होम /न्यूज /नॉलेज /कोरोना-काल में हाथ धोना जरूरी, लेकिन क्या जानते हैं कि एक बार हाथ धोने में कितना पानी होता है खर्च?

कोरोना-काल में हाथ धोना जरूरी, लेकिन क्या जानते हैं कि एक बार हाथ धोने में कितना पानी होता है खर्च?

WHO के मुताबिक हर बार लगभग 20 सेकंड तक हैंड-वॉश किया जाना चाहिए- सांकेतिक फोटो (pixabay)

WHO के मुताबिक हर बार लगभग 20 सेकंड तक हैंड-वॉश किया जाना चाहिए- सांकेतिक फोटो (pixabay)

हाथ धोने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने एक तरीका सुझाया, जिसके मुताबिक हर बार लगभग 20 सेकंड तक हैंड-वॉश (han ...अधिक पढ़ें

    कोरोना संक्रमण (coronavirus infection) से मची तबाही के बीच एक टर्म बार-बार कही जा रही है- कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर (Covid appropriate behavior). इसके मायने हैं कि संक्रमण के बचाव से लिए लोगों को मास्क पहनने और दूरी का पालन करने के अलावा बार-बार साबुन पानी से हाथ धोना चाहिए. हालांकि देश में भीषण जलसंकट के बीच साबुन से दिन में कई बार हाथ धोने में जितने पानी की जरूरत होती है, उसकी पूर्ति कहां से होगी, ये सोचने की बात है.

    क्या है पानी का गणित 
    हाथ धोने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने एक तरीका सुझाया. इसके मुताबिक लगभग 20 सेकंड तक एक खास तरीके से हाथ धोने पर ही हाथों में चिपके हुए वायरस और बैक्टीरिया दूर हो पाते हैं. इस समय हाथों के कोने-कोने में झागदार पानी लगाते हुए उसे साफ करने में इतना पानी खर्च होता है, जिसका हम-आप अनुमान भी नहीं लगा सकते. डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के अनुसार 20 से 40 सेकंड तक हाथ धोने पर लगभग 4 लीटर पानी खर्च होता है. वहीं अगर साबुन लगाकर घिसने के दौरान नल बंद रखा जाए तो भी लगभग 2 लीटर पानी खर्च होता है.

    hand washing coronavirus
    औसत परिवार का साइज 5 सदस्य हैं तो एक परिवार रोजाना हैंड वॉश पर 100 से 200 लीटर पानी खर्च कर सकता है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    एक परिवार कितना पानी खर्च करेगा
    ऐसे में, जैसा कि कोरोना के दौरान जोर देते हुए कहा जा रहा है, प्रति व्यक्ति दिन में 10 बार हाथों को साबुन से धोएगा, तो वही अकेला लगभग 40 लीटर पानी खर्च करेगा. अगर हम मान लें कि एक औसत परिवार का साइज 5 सदस्य हैं तो एक परिवार रोजाना केवल हैंड वॉश पर 100 से 200 लीटर पानी खर्च कर सकता है.

    " isDesktop="true" id="3568883" >

    करोड़ों लोग पानी की कमी झेल रहे
    ये तो हुई केवल हैंड वॉश पर खर्च होने वाले पानी की बात. इसके अलावा नहाने-धोने, रसोई के काम, खाना पकाने जैसे कई काम हैं, जिनके लिए इससे कई गुना ज्यादा पानी लगता है. इस बीच लगातार पानी के संकट की दिल दहलाने वाली खबरें आती रहती हैं. करीब दो लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल जान गंवा देते हैं. नीति आयोग ने समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (CWMI) की रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया कि देश में करीब 60 करोड़ लोग पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं.

    ये भी पढ़ें: Explained: क्या पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल कोरोना का खतरा बढ़ाता है?

    देश की इकनॉमी पर पानी की किल्लत का असर होगा 
    ये डाटा साल 2018 के जून में जारी हुआ था. अब जाहिर है कि कोरोना के दौरान हालात खास नहीं सुधरे हैं, लिहाजा इस आंकड़े में इजाफा ही हुआ होगा. रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि साल 2030 तक हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की GDP पर होगा.

    hand washing coronavirus
    करीब दो लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल जान गंवा देते हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


    पानी विदेशों को भी बेचा जा रहा 
    देश के बड़ी आबादी के पास पीने के पानी की कमी होने के बाद भी ग्राउंड वॉटर दूसरे देशों को बेचा जा रहा है, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं. देश से सबसे ज्यादा पानी पड़ोसी देश चीन में बेचा जा रहा है. साल 2020 में चीन भारत से मिनरल और नेचुरल वॉटर का सबसे बड़ा खरीददार बनकर उभरा, जिसके बाद दूसरे नंबर पर हमने मालदीव को पानी बेचा था.

    कितने लीटर पानी का निर्यात हुआ 
    लोकसभा में हुए सवाल-जवाब सेशन के दौरान ये बात सामने आई कि भारत से कितनी पानी, किस देश को निर्यात किया जा रहा है. इसमें एक सवाल के जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के राज्यमंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि 2015-16 से 2020-21 (अप्रैल से नवंबर) के बीच भारत ने कुल 38,50, 431 लीटर पानी निर्यात किया. आंकड़ों के बारे में डाउन टू अर्थ मैगजीन में विस्तार से बात की गई.

    ये भी पढ़ें: Explained: क्या है मेडिकल ऑक्सीजन, कैसे तैयार होती है?      

    पानी की कई किस्में बेची जा रहीं
    ये पानी केवल मिनरल वॉटर ही नहीं, बल्कि इसमें नेचुरल वॉटर भी शामिल रहा. इन पांच सालों में देश से लगभग 23,78,227 लीटर मिनरल वाटर और 8,69,815 लीटर नेचुरल वॉटर का निर्यात हुआ. इसमें चीन सबसे बड़ा खरीददार रहा. इसे हमने कई किस्म के पानी का निर्यात किया, लेकिन केवल मिनरल वॉटर से हमें लगभग 31 लाख रुपए हासिल हुए. वहीं मालदीव, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) मे भी पानी की कई किस्में हमारे यहां से आयात की गई.

    Tags: Coronavirus Cases In India, Coronavirus vaccine india, Hand wash, Research on corona

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें