कितने घंटे सोते थे और कितने घंटे काम करते थे जवाहरलाल नेहरू

नेहरू देर से सोने वाले लेकिन रोज सुबह चार बजे जगने वाले शख्स थे. दिन में वो लंच के बाद आधे घंटे की नींद लेते थे

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: May 27, 2019, 2:15 PM IST
कितने घंटे सोते थे और कितने घंटे काम करते थे जवाहरलाल नेहरू
जवाहर लाल नेहरू (फाइल फोटो)
Sanjay Srivastava
Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: May 27, 2019, 2:15 PM IST
नेहरू एक प्रधानमंत्री के तौर पर बहुत मेहनत करते थे. वो दिन में कितने घंटे सोते थे और कितना आराम करते थे, इसके बारे में बरसों तक उनके निजी सचिव रहे एम ओ मथाई ने विस्तार से लिखा है. अपने रूटीन में नेहरू और क्या क्या करते थे, ये जिक्र भी उन्होंने अपनी किताब में किया है.

मथाई ने अपनी किताब रेमिनिसेंसेज ऑफ द नेहरू एज में लिखा है कि नेहरू ने आजादी मिलने के पहले से ही सितंबर 1946 से अपने सेक्रेट्रिएट में रविवार ही नहीं छुट्टी के दिनों में भी काम करना शुरू कर दिया था.


किताब में लिखा है कि नेहरू जबरदस्त मेहनत करते थे. उनकी रात की नींद इतनी कम होती थी कि हमें लगता था कि उन्हें कम से कम रविवार को तो कुछ आराम करना ही चाहिए, जिससे वो हफ्ते के बाकी दिनों में ज्यादा उर्जावान रहें.

मथाई लिखते हैं मैने घुमा फिराकर कई बार नेहरू से ये बात कही, लेकिन वो इसे अनसुना कर दिया कर दिया करते थे. इसका असर ये होता था कि कई बार उन्हें अपने स्टाफ को डिक्टेट करते समय जितना सचेत रहना होता था, उसमें वो कुछ बोझिल लगने लगते थे. कई बार उन्हें झपकी भी आ जाती थी.

इससे उनकी नींद और कम हो गई
मथाई लिखते हैं कि नेहरू रात में मुश्किल से पांच घंटे सोते थे. जब उन्होंने रविवार को भी सेक्रेटिएट आना शुरू कर दिया तो उनकी नींद और कम हो गई. पहले वो रविवार या छुट्टी के दिन आराम कर लिया करते थे, अब वो भी बंद हो गया. अब कई बार वो मीटिंग में झपकी लेने लगते थे.

नेहरू बहुत कम सोने वाले प्रधानमंत्रियों में थे. वो छुट्टी के दिन भी अपने सेक्रेटिएट चले आते थे

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मथाई के अनुसार उन्होंने नेहरू से कहा कि उन्हें रविवार और छुट्टी के दिन दोपहर में कुछ सोना चाहिए, ये उनके लिए जरूरी है. इसका कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि नेहरू को अपने स्वास्थ्य पर बहुत फख्र था.

नेहरू का जवाब था-काम कभी किसी को नहीं मारता
लिहाजा अब मथाई ने दूसरा रास्ता तलाशा, उन्होंने नेहरू से कहा, उनके जो पीए और अन्य स्टाफ के लोग हैं, वो सभी विवाहित और बच्चे वाले हैं, उन्हें कम से कम एक दिन तो चाहिए कि वो अपने परिवार के साथ समय बिता पाए, सिनेमा जाए या शॉपिंग कर सकें. उनके लिए कम से कम आपको रविवार और छुट्टी वाले दिन सेक्रेट्रिएट जाना बंद कर देना चाहिए. मैं उस दिन घर पर ही आपके लिए एक दो पीए या स्टाफ अरेंज कर दूंगा, जिससे आप अपना काम वहां से ही कर पाएं..और मैं तो वहां रहूंगा ही.
वो आगे लिखते हैं, मेरी बात पूरी होने से पहले ही नेहरू ने कहा-काम कभी किसी को नहीं मारता. मेरा जवाब था, ज्यादा काम थका देता है और आप थकान अफोर्ड नहीं कर सकते. ये बात नेहरू के समझ में आ गई और वो रविवार और छुट्टियों के दिन लंच के बाद कुछ आराम करने लगे. बाद में वो रोज लंच के बाद आधे घंटे की झपकी लेने लगे.

नेहरू का दिन सुबह चार बजे शुरू होता था, जो देर रात तक चलता था


क्या होता था आमतौर पर नेहरू का रूटीन 
अगर रिपोर्ट्स और किताबों की मानें तो जवाहर लाल नेहरू सुबह करीब चार बजे उठ जाते थे. वो योगासन करते थे, जिसमें शीर्षासन शामिल होता था.  फिर वो कुछ देर प्रधानमंत्री हाउस के लान में टहलते थे. दिन में उनके लंच का टाइम आमतौर पर तय था लेकिन रात का डिनर अक्सर लेट होता था. वो देर से सोने वाले लोगों में थे. वो दिन में करीब 16 घंटे से ज्यादा काम करते और फाइलों को देखते हुए बिताते थे.

किस तरह की ड्राफ्टिंग कराते थे
मथाई ने किताब में कहा है, नेहरू को दुूनिया में बेहतरीन अंग्रेजी गद्य लिखने वाले प्रधानमंत्री के रूप में माना जाता था. वो दिन पांच ऐसे पत्र जरूर लिखाते थे, जो गद्य के हिसाब से वाकई बेहतरीन होते थे. वो इसे डिक्टेट कराते थे.वो अपना काफी समय लेटर्स, बयान और भाषण डिक्टेट करने में लगा देते थे.
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