इंसान के पसीने से ही पैदा हो जाएगी बिजली, बड़े कमाल का है यह उपकरण

इंसान के पसीने से ही पैदा हो जाएगी बिजली, बड़े कमाल का है यह उपकरण
पसीने से हमराे कप़ड़े बिजली बना सकते हैं, ऐसी तकनीक पर सफल प्रयोग हुआ है. (सांकेतिक तसवीर)

वैज्ञानिकों ने एक सुपरकैपेसेटर (Super capacitor) बनाया है कपड़े में लगा होगा और पसीने (Sweat) से उर्जा पैदा कर सकेगा.

  • Share this:
नई दिल्ली:  उर्जा (Energy) आज इंसान की सबसे प्रमुख जरूरतों में से एक है. यूं तो इंसान ने बहुत अधिक तकनीकी विकास कर अपनी बहुत से समस्याओं का हल निकाल लिया है, लेकिन उस पर उर्जा पर निर्भरता बढ़ती ही जा रही है. इसके लिए वह बिजली बनाने के तरीके ढूंढ रहा है. इन्हीं प्रयोगों में से एक में वैज्ञानिकों ने पसीने से ऊर्जा सहेजने का तरीका निकाला है. इस तकनीक से मुमकिन है कि जेब में रखा मोबाइल (Mobile) भी चार्ज किया जा सकेगा.

अनूठा है यह तरीका
यूं तो हमारे आसपास प्रचुर मात्रा में ऊर्जा है, लेकिन उस उर्जा को उपयोग के लायक बनाना, उसे सहेज कर रखना बहुत मुश्किल काम है. उर्जा का सबसे उपयोगी स्वरूप हमारे लिए फिलहाल बिजली ही है. बिजली बनाने के कई तरीके हैं जिनपर शोध चल रहा है. इनमें से पसीने से ही बिजली बनाना एक अनूठा तरीका है.

खास सुपरकैपेसिटर का कमाल
वैज्ञानिकों ने एक खास सुपरकैपिसिटर बनाया है जो इंसान के पसीने से ऊर्जा को सहेज सकता है उसका भंडारण कर सकता है .यूके में ग्लासगो यूनिवर्सिटी के बेंडेबल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेंसिंग तकनीकी ग्रुप के रवींद्र दाहिया  और उनके साथियों ने यह प्रयोग किया है.



कपड़े पर ही लगाया जा सकता है यह उपकरण
दाहिया की टीम ने अति अवशोषक कपड़े पर एक विशेष पॉलीमर लगाकर एक उपकरण तैयार किया है. इससे लचीले ऊर्जा भंडारण सिस्टम की कई समस्याओं का समाधान हो रहा है और यह कई तकनीकी एप्लीकेशन में उपयोगी सिद्ध हो सकता है.

chhattisgarh news, cg news, raipur news, weather department, chhattisgarh weather updates, where it will rain in chhattisgarh, rain alert, rain alert in chhattisgarh, छत्तीसगढ़ न्यूज, सीजी न्यूज, मौसम विभाग. छत्तीसगढ़ मौसम विभाग. मौसम की जानकारी, छत्तीसगढ़ में बारिश, छत्तीसगढ़ में कहां होगी जानकारी, मौसम विभाग का अनुमान
यह उपकरणआम कपड़े में लगाया जा सकता है.


कई चुनौतियों से भरा था यह काम
 कपड़े की तरह पहने जा सकते वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने आसान नहीं बल्कि कई चुनौतियों से भरा हुआ है. इसके लिए शोधकर्ताओं को एक अति सघन स्वचलित उपकरण बनाने होते हैं जिनमें सेंसर, डिस्पले, सर्किट्स का एक साथ समावेश हो सके और जिसमें लचीले, लंबे समय तक चलने वाले आरामदयाक पदार्थों का प्रयोग हुआ हो. यह परंपरागत बैटरी के सात बनाना बहुत मुश्किल होता है. जो कि न तो लचीली होती है, न ही पर्यावरण के लिए उचित. ये जल्दी गर्म हो सकती हैं और उनके इलेक्टआलाइट इससे पहनने वाले को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

