आप भी कर सकते हैं आत्माओं से बात, जानें कैसे?

आप भी कर सकते हैं आत्माओं से बात, जानें कैसे?
किसी ट्रॉमा में दुनिया से गई आत्मा आसपास ही रहती है और खुद अपनों से बात करना चाहती हैं- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)

इंडियन पैरानॉर्मल एक्सपर्ट (paranormal expert) ने भी सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले को समझने की कोशिश की. वे मानते हैं कि आम लोग भी आत्माओं से मुलाकात कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 27, 2020, 11:33 AM IST
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सोशल मीडिया पर हाल में एक पैरानॉर्मल विशेषज्ञ स्टीव हफ (paranormal expert Steve Huff) ने सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आत्मा से बात का दावा किया था. स्टीव अकेले नहीं, भारत में भी कई पैरानॉर्मल एक्सपर्ट (paranormal expert in India) इस कोशिश में लगे हैं. इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी के ऑपरेशन्स चीफ वकार राज इनमें एक बड़ा नाम हैं. वकार अब तक 15 सौ से ज्यादा जगहों पर पैरानॉर्मल चीजों की खोज में जा चुके हैं. उनका मानना है कि आम लोग भी आत्माओं से बात कर सकते हैं. खासकर वे अगर किसी अपने से बात करना चाहें तो ये मुमकिन है. अक्सर किसी ट्रॉमा में दुनिया से गई आत्मा आसपास ही रहती है और खुद अपनों से बात करना चाहती हैं. जानिए, कैसे मुमकिन है आत्माओं से संवाद.

क्या आत्माओं से कनेक्ट हुआ जा सकता है?
बिल्कुल. अगर कोई शख्स अपने गुजरे हुए मां-पिता, भाई-बहन, पति या दोस्त की आत्मा से जुड़ना चाहे तो ये हो सकता है. कोई अगर अपनी उम्र पूरी करके नहीं गया हो, या फिर किसी सदमे में गया हो तो वो अर्थ-बाउंड ही होता है. यानी उससे जुड़ा जा सकता है. ऐसे बहुत से कॉल हमारे पास आते हैं कि फलां की आत्मा से जुड़ने में मदद चाहिए. मैं कहता हूं कि इसमें वे खुद ही अपनी मदद कर सकते हैं क्योंकि आत्माएं भी बात के लिए अपनों को खोजती हैं.

पैरानॉर्मल एक्टिविटी इनवेस्टिगेटर वकार राज 8 सालों से यही काम कर रहे हैं

कैसे हो सकती है बातचीत?


अगर आम लोग अपने परिवार से दोस्त की आत्मा से कनेक्ट होना चाहें तो इसके लिए लाखों के उपकरण नहीं चाहिए. वे रात में अंधेरे कमरे में बैठ जाएं. मोबाइल का वीडियो फ्लैश के साथ ऑन रखें और कैमरा बिल्कुल स्थिर रहे. इसके बाद आपको शांत मन और आवाज में उसका नाम या जो भी संबोधन आप देते हों, वैसे बुलाना होगा. आपको कहना होगा कि अगर फलां आत्मा यहां है तो मुझे इसका कोई इशारा दे. आप पाएंगे कि आपके मोबाइल पर अचानक कोई रोशनी आती है और चली जाती है. वो पैटर्न में भी आ सकती है.

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अब कोई ये भी पूछ सकता है कि रोशनी तो डस्ट पार्टिकल या कोई कीड़ा-मकोड़ा भी हो सकता है. तो मेरा जवाब ये है कि फिर वो आपकी कमांड या रिक्वेस्ट पर ही क्यों आएगा! रोशनी दिखने का मतलब है कि आत्मा साथ ही मौजूद है. इसके बाद कम्युनिकेशन की शुरुआत हो सकती है.

कैसे समझी जाए आत्माओं की आवाज?
आत्माओं से सवाल करने पर जो जवाब आते हैं, उनकी आवाज काफी धीमी होती है. और साथ ही रोबोटिक साउंड में सुनाई पड़ता है. इसे गौर से सुनना और डिकोड करना पड़ता है. हमारे पास इसके लिए कई खास तरह के उपकरण होते हैं, जिनसे रिकॉर्ड करके हम बाद में आवाज की बात को डिकोड करते हैं. लेकिन सामान्य कैमरा रिकॉर्डर से भी ये हो सकता है.

आत्मा से कनेक्ट होना चाहें तो इसके लिए लाखों के उपकरण नहीं चाहिए- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


एक्सपर्ट यानी आप जैसे लोग कैसे करते हैं आत्माओं से बात?
हमारा मामला थोड़ा अलग होता है. जैसे हमें किसी प्रॉपर्टी के हॉन्टेड होने की बात पर उसके मालिक ने बुलाया. हमें पक्का करना होता है कि वहां कुछ है या महज वहम है. इसके लिए हम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी चेक करते हैं. ये फ्रीक्वेंसी उन तमाम जगहों पर होती है, जहां भी मोबाइल टावर या स्ट्रॉग वाईफाई राउटर या सड़क के नीचे तार जा रहे हों. बस फर्क ये है कि उन जगहों पर फ्रीक्वेंसी स्थिर होती है, जबकि जहां आत्माएं हों, वहां ये बदलती रहती है. बार-बार ब्लिंक करती है. अगर आत्मा हो तो भी बात आसान नहीं होती क्योंकि हम उनके लिए अनजान होते हैं. कई बार अगर आत्मा बुरी हो तो वो नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है, जैसे कुछ ऐसा करती है कि हम डर जाएं.

