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Hubble Telescpoe ने देखा पुच्छल तारे का बिखराव, सालों में एक बार होता है ऐसा

Hubble Telescpoe ने देखा पुच्छल तारे का बिखराव, सालों में एक बार होता है ऐसा

पिछले महीने ही पृथ्वी के पास आने से पहले ही एक पुच्छल तारा बिखर गया था.

पिछले महीने ही पृथ्वी के पास आने से पहले ही एक पुच्छल तारा बिखर गया था.

हबल टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) ने पुच्छल तारे (Comet) के बिखरने की दुर्लभ घटना की शानदार तस्वीरें ली हैं.

नई दिल्ली: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के खास हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) ने एक अनोखी खगोलीय घटना देखी और उसे बेहतरीन तस्वीरों में भी कैद कर लिया. हबल ने एक पुच्छल तारे (Comet) को टुकड़ों में बिखरते देखा. उस पुच्छल तारे या धूमकेतू का नाम कॉमेट एटलस (Comet Atlas) है.

कब खोजा गया था यह पुच्छल तारा
यह पुच्छल तारा उस समय सूर्य की ओर जा रहा था. नासा ने इस घटना की विस्तार से जानकारी प्रकाशित की. इस पुच्छल तारे की खोज पिछले साल 29 दिसबर को हुई थी. इसे एटलस (ATLAS)  नाम  के रोबोटिक एस्ट्रोनॉमिकल सर्वे सिस्टम ने खोजा था.

दो दिन के भीतर ही कम दिखने लगे टुकड़े
नासा का कहना है कि टेलीस्कोप ने पिछले 20 अप्रैल को करीब 30 टुकड़े देखे और 23 अप्रैल को इसके 25 टुकड़े देखे.  नासा का कहना है कि जब हबल ने तस्वीरें लीं तब पुच्छल तारे का टूटना पृथ्वी से 14.6 करोड़ किलोमीटर हुआ था.

पहले तेजी से चमका और फिर...
यह कमेट मार्च के मध्य में तेजी से चमका. कुछ खगोलविदों को लगता कि शायद यह पिछले 20 सालों में इस साल मई में बिना टेलीस्कोप के ही आंखों से दिखने वाला पुच्छल तारा हो जाए. लेकिन अचानक यह चमक खोने लगा और धुंधला होता गया.

अगर कोई हिस्सा बचा तो पृथ्वी से कितनी दूर से गुजरेगा
यदि इस धूमकेतू का कोई हिस्सा बच गया हो तो वह पृथ्वी के सबसे निकट से आगामी 23 मई को गुजरेगा और यह करीब 11.6 करोड़ किमी दूरी से गुजरेगा. और उसके 8 दिन बाद यह सूर्य से 4 करोड़ किमी दूर से गुजरेगा.

बहुत ही तेजी सो हो गया सब कुछ
इस घटना की दो टीमों ने तस्वीर ली. उनमें से एक टीम के सदस्य और UCLA लॉस एंजोलिस के प्लैनेटरी साइंस एंड एस्ट्रोनॉमी के प्रोफेसर डेविड जेविट ने कहा, “इन दो दिनों में ही उनमें काफी परिवर्तन दिखाई दे गया. यह इतना ज्यादा था कि उन्हें जोड़ना बहुत मुश्किल है.” जेविट का कहना है कि वे इस बात के लिए आश्वस्त नहीं हैं कि ये बदलाव इन टुकड़ों के सूर्य की रोशनी की चमक से दिखे या फिर अलग-अलग टुकड़े अलग दिन दिखे.

रोचक घटना भी साबित हो सकती है यह
वहीं दूसरी टीम के लीडर क्वान्जी ये ने कहा कि यह एक रोचक घटना है और एक दो दशकों में एक बार ही हो पातीहै. ज्यादातर पुच्छल तारा की टूटना बहुत ही धुंधला होता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि हबल ने जो स्पष्ट तस्वीरें भेजी हैं उनसे इस घटना के बारे में नए सुराग मिल सकते हैं

तीस साल पहले अंतरिक्ष में पहुंचा था हबल
हबल स्पेस टेलीस्कोर 24 अप्रैल 1990 को  तीस साल पहले लॉन्च हुआ था. इतने सालों में यह नासा की सबसे लंबे तक सक्रिय रहने वाली ऑबजर्वेटरी बन चुकी है. हबल अंतरिक्ष में स्थित सबसे पहला बड़ा ऑप्टिकल टेलीस्कोप हैं. इसने ब्रह्माण्ड के तेजी से बढ़ने वाली नोबोल पुरस्कार विजेता खोज में अहम भूमिका निभाई है.

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Tags: Nasa, Research, Science, Space

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