लाइव टीवी

जानिए इजरायली स्पाईवेयर कैसे कर रहा था भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 1:25 PM IST
जानिए इजरायली स्पाईवेयर कैसे कर रहा था भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी
एक इजरायली स्पाईवेयर को वॉट्सऐप पर भेजकर फोन की जासूसी करवाई जा रही थी

एक इजरायली स्पाईवेयर (israeli spyware) को वॉट्सऐप (Whatsapp) पर भेजकर जासूसी (spying) करवाने का मामला पूरी दुनिया में छाया हुआ है. जानिए कैसे काम करता है ये स्पाईवेयर...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2019, 1:25 PM IST
  • Share this:
मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (Whatsapp) में इजरायली स्पाईवेयर (Israeli spyware) के जरिए जासूसी (spying) करने के मामले पर पूरी दुनिया में सनसनी फैली है. भारत समेत कुल 20 देशों के करीब 1400 लोगों के वॉट्सऐप पर एक इजरायली स्पाईवेयर भेजकर उनकी जासूसी करवाई गई है. इस मामले में रोज नया खुलासा हो रहा है. भारत में भी कई पत्रकारों और सोशल एक्टिविस्टों की जासूसी करवाई गई है. इस मामले में भारत सरकार ने वॉट्सऐप से जानकारी मांगी है.

इंडियन एक्सप्रेस ने गुरुवार को ये खुलासा किया कि इस साल के शुरुआत में भारत में वॉट्सऐप के जरिए कुछ पत्रकारों और सोशल एक्टिविस्टों की जासूसी करवाई गई. इसके लिए एक इजरायली स्पाईवेयर टूल पेगासस (Pegasus) का इस्तेमाल किया गया. एक इजरायली कंपनी एनएसओ (NSO) ने इस स्पाईवेयर को विकसित किया था.

वॉट्सऐप ने इजरायली कंपनी एनएसओ पर सैन फ्रैंसिस्को की एक अदालत में मंगलवार को मुकदमा दायर किया है. वॉट्सऐप ने कहा है कि यूएस के सर्वर पर मालवेयर का हमला कर एनएसओ ने 1400 मोबाइल फोनों की जासूसी करवाई है. वॉट्सऐप का कहना है कि दुनियाभर के करीब 100 ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट, पत्रकार और सिविल सोसायटी के लोगों की जासूसी करवाई गई है.

एनएसओ तेल अवीव की एक साइबर सिक्योरिटी उपलब्ध करवाने वाली कंपनी है. जासूसी की टेक्नोलॉजी में इसे विशेषज्ञता हासिल है. लेकिन कंपनी का कहना है कि वो जासूसी के काम आंतकवाद से सुरक्षा और विभिन्न सरकारों के कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी को अपराध को काबू में करने में मदद के लिए करती है.

क्या है स्पाईवेयर पेगासस

स्पाईवेयर अपने नाम की मुताबिक लोगों की उनकी फोन के जरिए जासूसी करता है. पेगासस स्पाईवेयर जासूसी करने के लिए अपने टारगेट के फोन पर एक एक्सप्लॉयट लिंक भेजता है. अगर टारगेट उस लिंक को क्लिक कर देता है तो जिस मालवेयर या कोड के जरिए जासूसी होती है, वो फोन में इंस्टॉल हो जाता है. कई बार उस लिंक को क्लिक करने की भी जरूरत नहीं रहती. एक बार पेगासस मोबाइल फोन पर इंस्टॉल हो गया तो उसका पूरे फोन पर कब्जा हो जाता है. फोन यूजर्स की सारी डिटेल्स उसके पास आ जाती है.

how israeli spyware pegasus was spying indian journalist social activist whatsapp users by nso
वॉट्सऐप ने फोन जासूसी को लेकर मुकदमा दर्ज करवाया है

Loading...

पेगासस स्पाईवेयर के बारे में पहली जानकारी 2016 में मिली थी. उस वक्त यूएई में काम करने वाले एक ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट अहमद मंसूर के आईफोन 6 पर एक एसएमएस लिंक के जरिए पेगासस स्पाईवेयर भेजा गया था. ऐप्पल कंपनी ने बाद में इसे पकड़कर दुरुस्त कर लिया.

सितंबर 2018 में टोरंटो के सिटीजन लैब ने इस स्पाईवेयर के बारे में कुछ चौंकाने वाली जानकारी दी. बताया गया कि पेगासस स्पाईवेयर इतना खतरनाक है कि बिना यूजर के परमिशन के वो फोन में इंस्टॉल हो जाता है और इसके जरिए जासूसी शुरू हो जाती है. सिटीजन लैब ने उस वक्त बताया था कि दुनियाभर करीब 45 देशों में ये स्पाईवेयर एक्टिव था.

