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    Explained : किसी और धर्म का कोई व्यक्ति कैसे बन सकता है हिन्दू?

    हिंदुत्व के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर Pixabay से साभार.
    हिंदुत्व के लिए प्रतीकात्मक तस्वीर Pixabay से साभार.

    कथित लव जिहाद (Love Jihad) को लेकर एक बार फिर छिड़ी बहस के बीच धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) के खिलाफ कुछ राज्यों के कानून चर्चा में आए. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या कोई ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत कोई हिंदू बन सके?

    • News18India
    • Last Updated: November 16, 2020, 12:09 PM IST
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    ईसाई बनना है तो चर्च में पादरी के पास जाइए और एक छोटी सी संस्कार प्रक्रिया के बाद आप ईसाई बन सकते हैं. इसी तरह, मुस्लिम बनने के लिए मस्जिद में किसी इमाम की मदद से धर्म परिवर्तन हो सकता है, लेकिन क्या आपने कभी देखा या सुना है कि किसी को हिंदू बनना है, तो क्या प्रक्रिया होती है? क्या किसी मंदिर में किसी संस्कार के तहत किसी और धर्म के व्यक्ति को हिंदू बनाया जा सकता है? हिंदू बनने के लिए प्रक्रिया और विधि क्या है?

    पहले तो आपको यह समझना चाहिए कि हिंदू होना एक जीवन शैली है इसलिए इसके दर्शन और अध्यात्म को समझने की भी ज़रूरत है. यह सही है कि किसी मंदिर में जाकर किसी खास संस्कार या प्रक्रिया के तहत पूरी तरह से हिंदू बनना संभव नहीं ​है. यह एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया है, तो दूसरी तरफ यह बहुत आसान भी है.

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    सर्वधर्म समभाव के भारत के नज़रिये को दर्शाती एक रंगोली.

    भारतीय उपमहाद्वीप के साथ ही नेपाल हिंदू आबादी का गढ़ है. इसके अलावा, बलूचिस्तान, इंडोनेशिया, मॉरीशस, फिजी, यूएई, कतर, श्रीलंका, घाना, त्रिनिदाद, टोबैगो और बांग्लादेश में भी हिंदू आबादी रहती है. सनातन धर्म के विशेषज्ञों के अनुसार हिंदू धर्म को अपनाने की प्रक्रिया को आप 8 स्टेप्स में आसानी से समझ सकते हैं कि कैसे कोई व्यक्ति हिंदू बन सकता है.
    सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि हिंदू होने का मतलब जीवन को एक खास ढंग से जीने से है. इसके बाद, आपको सनातन धर्म के संदेशों को जानना होगा. फिर आपको किसी ऐसे समूह या समुदाय से जुड़ना होगा, जो हिंदू धर्म के सिद्धांतों में आस्था रखता हो.
    कहा जाता है कि अगर आप हिंदू धर्म में पैदा नहीं होते, तो आप कभी हिंदू नहीं हो सकते. लेकिन आधुनिक समय में रास्ते निकाले गए कि गैर हिंदू को धर्म में आने की इजाज़त कैसे दी जाए. किसी मंदिर या हिंदू संगठन के साथ जुड़ने के बाद आपको पूजा अर्चना में भाग लेना चाहिए. इससे आपको धर्म की भूमिका समझ में आती है.
    योग और ध्यान हिंदू धर्म और जीवन शैली में काफी महत्वपूर्ण है. योग और ध्यान के लिए आपको विभिन्न आसन सीखने चाहिए. इसके बाद आपको वेद और अन्य धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए. हिंदू धर्म का आधार है 'कर्म'. आपको कर्म संबंधी हिंदू सिद्धांत समझने चाहिए और पूरी दुनिया व मानवता के हित में कर्म करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए.
    हिंदू जीवन शैली में त्योहारों का बड़ा महत्व है. हिंदू धर्म से जुड़ने के लिए आपको हिंदू त्योहारों और पर्वों को मनाना चाहिए. साथ ही, इनके पीछे की कथाओं और उनके संदेशों को समझना चाहिए. इसके साथ ही, हिंदू तिथियों और कैलेंडर के अनुसार नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए.
    हिंदू धर्म को अपनाने के लिए आपको हिंदुओं के तीर्थ स्थलों की यात्रा करना चाहिए और हिंदू रीति रिवाजों, देवी देवताओं एवं धार्मिक सिद्धांतों की विशाल धरोहर को जानना चाहिए. चार धाम सहित कई तीर्थ और पवित्र स्थलों की जानकारी और दर्शन से आप हिंदू धर्म की शरण में आते हैं.
    अगर आपको कोई मंदिर या संस्था शरण देने से इनकार करे, तो आप निराश न हों. हिंदू धर्म में प्रवेश के लिए वर्तमान में कई गुरु हैं, जो इंटरनेट के ज़रिये भी हिंदू धर्म की शिक्षा दे रहे हैं और हिंदू संगठनों की भी डिजिटल मौजूदगी है. यहां आप बुनियादी ​ज्ञान हासिल कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि हिंदू धर्म बाकी धर्मों से किस तरह अलग है.
    आपको हिंदू धर्म के दया, अहिंसा, सत्य, प्रेम और आध्यात्मिक मुक्ति जैसे विचारों को समझना चाहिए और इन पर अमल करना चाहिए. भक्ति और निरंतर धर्म की प्रैक्टिस करने से आप हिंदू हो सकते हैं. चूंकि हिंदू धर्म जाति आधारित है इसलिए किसी और धर्म से हिंदू बनने पर यह तय नहीं हो पाता कि आप किस जाति के तहत स्वीकार किए जाएंगे.
    नैतिक धर्म परिवर्तन छह मार्ग बताए गए हैं : 1. किसी हिंदू समुदाय से जुड़ना 2. अपने पिछले धर्म और हिंदू धर्म की मान्यताओं को तोलना, परखना 3. अपने पिछले धर्म और धर्मगुरु से अलग हो जाना 4. कोई हिंदू नाम कानूनी तौर पर लेना 5. किसी मान्यता प्राप्त हिंदू संस्था से पारंपरिक नामकरण संस्कार 6. अपने नए नाम और पिछले धर्म से अलग होने की घोषणा सार्वजनिक तौर पर करना.
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