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कैसे डराती हैं आत्माएं?
टीवी पर देखा होगा कि आत्माएं पूरे का पूरा घर हिला देती हैं. इंसानों को उठा-उठाकर पटकती हैं. सिर फोड़ देती हैं. ऐसा कुछ भी नहीं है. वे भारी सामान को मेनिपुलेट नहीं कर सकतीं लेकिन अपने होने का सबूत देकर डरा जरूर पाती हैं. हालांकि सारी आत्माएं डराती भी नहीं. कुछ ही आत्माएं क्रिमिनल इरादे रखती हैं. ये वो होती हैं, जो जिंदा रहते हुए भी बुरी इंसान रही होंगी. लेकिन वो भी तब तक असहाय रहती हैं, जब तक कि आप डर न जाएं. जैसे ही डरेंगे, वे एनर्जी सोखने लगेंगी. सिर भारी होना, गला सूखना, और जो है नहीं, वो दिखना जैसी बातें इसका उदाहरण हैं कि आत्मा एनर्जी सोख रही है. डरने पर आप खुद ही अपना नुकसान कर लेंगे. ऐसे में बचने के लिए जरूरी है कि डरा न जाए.

आत्माओं से सवाल करने पर जो जवाब आते हैं, उनकी आवाज काफी धीमी होती है (Photo-pxfuel)


क्या अपनी परिचित आत्मा से बात करने में कोई खतरा हो सकता है?
बिल्कुल नहीं. अगर कोई अपने पापा की आत्मा से बात करना चाहे तो ये नहीं हो सकता कि किसी के पापा जब तक जिंदा थे, अच्छे थे, अब वो मरने के बाद बुरी आत्मा होंगे. आम लोग अपने जानकार से बात करना चाहें तो किसी तरह का रिस्क नहीं है. बस धैर्य रखना होगा. अगर आप किसी अपरिचित आत्मा को बुलाना चाहें और वो अगर बुरी हो तो वो डराने की कोशिश करेगी. जैसे आपको लग सकता है कि कोई गला दबा रहा है या चेहरे पर कोई खरोंच मारकर चला गया हो. कई बार फीबल सी गाली जैसी आवाज भी आती है. जैसे निर्भया के अपराधियों को लें तो उनकी आत्माएं अब भी शिकार खोजती होंगी. तो किसे बुलाना है, ये आपको खुद तय करना होगा.

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सुशांत सिंह मामले में भी आपने आत्माओं से बात करने की कोशिश की थी. उसका क्या रिजल्ट रहा?
हां, मैंने बात करने की कोशिश की थी, लेकिन सुशांत नहीं, बल्कि किसी ऐसी आत्मा की जो वहां क्या हुआ था, इसका इशारा दे सके.

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी के जरिए आत्माओं की प्रेजेंस पता लगती है (Photo-pixabay)


बेसिकली हम किसी की स्पेसिफिक अनजान आत्मा से बात करना चाहें तो हमें या तो साथ में उसका परिचित शख्स चाहिए होता या फिर ऐसी जगह जाना होता है, जहां उसकी आत्मा हो सकती है. जैसे सुशांत के मामले में हमें उनके पैतृक घर या स्कूल जाना चाहिए या फिर उनका कोई प्रिय साथ बैठे, तब संवाद होता है. मैंने सुशांत के बारे में जानने की कोशिश में वीडियो बनाए. उनमें से एक वीडियो में एक ऐसा नाम सुनाई दे रहा है जो जाना पहचाना है. लेकिन इस बारे में फिलहाल मैं कोई दावा नहीं कर रहा.

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स्टीव हफ ने सुशांत से बात का दावा किया था. इस बारे में क्या कहना है?
वो मेरे सीनियर हैं, उम्र और प्रोफेशन दोनों में. हालांकि उनकी कई बातें विरोधाभासी हैं. जैसे एक बार वो कहते हैं कि सुशांत खुद को स्वर्ग में बताते हैं. अगर ये सच है तो सुशांत अर्थबाउंड नहीं. ऐसी आत्मा से बात हो ही नहीं सकती है जो अर्थबाउंड न हो. ऐसा मेरा मानना है. साथ ही वे astral doorway नामक मशीन से सुशांत के साथ सेशन का दावा करते हैं. ये मशीन उन्हीं की बनाई हुई है. वो पहले बिक्री के लिए भी उपलब्ध रही. स्टीव का दावा था कि इससे दूसरी दुनिया का रास्ता खुल जाता है और कोई भी आत्माओं से बात कर सकता है. हालांकि खरीदने वाले को ऐसा कुछ नहीं मिला और काफी अमेरिकन स्टीव के खिलाफ भी हो गए थे. अब उसी उपकरण से वे सुशांत से बात का दावा कर रहे हैं, जो मुझे सही नहीं लगता.
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