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कैसे इतनी जल्दी 'इंडिया वन' विमान से दिल्ली से वाशिंगटन पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन में अपने खास विमान इंडिया वन से उतरते हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन में अपने खास विमान इंडिया वन से उतरते हुए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पहली बार अपने खास यानि वीवीआईपी विमान इंडिया वन (India One) से वाशिंगटन (Washington) गए हैं. ये दूरी उनके विमान ने औसत समय से ज्यादा तेज समय में पूरी की. जानते हैं क्या था पीएम का हवाई रूट और क्या है वहां तक की हवाई दूरी

  • News18Hindi
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर हैं. वो पहली बार अपने खास विमान इंडिया वन से वाशिंगटन गए हैं. करीब 01 साल पहले पीएम के लिए दो VVIP बोइंग 777 विमान अमेरिका से डिलिवर हुए थे. प्रधानमंत्री इससे काफी तेज गति से वाशिंगटन पहुंचे हैं. उनके विमान ने पृथ्वी के दो सुदूर छोरों की दूरी महज 15 घंटे 50 मिनट में तय की.

    इंडिया वन विमान का रखरखाव एयर इंडिया द्वारा किया जाता है. इसे एआई वन भी कहा जाता है. इसे खास तरीके से इंटीरियर और सुविधापूर्ण बनाया गया है कि ताकि जब भी भारतीय प्रधानमंत्री इसमें यात्रा करें तो उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हो.

    अब आइए जानते हैं कि इस विमान से किस तरह नई दिल्ली से वाशिंगटन तक की यात्रा की. विमान दिल्ली एयरपोर्ट के पालम टैक्निकल एरिया से उड़ा. उसकी मंजिल थी वाशिंगटन. विमान कहीं नहीं रुका और वाशिंगटन में ज्वाइंट बेस एंड्रयू पर उतरा.

    किस रूट से गई पीएम की फ्लाइट
    आमतौर पर दिल्ली से वाशिंगटन तक की सीधी फ्लाइट 15 घंटे 30 मिनट से लेकर 15 घंटे 50 मिनट का समय लेती है. आमतौर पर इस विमान की स्पीड 559 मील प्रति घंटे की होती है.
    प्रधानमंत्री के विमान ने अफगानिस्तान का रुट नहीं लिया बल्कि वो पाकिस्तान के आकाश से होते हुए वाशिंगटन पहुंचा. वैसे हम आपको बता दें कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने के बाद से आमतौर पर सभी कामर्शियल उड़ानें अब अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र से नहीं उड़ रही हैं. इसके बजाए दिल्ली से यूरोप और अमेरिका की ओर जाने वाली सभी फ्लाइट्स पाकिस्तान से जा रही हैं.

    प्रधानमंत्री मोदी इस रूट से नई दिल्ली से पहुंचे वाशिंगटन. ये जो कर्व दिख रहा है, इसे ग्रेट सर्किट कर्व भी कहा जाता है. (ग्राफिक – न्यूज18)

    ये रूट ग्रेट सर्किल कर्व भी कहा जाता है
    हालांकि भारतीय विमान पहले पाकिस्तान के एयर रूट का इस्तेमाल नहीं करते थे. वैसे पाकिस्तान का एयर रूट यात्रा की दूरी को कम कर देता है. नई दिल्ली से वाशिंगटन तक उड़ान को अगर मैप पर देखेंगे तो एक परफेक्ट कर्व यानि गोलाकार रुट की तरह होगा. आमतौर पर एयर ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में इसे ग्रेट सर्किट रूट कहा जाता है. जहां पृथ्वी के एक छोर से करीब दूसरे छोर तक लंबी और गोलाकार उड़ान हो.

    क्या है नई दिल्ली से वाशिंगटन की हवाई दूरी
    नई दि्ल्ली से वाशिंगटन तक की हवाई दूरी 12039 किलोमीटर है यानि 7499 मील और एयर नॉटिकल्स में ये दूरी 6507.76 नॉट है. आमतौर पर एयर इंडिया की वाशिंगटन तक की फ्लाइट पहले सीधे नहीं जाकर जर्मनी में रुकता था. तब एयरइंडिया 747 जंबो जेट का इस्तेमाल करता था. तब यात्रा में पूरे 24 घंटे लग जाते थे लेकिन अब जबसे बोइंग 777 के जरिए सीधी उड़ान हुई है तब से इस दूरी को तय करने का समय काफी घट गया है.

    कामर्शियल फ्लाइट्स कितना समय लेती हैं
    अब भी जो दूसरी तमाम कामर्शियल फ्लाइट्स हैं वो नई दिल्ली से न्यू यार्क या वाशिंगटन तक दूरी 20 घंटे से लेकर 24 घंटे या 30 घंटे या ज्यादा में पूरा करती हैं. हालांकि ये सभी सीधी उड़ान नहीं हैं बल्कि वो रास्ते में एक से दो-तीन जगह रुकती हुई जाती हैं. यानि लोगों को विमान बदलने होते हैं.

    रास्ते में हवा में पड़ने वाले देश
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान इंडिया वन जिस रूट से वाशिंगटन पहुंचा, उसमें वो हवाई मार्ग से जिन देशों या समुद्र के ऊपर से गुजरा, वो इस तरह से हैं
    पाकिस्तान
    ताजिकिस्तान
    किर्गिस्तान
    कजाखस्तान
    रूस
    स्वीडन
    नार्वेजियन समुद्र
    ग्रीनलैंड
    लेब्रेडोर समुद्र
    कनाडा
    अमेरिका

    क्या होती है विमान की स्पीड
    वीवीआईपी इंडिया वन विमान की स्पीड हवा में 559.99 मील प्रति घंटा है. जो औसत से तेज गति मानी जाती है. आमतौर पर हवा में कामर्शियल एयरलाइंस के विमानों की स्पीड 500 मील प्रति घंटा यानि 805 किलोमीटर प्रति घंटा या 434 नॉट्स प्रति घंटा होती है.

    लंबी दूरी को तय करने के मानक क्या होते हैं
    आमतौर पर अगर लंबी दूरी की विमान यात्रा कर रहे हैं तो इसका समय कई बातों पर तय करता है
    – एयरक्राफ्ट कैसा है, कितना पुराना है, उसकी कंडीशन कैसी है
    – उसकी स्पीड क्या है
    – वो हवा में कितना दबाव सह पाता है
    – वो कौन सा रूट ले रहा है
    – मौसम कैसा है
    – यात्रियों की संख्या यानि पैसेंजर लोड भी एक अहम कारक होता है.

    हवा में दूरी तय कैसे होती है
    हवा में दूरी तय करने के लिए दो शहरों के बीच के लेटीट्यूड और लांगिट्यूड को देखा जाता है. इससे उनकी हवा में दूरी पता लग जाती है. फिर रूट भी देखा जाता है.

    नई दिल्ली और वाशिंगटन के समय में कितना अंतर है
    वाशिंगटन का समय नई दिल्ली के समय से 09.30 घंटे पीछे रहता है.

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