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जानिए कैसे काम करते हैं टैंपरेचर कंटेनर्स, जिनमें आ रही है कोरोना वैक्सीन

वैक्सीन (Vaccine) को फैक्ट्री से गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के दौरान उसे निश्चित तापमान (Specific Temperatrue) में रखने की व्यवस्था एक खास निगरानी सिस्टम (Monitoring system) से की  जाएगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)(प्रतीकात्मक तस्वीर)
वैक्सीन (Vaccine) को फैक्ट्री से गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के दौरान उसे निश्चित तापमान (Specific Temperatrue) में रखने की व्यवस्था एक खास निगरानी सिस्टम (Monitoring system) से की जाएगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)(प्रतीकात्मक तस्वीर)

देश भर में कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) का टीकाकरण शुरू हो रहा है. इसके लिए पूरे समय इसे निश्चित तापमान पर कायम रखने के लिए खास तरह के टैंपरेचर कंटेनर (Temperature containers) में रखा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 1:55 PM IST
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वैक्सीन वैन (Vaccine Van) के कंटेनर में खास तरह की सेंसर (Sensors) और टेलीमेटिक्स तकनीक का उपयोग होता है.


भारत में कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) के टीकाकरण (Vaccination) का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू हो रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में वैक्सीन (Vaccine) को 2 से 8 डिग्री तापमान पर रखा जाएगा जिसके लिए खास तरह के कंटोनर्स (Vaccine Containers) का उपयोग किया जा रहा है. इन कंटेनर्स की खास बात यह है कि इनके तापमान को ऑनलाइन नियंत्रित (Online control) किया जा सकता है और इसके साथ ही इन कंटेनर के तापमान की निगरानी भी रखी जा सकती है.



निश्चित तापमान बहुत जरूरी
वैक्सीन के लिए जरूरी है कि वह तभी कारगर रह पाएगी जब उसे एक निश्चित तापमान में लगातार ठंडा रखा जाए. ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक बार उत्पादन होने के बाद टीका लगाने तक उसका तापमान कायम रखा जाए नहीं तो वैक्सीन बेकार हो सकती है. इसलिए न केवल इन वैक्सीन के बॉक्स बल्कि इन्हें ला रहे कंटेनर में तापामान नियंत्रण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. ऐसे में ट्रैकिंग टेलीमैटिक्स तकनीक इस समस्या का समाधान सुझा सकती है.

खास सेंसर्स का उपयोग
इस तकनीक में बहुत सारे सेंसर्स का उपयोग होता है जो एक लॉजिस्टिक सर्विस के जरिए जहाजों, ट्रेन, ट्रक एवं अन्य सड़क वाहन, और हवाई जहाज में कंटेनर को ट्रैक कर सकते हैं और उसमें रखी चीजों पर भी निगरानी रख सकते हैं. ऐसा उत्पादन क्षेत्र से लेकर अंतिम बिंदु यानि टीका लगने वाले स्थान तक लगातार किया जा सकता है. इससे वैक्सीन और उनके कंटेनर पर जमीन,  हवा और पानी तीनों जगह पर निगरानी संभव हो जाती है.

बॉक्स से लेकर कंटेनर तक में नियंत्रण
इस तरह की व्यवस्था में एक कंपनी सप्लाई चेन उद्योग को डेटा और सर्विसेस प्रदान की जाती है, वहीं दूसरी कंपनी ये खास तरह के रीफर कंटेनर प्रदान करती है जिसमें रख कर नियंत्रित तापमान में वैक्सीन को गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जाता है. इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाता है कि न केवल बॉक्स में तापमान नियंत्रित हो बल्कि उस कंटेनर में भी तापमान नियंत्रित हो और उस पर बराबर निगरानी हो जिसमें वैक्सीन को ले जाया जा रहा है.

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बदलाव बिंदुओं पर भी पूरा नियंत्रण
इस समाधान के साथ कंटेनर के अंदर का दृश्य भी देखा जा सकता है जिसमें कंटेरन का पूरा वातावरण तापमान, आर्द्रता  आदि सभी कुछ जरूरत के मुताबिक नियंत्रित किया जा सकता है. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जहाज या हवाई जहाज से सड़क परिवहन, स्थानीय परिवहन आदि बदलाव बिंदुओं पर भी इन कंटेनर की व्यवस्था में किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं पड़ता है. इतना ही नहीं इस सेंसिंग या टेलीमेटिक्स तकनीक के आकंड़ों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है जो बाद में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं.

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इन तकनीक (Technique) में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि बदलाव के क्षणों में तापमान (Temperature) आदि नियंत्रण में रहे.


क्या होता है इस स्मार्ट कंटेनर में
यह स्मार्ट कंटेनर एक सामान्य मानक कंटेनर होता है जो बहुत सारे सेंसर्स से युक्त होता है. ये सेंसर्स तापमान के अलावा, झटका, आर्द्रता और दरवाजे के बंद रहने की स्थिति का जानकारी लगातार रिकॉर्ड करते रहते हैं. यह जानकारी रियल टाइम में यानि तुरंत ही पहले से निर्धारित नियंत्रण कक्ष में भेजी जाती है जो कंटेनर को सैटेलाइट या जीपीएस के जरिए भी ट्रैक कर सकता है. इतना ही नहीं सेंसर्स कंटेनर रखे सामान और उसकी गुणवत्ता तक की जानकारी हासिल कर सकते हैं.

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यह तकनीक तो काफी पहले से मौजूद है ,लेकिन इन क्षमताओं का उपोयग एक उपयुक्त सिस्मट के लिए अभी तक नहीं हो पाया था. यह सिस्टम अब पूरे कार्गो और वितरण एवं प्रदान व्यवस्था के लिए उपयोग में लाया जाने लगा है और अब यह कोरोना वैक्सीन के वितरण के लिए उपयुक्त साबित हो रही है.
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