एक बैटरी की काम देगा यह उपकरण
इसके लिए दाहिया और उनके साथियों ने आसानी से पहने जा सकने वाले कपड़े से एक उच्च निष्पादन (High performance) वाला सुपर कैपेसिटर बनाया. यह सुपर कैपेसिटर पहनने वाले इंसान के पसीने का एक बायोकंपैटिबल इलेक्ट्रोलाइट की तरह उपयोग करेगा और एक रीजार्जेबल बैटरी की तरह ही यह सुपर कैपेसिटर उर्जा को जमा करेगा और बिजली देगा.

कैसे होता है इसमें काम
इस कपड़े में पॉलेएस्टर और सेल्युलोज के रेशों का मिश्रण होता है जो इसे पसीने का उच्च अवशोषक कपड़ा बनाता है. कपड़े के दोनो ओर PEDOT:PSS पॉलेमर की परतें होती हैं. इसमें कुछ मिलावट कर इसकी सुचालकता (Conductivity) बढ़ाई जाती है. एक सोलर सेल के इलेक्ट्रिकल इपुट से पसीने के आयन को अवशोषित करने में मदद करते हैं जो पॉलीमर की दूसरी सतह तक पहुंचाते हैं. इससे इलेक्ट्रिकल ऊर्जा जमा हो जाती है.

Cloth
कपड़ों धोने से इस उपकरण पर कोई फर्क नहीं पड़ता. फाइल फोटो.


कैसे हुआ इसका परीक्षण
दाहिया की टीम ने इस सुपर कैपेसिटर के परीक्षण के लिए कुछ लोगों का ऐसा उपकरण पहन कर दौड़ने को कहा. इन लोगों के कपड़ों पर यह उपकरण यह एक छोटे से पैच की तरह लगाया गया. अध्ययन में पाया गया कि केवल 20 माइक्रो लीटर के पसीने से ही उपकरण पूरी तरह से चार्ज हो गया और उसने 10मिली वाट की ऊर्जा पैदा कर दी. यह कुछ LED को चलाने के लिए उपयुक्त ऊर्जा होती है.

मुड़ने और धोने से भी नहीं होता यह खराब
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि इस उपकरण के काम पर कपड़े के मुड़ने से भी कोई फर्क नहीं पड़ा और यह काम करता रहा.  यह चार्जिंग और डिसचार्जिंग के चार हजार चक्र पूरे करने में सफल रहा और यह धोने से भी खराब नहीं हुआ.

एक अहम उपयोग यह भी
इतना ही नहीं इस सुपरकैपेसिटर को शोधकर्ताओ ने कपड़े पर धावक के पसीने की लवणता मापने वाले सेंसर को ऊर्जा देने सक्षम पाया. इस तरह के सिस्टम को ऊर्जा देने में यह सुपरकैपेसिटर काफी सुरक्षित और उपयोगी साबित हुआ है.

और भी हैं इसके उपयोग की संभावनाएं
पॉलीमर कपड़ों के साथ अच्छे से मिल जाता है तो दाहिया की टीम इसे उपकरण को बहुत उपयोगी मान रही है. इसका उपयोग मरीजों के स्वास्थ्य निगरानी से लेकर खुद के हेल्थ मैनेजमैंट में हो सकता है. इसे घर में ऊर्जा के किफायती उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इनका उपयोग रोबोटिक्स, इंटरनेट आदि में भी संभव है. हैरानी की बात नहीं कि कुछ सालों में आपका मोबाइल आपकी जेब में रखा रखा ही चार्ज हो जाए.

यह भी पढ़ें:

अब परछाई से भी पैदा होगी बिजली, जानिए कैसे होगा यह कमाल

कमजोर हो रही है पृथ्वी की Magnetic Field, हमारे satellites के लिए है खतरनाक

Big Bang के बाद ही बनी Galaxy की Disk का पता चला, अब बदलेगा वैज्ञानिकों का मत

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading