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Coronavirus: हम चेहरे का कौन सा हिस्सा कितनी बार और कितनी देर तक छूते रहते हैं

Coronavirus: हम चेहरे का कौन सा हिस्सा कितनी बार और कितनी देर तक छूते रहते हैं

शोध (research) बताते हैं कि हम 1 घंटे में औसतन 23 बार अपना चेहरा छूते हैं. इस घंटेभर में भी चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को छूने (face touching habit) का काउंट और अवधि अलग-अलग होती है.

शोध (research) बताते हैं कि हम 1 घंटे में औसतन 23 बार अपना चेहरा छूते हैं. इस घंटेभर में भी चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को छूने (face touching habit) का काउंट और अवधि अलग-अलग होती है.

शोध (research) बताते हैं कि हम 1 घंटे में औसतन 23 बार अपना चेहरा छूते हैं. इस घंटेभर में भी चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को छूने (face touching habit) का काउंट और अवधि अलग-अलग होती है.

    बार-बार चेहरे को हाथ लगाने से कोरोना वायरस (coronavirus) ही नहीं, दूसरी कई संक्रामक बीमारियों (infectious disease) जैसे फ्लू, आई फ्लू, स्टमक फ्लू और बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) का खतरा बढ़ जाता है. इस बात को जानते हुए भी हम अनजाने में ही चेहरे को हाथ लगाते रहते हैं. Covid-19 के खतरों के बीच लगातार ये बात उठ रही है कि आखिर क्यों हम चेहरा छूते हैं और चेहरे में ऐसा क्या है जो वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

    हाथ लगाने से बचना मुश्किल
    कई शोध बताते हैं कि आमतौर पर सभी घंटेभर में लगभग 23 बार चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को छूते हैं. जैसे आंखें, मुंह, बाल, गाल या ठुड्डी को. University of Southern California में मनोविज्ञान की प्रोफेसर Wendy Wood के अनुसार ये सीधे-सीधे मनोविज्ञान से जुड़ा है. कई लोग किसी खास हालात में चेहरे को हाथ लगाते हैं, कई बार तनाव या खुशी के मौके पर ऐसा होता है तो अधिकतर लोग बगैर कारण अनजाने ही मुंह छूते रहते हैं. ये आदत छोड़ना इतना मुश्किल है कि एक्सपर्ट इसके लिए कोई नई आदत लगाने की सलाह भी देते हैं जिसे मनोविज्ञान की भाषा में हैबिट रिवर्सल कहते हैं. जैसे जब भी चेहरे की ओर हाथ जाएं तो ऊंगलियों को कुहनियों या कंधे की तरफ मोड़ दें. ये शोध Weill-Cornell School of Medicine की प्रोफेसर Gail Saltz ने किया.

    कैसे बढ़ता है खतरा
    World Health Organization (WHO) बार-बार चेतावनी दे रहा है कि कोरोना वायरस से बचने का सबसे आसान तरीका है कि चेहरा यानी आंखें, नाक और मुंह छूने से बचें. चूंकि ये वायरस प्लास्टिक, लकड़ी, कपड़ों या मेटल पर घंटों रह सकता है इसलिए अगर संक्रमित व्यक्ति इनके संपर्क में आने के बाद चला भी जाए तो भी उसकी खांसी, छींक के जरिए वायरस इनपर रह जाते हैं. ऐसे में अगर हम इन चीजों के संपर्क में आते हैं और फिर चेहरा छूते हों तो आंख, नाक और मुंह में मौजूद म्यूकोसल मेंब्रेन (mucosal membrane) के माध्यम से वायरस हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं. फ्लोरिडा में संक्रामक बीमारियों पर शोध कर रहे Dr. Dawn Mueni Becker कहते हैं कि अगर हाथ साबुन से धोए हुए नहीं हैं तो लगभग हर वक्त हाथ जर्म्स से भरे हुए होते हैं और मुंह, नाक, आंखों में पाए जाने वाले मेंब्रेन के जरिए अंदर पहुंच जाते हैं और सबसे पहले श्वसन तंत्र पर हमला करते हैं. ये रिपोर्ट The Atlanta Voice में प्रकाशित हुई थी.

    क्या कहती है नई रिसर्च
    फेस टचिंग पर कई नए शोध भी आए हैं जो बताते हैं कि कामकाजी लोग अपेक्षाकृत कम बार चेहरा छूते हैं. जैसे New South Wales, ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों ने पाया कि दफ्तरों में काम करने वाले लोग घंटेभर में 15.7 प्रतिशत बार चेहरे पर हाथ लगाते हैं. हालांकि चेहरे को 23 बार छुआ जाए या फिर कम बार, इतना तय है कि ये वायरस या बैक्टीरिया के हमारे शरीर में पहुंचने का सबसे आसान जरिया हैं. American Journal of Infection Control ने एक अहम स्टडी के दौरान पाया कि 60 मिनट की अवधि में हम कितनी बार चेहरे के किन हिस्सों को और कितनी देर तक के लिए छूते हैं. इसके साथ ही यह भी देखा गया कि कोई भी वायरस या बैक्टीरिया हमारे हाथों पर कितनी देर के लिए जिंदा रह सकता है.

    स्टडी में कई महत्वपूर्ण चीजें निकलकर आईं

    • मसलन घंटेभर में हम 4 बार अपने बाल छूते हैं. छूने की अवधि 1 सेकंड से लेकर 10 सेकंड तक हो सकती है.

    • हर व्यक्ति 1 घंटे में 3 बार अपनी आंखों को हाथ लगाता है. ये छूना 1 सेंकड से लेकर 53 सेकंड तक हो सकता है. यानी लगभग 1 मिनट तक के लिए.

    • एक घंटे में 1 बार हम अपने कानों को लगभग 1 से 20 सेकंड के लिए छूते हैं.

    • नाक को छूने की फ्रीक्वेंसी घंटेभर में 3 बार है जो 1 से 10 सेकंड तक हो सकती है.

    • गालों को औसतन 4 बार छूते हैं और ये अवधि 1 से 12 सेकंड तक मानी जा रही है.

    • मुंह में हाथ डालना या होंठों को छूना भी एक आम प्रवृत्ति है. ये काम हम 1 से 12 सेकंड के लिए औसतन 4 बार करते हैं.

    • इसी तरह गले को खुजलाना या छूना भी आम आदत है. ये घंटेभर में 1 बार और 1 से 23 सेकंड के लिए हो सकता है.

    • गालों को छूने की फ्रीक्वेंसी भी कुछ कम नहीं. हम घंटेभर में लगभग 4 दफे अपने गालों को छूते हैं, वो भी 1 से 10 सेकंड के लिए.गर्भ से आती है आदत
      वैसे Asymmetries of Brain, Behavior, and Cognition पर आधारित एक जर्नल में छपे शोध के मुताबिक चेहरे को बार-बार छूना इंसानों में जन्म से पहले से ही आने वाली आदत है. स्टडी के तहत 15 महिलाओं को जो अपने गर्भ के 24 से 36वें हफ्ते में थीं, शामिल किया गया. उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाया गया. उस दौरान पाया गया कि भ्रूण बार-बार अपने चेहरे को छूते हैं, खासकर अगर गर्भवती महिला किसी वजह से तनाव में हो. चेहरे को छूने की ये आदत इंसानों तक ही सीमित नहीं, बल्कि बंदरों, गुरिल्ला और यहां तक कि बिल्ली में भी ये आदत आम पाई गई.यानी चेहरे को न छूना काफी मुश्किल है लेकिन कुछ तरीकों से हम मुंह, नाक, आंखों या कान को कम से कम छूने की प्रैक्टिस सीख सकते हैं. इसके साथ ही हैंड-हाइजीन की आदत भी हमें संक्रमण से काफी हद तक बचा सकती है.ये भी पढ़ें:
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    Tags: China, Corona, Corona Virus, Health Explainer, Health News, Science

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