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Netaji125 : कैसे नेताजी सुभाष बोस की बेटी को भारत में एक लड़के से हो गया प्यार

अनिता बोस जब 1960 में भारत आईं तो वह तब महज 19 साल की थीं. वो भारत में जहां कहीं गईं, उनका जबरस्त स्वागत किया गया.
अनिता बोस जब 1960 में भारत आईं तो वह तब महज 19 साल की थीं. वो भारत में जहां कहीं गईं, उनका जबरस्त स्वागत किया गया.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandar Bose) की बेटी अनिता बोस फाफ (Anita Bose Pfaff) नवंबर 1960 में पहली बार भारत आईं. दिल्ली में वो नेहरू (Nehru) के साथ प्रधानमंत्री आवास पर रुकीं. फिर कोलकाता (Kolkata) में अपने पिता के परिवार से मिलने चली गईं. इस दौरे में उनका जबरदस्त स्वागत हुआ. उसी दौरे में उन्हें भारत में एक लड़का मिला, जिससे उन्हें प्यार हो गया

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 11:24 PM IST
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देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मशती मना रहा है.वो देश के ऐसे नायक हैं, जिनका कद अलग और विराट दिखता है. उनकी बेटी अनिता बोस फाफ अपने पिता के देश पहली बार 1960 में भारत आईं. उनका जबरदस्त स्वागत हुआ. हू-ब-हू पिता की दिखने वाली अनिता के लिए 1960 में भारत आना इसलिए यादगार हो गया, क्योंकि उसी दौरान भारत में उन्हें एक ऐसा लड़का मिला, जिससे उन्हें प्यार हो गया.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जब कलकत्ता में रहते थे. तो उनसे शादी के लिए बंगला भद्रलोक के बड़े से बड़े परिवारों की लड़कियां लालायित रहती थीं. लेकिन उन्होंने तय किया था कि वो शादी नहीं करेंगे. लेकिन जब वो 1930 के दशक के बीच में यूरोप गए तो वियना में उन्हें एमिली शेंकल मिलीं. जिससे उन्हें प्यार हो गया. उन्होंने वहां गुप्त तरीके से शादी रचाई. ये तय किया कि उचित समय आने पर इसे जाहिर करेंगे.





एमिली शेंकल से उन्हें बेटी अनिता हुई. 1942 में अनिता का जन्म हुआ. जब उन्होंने अंतिम तौर जापान के लिए जर्मनी छोड़ा तो उनकी बेटी महज तीन महीने की थी. इसके बाद 18 अगस्त 1945 में एक हवाई हादसे में नेताजी के निधन की खबर आई.
लोगों को नेताजी की शादी और बेटी का पता नहीं था
अमूमन लोगों को पता ही नहीं था कि नेताजी ने शादी रचा ली. उनके एक बेटी भी है. इसका पता लगने पर आजादी के बाद नेहरू सरकार ने उनके परिवार को आर्थिक मदद दी. 19 साल का होने पर अनिता नेहरू के खास बुलावे पर भारत आईं. दिल्ली में उनकी आगवानी नेहरू की भांजी नयनतारा सहगल ने की. फिर उन्हें प्रधानमंत्री आवास में ठहराया गया.

अनिता बोस फाफ अपने पति मार्टिन फाफ के साथ. दोनों अब जर्मनी में रहते हैं.


अनिता का भारत में जबरदस्त स्वागत हुआ
अनिता 1960 के बाद से कई बार भारत आ चुकी हैं. पहली बार जब वो आईं तो कोलकाता में उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ा. बहुत शानदार स्वागत हुआ. इसके बाद पिता के परिवार से उनका जो संपर्क जुड़ा तो वो अब तक कायम है. उनके तीन बच्चे हैं-एक बेटा और दो बेटियां.

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संजय श्रीवास्तव की किताब "सुभाष बोस की अज्ञात यात्रा" में अनिता बोस के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है. ये भी बताया गया है कि उसी दौरे में उन्हें कैसे बेंगलुरु में मिले एक लड़के से प्यार हो गया.

नेताजी पर लिखी गई किताब "सुभाष बोस की अज्ञात यात्रा"


बेंगलुरु में मिला वो लड़का जिससे प्यार हो गया
दरअसल जब वो कोलकाता आईं तो अपने कजिन के साथ बेंगलुरु घूमने गईं. यहां उन्हें जिस लड़के से प्यार हुआ, उसका नाम मार्टिन फाफ था. बाद में वो उनका जीवन साथी बना. मार्टिन उस समय भारत में थे. उनके यहां होने की वजह थी कि उनके पिता विदेश से यहां आकर काम कर रहे थे. उस दौरान वो 1958 से लेकर 1962 तक भारत में रहे.

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हंगरी में पैदा हुए मार्टिन उन दिनों बेंगलुरु में बी.कॉम की पढ़ाई कर रहे थे. पढ़ाई के साथ वो अपना खाली समय दो ब्लाइंड स्कूलों में वालिंटियर के तौर पर देते थे. वहां अलग भूमिकाओं में उनके साथ सहयोग करते थे. जब अनिता बेंगलुरु आईं तो किसी कॉमन फ्रेंड के साथ उनकी मुलाकात मार्टिन से हुई. इस मुलाकात ने दोनों को एक-दूसरे की ओर आकर्षित किया. फिर कुछ मुलाकातों के बाद महसूस होने लगा कि वो आपस में एक-दूसरे को प्यार करने लगे हैं.

अनिता जब 1960 में भारत आईं थीं तो 19 साल की थीं. उसी दौरे में उन्हें बेंगलुरु में तब एक खूबसूरत युवक से प्यार हो गया, जब वो वहां अपने एक कजिन के साथ घूमने गईं थीं.


भारत से लौटीं लेकिन प्यार बरकरार रहा
1960 में करीब दो महीने रहने के बाद अनिता वापस आस्ट्रिया लौट गईं लेकिन मार्टिन के प्यार को साथ  ले गईं. वो उनके संपर्क में बनी रहीं. दोनों के बीच 05 सालों तक रोमांस चला. 1961 में मार्टिन ने बेंगलुरु से अपना बी.काम. पूरा किया. फिर उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए.

फिर दोनों ने शादी करने का फैसला किया
मार्टिन ने वहां पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. उसी दौरान अनिता भी वहां आ गईं. उन्हें भी अमेरिका के कालेज में हायर एजुकेशन के लिए दाखिला मिल गया. 1965 में दोनों ने शादी का फैसला किया.

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शादी वियना में हुई
ये शादी 05 जुलाई 1965 में वियना में हुई. 07 जुलाई 1965 को वियना स्थित भारतीय दूतावास ने भारत में विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री को टेलीग्राम भेजकर इस शादी की सूचना दी. टेलीग्राम के जरिए दो लाइन की सूचना भारत भेजी गई.

"नेताजी डाटर अनिता बोस वाज मैरिड येस्टरडे टू अमेरिकन सिटीजन मार्टिन फाफ" यानि नेताजी की बेटी अनिता बोस की शादी अमेरिकी नागरिक मार्टिन फाफ से कल हो गई.

70 के दशक में दोनों जर्मनी में आकर रहने लगे
शादी के बाद दोनों अमेरिका चले गए. वहां कई यूनिवर्सिटीज में 1965 से लेकर 1974 तक पढ़ाते रहे. 1975 के आसपास दोनों जर्मनी लौट आए. तब से वहीं रह रहे हैं.
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