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कितने देश क्वीन को अब भी देश के प्रमुख के तौर पर देते हैं मान्यता

कितने देश क्वीन को अब भी देश के प्रमुख के तौर पर देते हैं मान्यता

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth II) अब तक 32 देशों की प्रमुख रह चुकी हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth II) अब तक 32 देशों की प्रमुख रह चुकी हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

बारबाडोस (Barbados) कैरेबियन द्वीप समूह का देश है जो पूर्ण रूप से गणतंत्र ( Republic) बनने से चर्चा में है. 30 नवंबर को वहां नए निर्वाचित राष्ट्रपति की नियुक्ति होने से वह गणतंत्र बन गया है. अब वहां ब्रिटेन की महारानी (Queen of Britain) देश की प्रमुख नहीं कहलाएंगी. लेकिन दुनिया में अब भी कुछ देश ऐसे हैं जो कॉमनवेल्थ के तहत ब्रिटेन की महारानी को अपने राष्ट्र प्रमुख मानते हैं. इस लिहाज से अब तक कुल 17 देश कॉमनवेल्थ से मुक्त हो चुके हैं.

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    दो दिन पहले ही कैरेबियन द्वीप समूह के देश बारबाडोस (Barbados) पूर्ण रूप से गणतंत्र बन गया. वैसे तो बारबाडोस को 55 साल पहले ही अंग्रेजों से आजादी मिल गई थी, लेकिन ब्रिटेन की महारानी अभी वहां की राष्ट्रायक्ष के तौर पर काम कर रहीं थी. लेकिन सोमवार को 72 साल की डेम सैंड्रा मैसन के राष्ट्रपति पद संभालते ही बारबाडोस ब्रिटेन यानि कॉमनवेल्थ देशों (Commonwealth) से अलग हो गया है जिनकी महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth) राज प्रमुख हैं. अपने 69 साल के शासन में ब्रिटेन की महारानी अभी तक 32 देशों के प्रमुख रह चुकी हैं और इनमें से 17 देशों ने उन्हें अपने देश के इस पद पर हटा दिया है.

    अब केवल 15 देश बाकी
    आज भी ब्रिटेन की महारानी 15 देशों की राष्ट्र प्रमुख के तौर पर जानी जाती हैं जिसमें यूके भी शामिल है. एक समय था जब ब्रिटेन की महारानी सभी कॉमनवेल्थ देशों की प्रमुख हुआ करती थी और उसी तरह से शासन किया करती थीं जैसे वे यूके में करती हैं.  वे 1949 में अपने पिता किंग जॉर्ज षष्ठम की मृत्यु के बाद उसी साल के लंदन घोषणापत्र के तहत कॉमनवेल्थ प्रमुख बनी थीं.

    कौन से है ये 15 देश
    इन 15 देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, एंटिगुआ एवं बारबुडा,  बहामास, बेलिज, ग्रेनेडा, जमैका, पपुआ न्यू गुनिया, सेंट लुसिया, सोलोमन द्वीप,  सेंट किट्स एंड नेविस, और सेंट विंसेट एंड ग्रानेडाइन्स शामिल हैं. इनमें से दो कॉमनवेल्थ देशों, जमैका और ऑस्ट्रलिया, ने महारानी को अपने देश के प्रमुख के पद से हटाने का प्रस्ताव दिया है.

    इससे पहले इन देशों ने भी किया ऐसा
    बारबाडोस खुद को गणतंत्र बना कर ब्रिटेन से पूरी तरह से मुक्त होने वाला इस तरह का पहला देश नहीं है. इससे  पहले 1992 ने अपने राष्ट्रप्रमुख के पद से ब्रिटेन की महारानी को हटा कर राष्ट्रपति चुना था.  उससे पहले साल 1978 में डोमिनिका ने, 1976 को त्रिनिदाद और टैबोगो और 1970 में गुयाना ने भी ऐसा ही किया था.

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    बारबाडोस (Barbados) 30 नवंबर को कॉमनवेल्थ सेऔपचारिक तौर से अलग होकर गणतंत्र बना है. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

    जमैका भी बारबाडोस की राह पर
    महारानी के शासन में आने वाले देशों की संख्या अब 15 भी नहीं रहेगी, इसकी संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं. जमैका की ने इस बारे में साल 2016 में इस विचार किया था और अब एक बार फिर इस बारे में चर्चाएं जोरों पर हैं. उम्मीद इसी बात की ज्यादा है कि जमैका भी बारबाडोस की राह जल्दी ही निकल पड़ेगा.

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    और ऑस्ट्रेलिया में
    ऑस्ट्रेलिया में भी विषय पर लंबे समय से विचार हो रहा है. पिछली साल 1999 में इस विषय पर जनमत संग्रह हुआ था जिस पर 54.9 प्रतिशत वोट महारानी के पक्ष में गए थे. लेकिन बाद में फिर उन्हें हटाने की बात होने लगी. लेकिन हकीकत यह है कि महारानी के पास यूके तक में की राष्ट्र प्रमुख होने के तौर पर कोई वास्तविक शक्ति नहीं है.

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    कॉमनवेल्थ देशों (Commonwealth Countries) में आज भी राष्ट्र की भूमिका महारानी के पास है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    क्या भूमिका है महारानी की इन देशों में
    महारानी के शासन के अधीन देशों में राजकाज स्वतंत्र रूप से चलता है और वहां के शासक और कानून तक ब्रिटेन से अलग होते हैं. इन देशों में महारानी की और से गवर्नर जनरल महारानी का प्रतिनिधित्व करता है, जहां महारानी की औपचारिक तौर से उपस्थिति अपेक्षित होती है. इसमें मंत्रियों और राजदूतों की नियुक्ति और किसी कानू को राजशाही स्वीकृति देना शामिल है.

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    ब्रिटेन में संसदीय शासन प्रणाली है जिसमें सारे राजकीय कार्य होते तो ब्रिटेन की महारानी के नाम से होते हैं, लेकिन वास्तविक शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होती है. संसदीय गणतंत्र में राष्ट्रप्रमुख महारानी की जगह राष्ट्रपति होता है जो निर्वाचित होता है. कॉमनवेल्थ में वे देश शामिल हैं जिन पर कभी ब्रिटेन की हुकूमत हुआ करती थी, लेकिन आज वहां उनका एक अपना शासन तंत्र तो है, लेकिन राष्ट्रप्रमुख की भूमिका ब्रिटेन की महारानी के पास है.

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