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जानें किन तीन वजहों से भारत में जा सकती है आपकी नागरिकता

News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 3:21 PM IST
जानें किन तीन वजहों से भारत में जा सकती है आपकी नागरिकता
भारत में नागरिकता जाने के तीन नियम हैं.

तीन कारणों से किसी भी शख्स की भारतीय नागरिकता वापस छीनी जा सकती है. इन तीन वजहों में दो काफी हद तक स्वैच्छिक हैं तो तीसरी वजह गंभीर है.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 3:21 PM IST
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नई दिल्‍ली. भारत सरकार के नागरिकता संशोधन बिल 2019 की चर्चा हर ओर है. लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी इसे पास करके इसके कानून बनाने का रास्ता साफ कर दिया है. ये बिल उन शरणार्थियों के बारे में हैं, जिन्हें धर्म के आधार पर अब भारत में आसानी से नागरिकता मिल सकेगी. क्या आपको मालूम है कि तीन ऐसी वजहें भी हैं, जिनकी वजह से हमारी नागरिकता जा भी सकती है.



भारत का सिटीजनशिप एक्ट 1955 कहता है कि तीन तरीकों से आपकी नागरिकता छीनी जा सकती है. बेशक आपको भारत की नागरिकता मिली हुई हो, लेकिन ये संवैधानिक प्रावधान आपको देश के नागरिक बनने से वंचित कर देंगे. ये तीन वजहें हैं - नामंजूरी, बर्खास्तगी और अपदस्थगी.


आइए जानते हैं कि इनका मतलब क्या है और ये किस तरह से प्रभावी होती हैं-



  1. नामंजूरी या अस्वीकार्यता वो स्वैच्छिक वजह है, जब किसी शख्स को किसी अन्य देश की नागरिकता मिल जाती है तो उसे भारत की नागरिकता छोड़नी होगी. अब तक भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है.


2. बर्खास्तगी - ये कानून भी यही कहता है कि अगर आपने दूसरे देश की नागरिकता हासिल कर ली तो आपकी भारतीय नागरिकता बर्खास्त कर दी जाएगी.

3. अपदस्थगी भी नागरिकता खत्म होने की वजह बन सकती है. अगर आपने पंजीकरण या दूसरे देश से आकर नागरिकता हासिल की हो तो इसे न्यूट्रलाइजेशन भी कहते हैं. इसे भारत सरकार के आदेश पर ही लागू किया जाता है. सरकार ने अगर आपकी नागरिकता रद्द करने का आदेश दे दिया तो वो चली जाएगी.

अगर आपने दूसरे देश से आकर भारत में नागरिकता लेने के लिए गलत जानकारियां दी हैं तो आपकी नागरिकता बर्खास्त हो सकती है


ये खासकर उन मामलों में होता है, जब आपने फर्जी तरीके से भारत की नागरिकता हासिल की हो या शादी को आड़ बनाकर ऐसा किया हो. अगर आप भारतीय संविधान के प्रति भरोसा नहीं रखते हों तब आपकी नागरिकता बर्खास्त कर दी जाएगी.

भारत क्यों दोहरी नागरिकता नहीं देता
भारत दोहरी नागरिकता नहीं देता. हालांकि, इसके लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है. ये चर्चाएं भी रही हैं कि देर-सबेर भारत भी ऐसा कर देगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है. भारत का दोहरी नागरिकता नहीं देने का तर्क हमेशा यही रहा है कि आपकी एक राष्ट्र के प्रति निष्ठा होनी चाहिए. दो राष्ट्रों के प्रति आप एक साथ निष्ठा नहीं रख सकते. इसलिए भारत अब तक दोहरी नागरिकता नहीं देता है.

अगर कोई भारतीय अपनी नागरिकता छोड़ने के बाद इसे लेना चाहे तो
अगर आपने विदेश में रहने के दौरान भारत की नागरिकता छोड़ दी है और वापस भारत लौटकर नागरिक बनना चाहते हैं तो आपके ऊपर वही नियम लागू होंगे जो नए देश में नागरिकता लेने के लिए लागू होते हैं, आपको उसी अनुसार भारत आकर पहले परमिट लेकर रहना होगा. फिर नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा.

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First published: December 12, 2019, 1:12 PM IST
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