लाइव टीवी

आज के ही दिन भारत ने वर्ल्ड कप में खेला था पहला मैच, गावस्कर की हुई थी किरकिरी

News18Hindi
Updated: June 7, 2019, 11:41 AM IST
आज के ही दिन भारत ने वर्ल्ड कप में खेला था पहला मैच, गावस्कर की हुई थी किरकिरी
07 जून 1975 को भारत ने पहले वर्ल्ड कप में खेला था पहला मैच

उस मैच में गावस्कर ने इतनी धीमी बल्लेबाजी की थी कि विरोधी टीम भी चाह रही थी कि वो आउट नहीं हों, देश में इस पारी की जमकर आलोचना हुई थी

  • Share this:
आज का दिन वर्ल्ड क्रिकेट में भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, बेशक भारत उसको बिल्कुल याद रखना नहीं चाहे. आज ही के दिन भारत ने 1975 में लार्ड्स के मैदान पर वर्ल्ड कप में अपना पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला था. हालांकि सुनील गावस्कर ने इस मैच में जितनी सुस्त बैटिंग की थी, उसके बाद उनकी जमकर किरकिरी हुई थी.

सुनील गावस्कर ने क्या किया था, इसका अंदाज आपको इससे ही मिल जाएगा कि उन्होंने 07 जून 1975 के दिन 174 गेंदों पर केवल 36 रन बनाए थे. वो पारी की शुरुआत करने गए और अंत तक क्रीज पर जमे रहे.

भारतीय टीम लगातार मनाती रही कि वो आउट होकर लौट आएं और विरोधी टीम ये सोची बैठी थी कि अगर आज गावस्कर ने उनकी ओर कोई कैच उछाला, तब भी वो इसे नहीं लपकने वाले. सुनील गावस्कर की वो पारी जो क्रिकेट इतिहास की सबसे सुस्त पारियों में गिनी जाती है.

उस दिन गावस्कर ने वन-डे मैच में 174 गेंदों पर केवल 36 रन बनाए थे


7 जून 1975 वो दिन भी है, जब लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में पहला विश्व कप मुकाबला शुरू हुआ था. संयोग से ये पहला मैच भारत और इंग्लैंड के बीच ही हुआ था, जिसमें भारत की हार हुई. इस वर्ल्ड कप में वनडे मैच 60-60 ओवरों के हुआ करते थे.

इंग्लैंड ने पहली पारी में रचा था इतिहास
वनडे मैचों में भले ही टीमें 400 का स्कोर पार कर गईं हैं लेकिन साल 1975 वर्ल्ड कप के पहले मैच में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ इतिहास रचा था. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने उस दौर का सर्वाधिक 334 स्कोर बनाया था. इस पारी में इंग्लैंड की तरफ से डीएल एमिस ने शतक (137 रन) और 2 खिलाड़ियों ने अर्धशतक ठोंका था.
Loading...



इंग्लैंड ने 60 ओवरों की समाप्ति तक 4 विकेट के नुकसान पर 334 रन जड़े थे. भारत की टीम की तरफ से एस आबिद अली ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए थे.

ओपनिंग पर उतरे थे गावस्कर
भारतीय पारी की शुरूआत करने मैदान में सुनील गावस्कर और एकनाथ सोल्कर उतरे थे. दोनों बल्लेबाज़ों पर इंग्लैंड के 334 रन के असंभव से लक्ष्य को पूरा करने का दवाब था. सुनील गावस्कर शायद उस वक्त रक्षात्मक बल्लेबाजी के मूड में उतरे थे. शुरुआत से लेकर आखिर तक गावस्कर नॉट आउट रहे. उन्होंने कुल 174 गेंदों का सामना किया और 36 रन जड़े. भारतीय टीम पहले ही मुकाबले में इंग्लैंड की टीम से 202 रनों के बड़े अंतर से मैच हारी.

सुनील गावस्कर की इस पारी की देश के अखबारों में जमकर आलोचना हुई तो इंग्लैंड के मीडिया ने जमकर मजाक उड़ाया


20 के स्ट्राइक रेट से बनाए रन
सुनील गावस्कर इस पारी को लेकर काफी कुछ कहा गया. वनडे इतिहास की इसे सबसे धीमी पारी की भी संज्ञा दी गई. 174 गेंद खेलते हुए गावस्कर ने अपनी 36 रन की नॉट आउट पारी में सिर्फ एक चौका लगाया था. उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 20.68 का रहा. गुंडप्पा विश्वनाथ के साथ उन्होंने तीसरे विकेट के लिए सबसे ज़्यादा 58 रन की साझेदारी की थी. गावस्कर ने अपनी पारी में प्रति ओवर 0.6 रन बनाए.

जमकर हुई आलोचना

गावस्कर की इस पारी की क्रिकेट जगत में काफी आलोचना हुई. अंग्रेज़ क्रिकेटर डेनिस कॉम्पटन ने गावस्कर के खेल प्रति दृष्टिकोण को काफी नकारात्मक कहा. उन्होंने कहा कि भारतीयों से ऐसे खेल की उम्मीद नहीं थी. इस पूरे ड्रामे के ज़िम्मेदार सुनील गावस्कर हैं. बाद में इंग्लैंड के ओपनर बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट ने कहा, इंग्लैंड के क्रिकेटर फील्डिंग करते हुए उस मैच में मना रहे थे कि जब गावस्कर क्रीज पर रहेंगे, तब तक उनके लिए ही अच्छा रहेगा, अगर उनकी ओर गावस्कर कोई कैच उछाल भी देते हैं तो वो कैच गिरा देंगे.

इंग्लैंड ओपनर बल्लेबाज ज्योफ्री बॉयकॉट ने मजाक उड़ाते हुए कहा था कि हम तो मना रहे थे कि गावस्कर आउट ही नहीं हों, ऐसे ही खेलते रहें


ये पारी आज भी गावस्कर को मुंह चिढाती है
ये गावस्कर की ऐसी सुपरफ्लॉप पारी है, जो आज भी उन्हें मुंह चिढ़ाती है. कम से कम कोई भी भारतीय क्रिकेट प्रेमी तो इस पारी को बिल्कुल याद नहीं रखना चाहेंगे. गावस्कर की इस पारी और भारत के ऐसे प्रदर्शन की जमकर आलोचना हुई. कुछ अखबारों में तो इसे राष्ट्रीय शर्म से जोड़ दिया. वैसे बाद में जब भी बाद में गावस्कर से इस धीमी पारी की बात की गई तो वो बता नहीं पाए कि वो इतना धीमा क्यों खेले. बस हर बार उन्होंने यही कहा कि उस मैच में वो आउट ऑफ फॉर्म थे.

उस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन भी सनी ने ही बनाए थे
हालांकि भारतीय टीम जब दूसरे मैच में ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ खेलने उतरी तो गावस्कर फिर टीम में थे. लेकिन अबकी बार उन्होंने अपनी बैटिंग को काफी सुधार लिया था. इस मैच में उन्होंने ओपनिंग करते हुए 86 गेंदों पर नाटआउट 65 रन बनाए. भारत ने ये मैच जीता लेकिन तीसरे मैच में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ फिर हार का मुंह देखना पड़ा. आलोचना के बावजूद गावस्कर उस वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए क्रिकेट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 7, 2019, 11:41 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...