरज की रोशनी आती है और किसी भी लिहाज से ये नहीं कहा जा सकता कि वहां मानवाधिकार की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं. हालांकि देश की सबसे पुरानी इस जेल के बारे में नीरव मोदी के वकील ने कहा था कि जेल की इमारत पत्थरों और लोहे से बनी है और इस कारण किसी ओवन से कम नहीं है.

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बहुत भीड़भाड़ है जेल में


साथ ही नीरव के वकील कोरोना का डर दिखाने से भी बाज नहीं आए. उन्होंने जेल में भीड़भाड़ का हवाला देते हुए अपने क्लाइंट को भारत की इस जेल में न भेजे जाने की अपील की थी. लेकिन सरकार की ओर से जेल के 12 नंबर बैरक की अपडेटेड वीडियो ने नीरव के वकील के तर्कों पर पानी फेर दिया. अब ब्रिटिश कोर्ट जेल की स्थिति से पूरी तरह से संतुष्ट है और दोषी को भारत भेजा जा सकता है.

arthur jail nirav modi
पीएनबी फ्रॉड केस के दोषी नीरव मोदी ने भारत की जेल के बारे में दुखड़ा रोते हुए खुद को भारत को न सौंपे जाने की अपील की थी


मुंबई की आर्थर रोड जेल अक्सर ही चर्चाओं में रही
यहां पर शराब कारोबारी विजय माल्या को रखे जाने की बात भी चलती रही है. साल 1926 में बनी ये जेल शुरुआत में आर्थर रोड जेल के नाम से थी. ये नाम तब ब्रिटिश काल में मुंबई के तत्कालीन गवर्नर सर जॉर्ज आर्थर के नाम पर दिया गया. साल 1994 में इसे अपग्रेड कर केंद्रीय जेल बनाया गया लेकिन तब भी इसे पुराने नाम से ही जाना जाता है. कागजों पर भी यही नाम दिखता है.

वाकई रहते हैं ज्यादा कैदी 
पहले ये जेल लगभग 2 एकड़ में फैली हुई थी लेकिन बाद में इसका विस्तार हुआ और ये अब 6 एकड़ में फैली हुई है. इंडियन एक्सप्रेस ने जेल अधिकारियों के हवाले से जेल के भीतर की स्थिति के बारे में बताया है. यहां 20 बैरक हैं और उनमें कई सेल्स हैं. वैसे तो जेल में कैदियों की क्षमता 804 है लेकिन अक्सर ये ओवर-क्राउडेड रहती है और कई बार यहां लगभग 3000 कैदी तक हो जाते हैं.

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मुंबई की आर्थर रोड जेल अक्सर ही चर्चाओं में रही- सांकेतिक फोटो (wallpaperflare)


अब बात करते हैं बैरक नंबर 12 की
ये काफी हाई-सिक्योरिटी सेल है, जिसमें पुलिस की बिना जानकारी के पत्ता भी नहीं खड़क सकता. ये सेल साल 2008 में मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब को रखने के लिहाज से तैयार की गई थी. चूंकि सुनवाई के लिए कसाब को सीधे स्पेशल कोर्ट ले जाने में उसके भागने या जान से मारे जाने का खतरा था, इसलिए सेल से ही सीधे अदालत के लिए एक सुरंग तैयार की गई, जिसपर किसी बम का भी असर नहीं हो सकता.

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बाद में इस सेल में जबिउद्दीन अंसारी को रखा गया. ये भी साल 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल आतंकवादी था. अंसारी ने बाद में कोर्ट से अपील की कि उसे इस सेल से हटाकर कहीं और रखा जाए. उसके वकील का कहना था कि अंसारी को वहां डर लगता है और लश्कर के आतंकियों के आसपास होने का भ्रम होता है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब हो रही है.

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हाईप्रोफाइल कैदियों को या तो पुणे की यरवडा जेल या फिर मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाता है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


कौन-कौन रखे जा चुके हैं जेल में 
इन आतंकियों के अलावा कई हाई-प्रोफाइल मुजरिम यहां रखे जा चुके हैं. बता दें कि हाईप्रोफाइल कैदियों को या तो पुणे की यरवडा जेल या फिर मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाता है, जिसकी वजह है इन जेलों की तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था. आज तक इन जेलों से किसी कैदी के निकल भागने की बात सामने नहीं आई है. आर्थर रोड जेल में ही दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर, मुस्तफा दोसा, यासीन भटकल, शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी और इंद्राणी मुखर्जी के पति पीटर मुखर्जी और बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त भी रखे जा चुके हैं.

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जिस बैरक नंबर 12 में नीरव मोदी को रखा जा सकता है, वो हाई सिक्योरिटी तो है लेकिन काफी हवादार भी है. यहां चारों ओर से सूरज की रोशनी आती है. साथ ही सरकार ने ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर अदालत को आश्वस्त किया है कि नीरव मोदी को साफ पानी, टॉयलेट और बिस्तर दिया जाएगा. साथ ही कैदी के स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो आर्थर रोड जेल के लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में कई बड़े अस्पताल हैं.

सुरक्षा पर उठने लगे हैं सवाल 
वैसे अब देश की इस पुरानी जेल के बारे में कई बातें हो रही हैं. खुद जेल अधिकारियों ने मुंबई की इस व्यस्ततम जेल के बारे में कहा है कि ट्रेन से भी जेल दिखाई देती है जो कि सही नहीं है. इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा हो सकता है.
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