दिसंबर 2018 में मॉन्ट्रियल में रह रहे सऊदी अरब के एक्टिविस्ट ओमर अब्दुलअजीज ने तेल अवीव की कोर्ट में एनएसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया. अब्दुल अजीज ने आरोप लगाया कि पेगासस स्पाईवेयर के जरिए एनएसओ कंपनी उसकी जासूसी करवा रही है. उनके करीबी दोस्त जमाल खशोगी के साथ उनकी बातचीत टैप की जा रही है. जमाल खशोगी सऊदी अरब के वही पत्रकार थे, जिनकी इंस्ताबुल के काउंसलेट में 2 अक्टूबर 2018 को हत्या कर दी गई थी. अब्दुल अजीज का कहना था कि अगस्त से ही फोन के जरिए उनकी जासूसी हो रही थी.

मई 2019 में फायनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि पेगासस स्पाईवेयर को वॉट्सऐप पर भेजकर फोन की जासूसी करवाई जा रही है. वॉट्सऐप ने सभी यूजर्स को इस प्रॉब्लम को खत्म करने के लिए तुरंत अपना सॉफ्टवेयर अपडेट करने को कहा.

इंस्टॉल होने के बाद कैसे काम करता है पेगासस स्पाईवेयर?

एक बार फोन में पेगासस स्पाईवेयर इंस्टॉल हो जाता है तो पूरे फोन पर उसका कब्जा होता है. पेगासस अपने टारगेट के प्राइवेट डेटा, पासवर्ड, कॉन्टैक्ट लिस्ट, कैलेंडर इवेंट, टेक्स्ट मैसेज और लाइव वॉयस कॉल को स्पाईवेयर छोड़ने वाले के पास भेजता रहता है. टारगेट के फोन का कैमरा और उसका माइक्रोफोन बिना यूजर्स की मर्जी के ऑन हो सकता है. स्पाईवेयर छोड़ने वाला फोन के आसपास की सारी चीजें देख और सुन सकता है.

how israeli spyware pegasus was spying indian journalist social activist whatsapp users by nso
इजरायली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए जासूसी के मामले ने पूरी दुनिया में सनसनी मचा रखी है.


वॉट्सऐप ने कोर्ट को दिए रिपोर्ट में बताया है कि पेगासस की पहुंच फोन के ई-मेल, एसएमएस, लोकेशन ट्रैकिंग, नेटवर्क डिटेल्स, डिवाइस सेटिंग और ब्राउजिंग हिस्ट्री तक होती है. इन सबकी जानकारी बिना टारगेट को भनक लगे हासिल की जा सकती है.

पेगासस इंस्टॉल होने के बाद फोन पासवर्ड प्रोटेक्टेड नहीं रह जाता है. स्पाईवेयर के लिए पासवर्ड कोई रुकावट पैदा नहीं करता.

पेगासस ने वॉट्सऐप पर कैसे हमला किया ?

वॉट्सऐप की सिक्योरिटी को बढ़ाने के लिए इसमें एंड टू एंड इंस्क्रिप्शन का फीचर दिया गया है. इसके बाद वॉट्सऐप का दावा था कि इसे हैक नहीं किया जा सकता. लेकिन इसके बावजूद इसकी सुरक्षा में कैसे सेंध लगी, ये एक बड़ा सवाल है. फायनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट मे बताया गया है कि पेगासस इंस्टॉल करने के लिए सिर्फ वॉट्सऐप के एक मिस कॉल की जरूरत है. किसी भी लिंक को क्लिक करने की भी जरूरत नहीं है.

वॉट्सऐप ने बताया है कि पेगासस ऐप के वीडियो और वॉयस कॉल फंक्शन पर हमला करता है. इसमें टारगेट को फोन उठाने की भी जरूरत नहीं है. वो अपने आप इंस्टॉल हो जाता है.

क्या पेगासस के जरिए किसी भी फोन की जासूसी करवाई जा सकती है ?

पेगासस स्पाईवेयर के जरिए किसी भी फोन की जासूसी करवाई जा सकती है. हालांकि अभी के मामले में कुछ सेलेक्टेड लोगों को ही टारगेट किया गया. वॉट्सऐप ने बताया है कि करीब 1400 यूजर्स की इस स्पाईवेयर के जरिए जासूसी करवाई जा रही थी.

बताया जा रहा है कि भारत में करीब दो दर्जन पत्रकारों, वकीलों और दलित एक्टिविस्टों की जासूसी करवाई जा रही थी. अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इनलोगों की जासूसी कौन करवा रहा था. हालांकि एनएसओ कंपनी का कहना है कि वो सरकार या कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के निर्देश पर ही जासूसी करवाती हैं. ऐसा नहीं है कि कोई भी इस तरह की जासूसी करवा सकता है.

ये भी पढ़ें: ऐसे बना था दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश, जानिए उजड़ने और बसने की पूरी कहानी
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने पर क्या-क्या बदल गया
इंदिरा गांधी के बचपन के दिलचस्प किस्से, जब उन्होंने अपनी गुड़िया को आग के हवाले किया
राष्ट्रीय एकता दिवस: जब महिलाओं से बोले पटेल- अपने गहने उतार फेंको

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 1:25 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...