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human skull has tiny channels inside could be important for the brain viks

दिमाग की सेहत के लिए अहम क्यों हैं इंसान की खोपड़ी में मिले चैनल

मानव खोपड़ी (Human Skull) में मस्तिष्क तक पहुंचने के लिए मिले चैनल एक नई कहानी बता रहे हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

मानव खोपड़ी (Human Skull) में मस्तिष्क तक पहुंचने के लिए मिले चैनल एक नई कहानी बता रहे हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

मस्तिष्क(Brain) पर हुए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि मानव खोपड़ी के अस्थिमज्जा से दिमाग की ऊपरी परत मेनिनजीस तक बहुत सारी महीन वाहिकाएं (Tiny Channels) होती हैं जिनसे प्रतिरोधी कोशिकाओं का प्रवाह तो होता ही है, बल्कि विपरीत दिशा में प्रमस्तिष्क जल भी बहता है. यह खोज मस्तिष्क चिकित्सा जगह में बहुत उपयोगी हो सकती है क्योंकि प्रमस्तिष्क जल के जरिए कई दिमागी संक्रमण और खतरे पहचाने जाते हैं.

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    वैज्ञानिक मानव मस्तिष्क (Human Brain) की कार्यप्रणाली और उसके हिस्सों के कार्यों को समझने का लंबे  समय से प्रयास कर रहे हैं. इनमें से प्रतिरोध अनुक्रिया बहुत महत्वपूर्ण और जटिल प्रक्रिया है जिसमें एक स्पंज की तरह ऊतक काम करते हैं जिन्हें अस्थि मज्जा (Bone Marrow) कहते है. नए अध्ययन में मस्तिष्क से अस्थिमज्जा तक प्रमस्तिष्क जल (cerebrospinal fluid) के लिए कई छोटे चैनल या महीन रास्ते खोजे गए हैं, जिससे दोनों के बीच प्रतिरोध अनुक्रिया के लिए संयोजन कार्य बहुत तेजी से होता है. चिकित्सा जगत में मानव खोपड़ी (Huma Skull) से संबंधित यह खोज बहुत बड़ी मानी जा रही है क्योंकि इसी जल की जांच कर दिमाग में संक्रमण और दूसरे खतरों के संकेत पहचाने जाते हैं.

    दो साल पहले के शोध से आगे
    नेचर न्यूरोसाइंस में प्रकाशित अध्ययन में मुख्य रूप से यह पता चला है कि दिमाग और अस्थिमज्जा एक तेज और लक्षित प्रतिरोध अनुक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कैसे संयोजन करते हैं. इससे पहले साल 2018 में मुसाचुसैट्स जर्नल हॉस्पिटल के सेंटर फॉर सिस्टम बायोलॉजी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में रेडियोलॉजी के प्रोफेसर मथायस नैरन्डर की अगुआई में हुए एक समूह ने पाया था कि मस्तिष्क में संक्रमण या चोट के प्रति अनुक्रिया देने वाली प्रतिरोधी कोशिकाएं मानव खोपड़ी की मज्जा से आती हैं.

    महीन चैनल्स की खोज
    खास बात यह है कि ये कोशिकाएं अभी तक महीन चैनल्स से गुजरकर मज्जा से मस्तिष्क के बाहरी आवरण, मेनिनजेस या तनिका तक जाती हैं जिनके बारे में अभी तक वैज्ञानिकों को पता ही नहीं था. उससे पहले यह माना जाता था कि पूरे शरीर में अस्थिमज्जा किसी भी स्थान पर हुए संक्रमण या चोट पर प्रतिक्रिया करता है. लेकिन इस खोज ने दर्शाया है कि खोपड़ी के अस्थि मज्जा की, दिमाग के पास होने से और उसे मेनिनजीस से संपर्क के कारण चैनल के जरिए एक खास भूमिका होती है.

    विपरीत दिशा में होता है प्रमस्तिष्क जल
    नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दर्शाया है खोपडी की अस्थिमज्जा से मेनिनजीसतक प्रतिरोधी कोशिकाओं के प्रवाह के अलावा खोपड़ी की वाहिकाओं में विपरीत दिशा में यानि मस्तिष्क से खोपड़ी के अस्थि मज्जा की ओर प्रमस्तिष्क जल भी बहता है.इस शोध की टीम की अगुआई नैरन्डर के साथ एमजीएच के चार्ल्स पी लिन और माइकल ए मोस्कोविट्ज ने की थी.

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    खोपड़ी के अस्थिमज्जा और मस्तिष्क (Brain) के बाहरी आवरण के बीच वाहिकाओं में प्रतिरोधी कोशिकाएं बहती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    दिमाग मांग सकता है मदद
    नैरन्डर ने बताया कि अब हम जानते हैं कि दिमाग प्रतिरोधी क्षमता के इस हब को संकेत भेज सकता है. इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि संक्रमण और सूजन या जलन जैसे गड़बड़ हालात में दिमाग मदद मांग सकता है. खोपड़ी की अस्थिमज्जा की कोशिकाएं प्रमस्तिष्क जल की निगरानी करती हैं जो पहले खोजी गई वाहिकाओं में होती हैं.

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    कई बीमारियों में उपयोगी होगी खोज
    शोधकर्ताओं का कहना है कि इस खोज का डिमेंशिया और अल्जायमर्स जैसी बीमारियों में बड़ा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि इन बीमारियों में भी सूजन का पहलू होता है. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मस्तिष्क ज्वर या मैनिनजाइटिस जैसे बीमारी, जिसमें मेनिनजीस में सूजन या जलन होती है, के बैक्टीरिया इन्हीं वाहिकाओं खोपड़ी की अस्थिमज्जा में जाते हैं.

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    यह खोज मस्तिष्क (Brain) की कई बीमारियों का इलाज में उपयोगी हो सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    मस्तिष्क ज्वर के इलाज में भी
    इसी प्रवाह के कारण मज्जा में मौजूद कोशिकाएं और ज्यादा प्रतिरोधी कोशिकाएं पैदा करती हैं जिससे मस्तिष्क ज्वर के बैक्टीरिया के हमले का मुकाबला किया जा सके. इस प्रक्रिया की बेहतर समझ मस्तिष्क ज्वर के इलाज के काम में आ सकती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि उनका काम ऐसे हालातों के लिए भी उपयोगी हो सकता है जहां प्रतिरोधी  अनुक्रिया नुकसानदायी होती है.

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    दिमाग में जलन और सूजन का कारण समझना उसे रोकने की दिशा में पहला पहला कदम है. वहीं वैज्ञानिक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि अन्य प्रकार की कितनी कोशिकाएं इन नए खोजी गई वाहिकाओं से आवागमन करती हैं या कर सकती हैं. इसके अलावा वे यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि यह महीन रास्ते प्रतिरोधी अनुक्रिया के प्रति कैसे मध्यस्थता करते हैं.

    Tags: Brain, Health, Research, Science

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