NASA के हबल टेलीस्कोप की तस्वीर से फिर क्यों चर्चा में आ गया Neowise धूमकेतु

NASA के हबल टेलीस्कोप की तस्वीर से फिर क्यों चर्चा में आ गया Neowise धूमकेतु
नासा के हबल टेलीस्कोप की हाई रिजोल्यूशन तस्वीर के बाद नियोवाइज धूमकेतु फिर से चर्चा में आ गया. (तस्वीर, नासा)

नासा (NASA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble space Telescope) ने इसी महीने नियोवाइज (Neowise) नाम के धूमकेतु (Comet) की सूर्य के पास से गुजरने के बाद की बेहतरीन तस्वीरें ली हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 7:21 AM IST
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पिछले महीने नियोवाइज (Neowise) नाम का धूमकेतु (Comet) बहुत चर्चा में रहा. उस समय यह पृथ्वी (Earth) के पास से गुजरा था, लेकिन वह अब एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वह सूर्य (Sun) के पास से गुजरा है और इस दौरान नासा (NASA) के हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) ने उसकी तस्वीर भी ली है. पिछले महीने जब लोगों ने नियोवाइज की तस्वीरों को बार बार देखना पसंद किया था तो ऐसे में हबल की तस्वीरें भी कम चर्चा में नहीं हैं.

क्यों खास रहा ये धूमकेतु
जुलाई के महीने में पृथ्वी के पास से गुजरा यह नियोवाइज धूमकेतु पिछले धूमकेतुओं से अलग था. यह पृथ्वी की सतह से अब तक का देखा गया सबसे चमकीला धूमकेतु माना गया था. यही वजह थी कि यह धूमकेतु आकाशदर्शियों के बीच एक सेलिब्रिटी हो गया था. इस धूमकेतु का नाम C/20202 F3 भी है और यह जब पृथ्वी के पास से गुजरा था तो उत्तरी गोलार्द्ध में पूरी तरह से दिखाई दे रहा था.

कितना बड़ा है यह
बहुत कम दिखाई देने वाला यह धूमकेतु पांच किलोमीटर बड़ा है और इसके केंद्र में जो काली सामग्री है वह 4.6 अरब साल पहले की है यानि यह वही समय है जब हमारे सौरमंडल का निर्माण हो रहा था. लंबी दूरी का यह धूमकेतु इसी साल 27 मार्च को खोजा गया था. यह सूर्य का चक्कर लगाने में लगभग 6700 साल लगाता है.



किस हिस्से की तस्वीर लीं हबल ने
अब नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने इस धूमकेतु के कोमा की नजदीकी तस्वीरों को कैद किया है इसके नतीजे काफी उत्साहजनक हैं. कोमा गैस और धूल से बना वह बादल होता है जो धूमकेतु के बर्फीले केंद्र के आसपास होता है.



पहली बार हबल ने लीं ऐसी तस्वीरें
नासा का कहना है कि इस धूमकेतु की तस्वीरें इस महीने की  पहले हफ्ते के बाद, 8 अगस्त को ली गई थीं. यह पहली बार है कि हबल ने किसी धूमकेतु की इतनी चमक के साथ तस्वीरें ली हैं जब वह सूर्य के नजदीक से गुजर रहा हो.

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सूर्य के पास से गुजरने के बाद
यह तस्वीरें उस समय के बाद ली गईं जब नियोवाइज सूर्य के 4.3 करोड़ किलोमीटर पास हो कर 3 जुलाई को गुजरा था. जहां दूसरे धूमकेतुओं के सूर्य के नजदीक आने से उसके ऊष्मा और गुरुत्व दबाव के कारण टूट जाने की संभावना होती है, हबल की तस्वीरें बताती हैं कि नियोवाइज का केंद्र नहीं टूटा था.

Comet
नियोवाइज अब तक का सबसे चमकीला धूमकेतु माना गया है. (तस्वीर : @NASA )


हबल के रिजोल्यूशन का कमाल
प्रमुख शोधकर्ता और कैलिफोर्निया कैल्टेक के किचेंग झांग ने बताया कि नियोनाइज का केंद्र दूरी के लिहाज से हबल के देखे जाने के लिए बहुत छोटा था. नियोवाइज की तस्वीरों के लिए इस टेलीस्कोप का रिजोल्यूशन दूसरे टेलीस्कोप के मुकाबले बहुत बढ़िया था. इसी रिजोल्यूशन की वजह से ही इसके केंद्र को इतने नजदीक से विस्तार के साथ देखा जा सका और सूर्य की गर्मी के कारण इसके केंद्र से निकली धूल में बदलाव भी देखे जा सके.

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इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों को हमारे सौरमंडल के शुरुआती समय में मौजूद धूल के बारे में जानने का मौका मिलेगा. शोधकर्ता अब ये देखना चाह रहे हैं कि जब धूमकेतु हमारे सूर्य से दूर जा रहा होगा, तब उसके रंग में किस तरह का बदलाव दिखाई देगा. इससे उन्हें सूर्य की गर्मी के कारण कोमा कीधूल की संरचना और स्वरूप में बदलाव के बारे में पता चल सकेगा.
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