परमाणु हमला हुआ तो भारत-पाकिस्‍तान के साथ दांव पर होगी आधी दुनिया

परमाणु हमला हुआ तो भारत-पाकिस्‍तान के साथ दांव पर होगी आधी दुनिया
परमाणु हमला हुआ तो भारत-पाकिस्‍तान के साथ दांव पर होगी आधी दुनिया

भारत और पाकिस्‍तान के बीच परमाणु युद्ध की स्‍थिति में 12 करोड़ लोग इससे तुरंत प्रभावित हो सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2019, 1:42 PM IST
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पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जिस तरह से PoK में घुसकर एयर स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था, उसके बाद से भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव बढ़ गया है. लगातार बढ़ते तनाव के बीच अगर दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो नतीजे बहुत भयावह हो सकते हैं. भारत की नीति पहले परमाणु हथियारों का उपयोग न करने की है लेकिन अगर पाकिस्‍तान की ओर से पहल की गई तो भारत ही नहीं आधी दुनिया इसकी चपेट में आ जाएगी.

इंडियास्पेंड की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान के पास 110-130 परमाणु हथियार हो सकते हैं जबकि भारत के पास 110-120 परमाणु हथियार होने की उम्‍मीद जताई जा रही है. पाकिस्‍तान के पास डर्टी बम भी मौजूद हैं, जो ज्‍यादा खतरनाक रेडियोधर्मी पदार्थ और आणविक प्रक्षेपास्त्र होता है. भारत और पाकिस्‍तान के बीच परमाणु युद्ध की स्‍थिति में 12 करोड़ लोग इससे तुरंत प्रभावित हो सकते हैं.

परमाणु युद्ध की स्‍थिति में जिस जगह पर परमाणु विस्‍फोट किया जाएगा, उस क्षेत्र में तेज चमक के साथ भयानक आग का गोला उठेगा. यह इतना भयानक होगा कि कई किलोमीटर तक सबकुछ जलकर राख हो जाएगा. हालांकि यह परमाणु बम की क्षमता पर भी निर्भर होगा. इस विस्‍फोट से उठने वाली चमक इतनी तेज होगी कि इससे लोग अंधे हो जाएंगे. आग का गोला काफी मात्रा में हवा को अपनी ओर खींच लेगा, जिससे दम घुटने से लोगों की मौत होने लगेगी. गर्म हवा सांस के जरिए जब अंदर जाएगी तो लोग अंदर से पूरी तरह से जल जाएंगे और हड्डियां तक गल जाएंगी.



फिजिशियन सुरेंद्र दत्‍ता के मुताबिक भारत और पाकिस्‍तान के बीच जिस तरह के हालात बन गए हैं, उसमें अगर परमाणु बम का इस्‍तेमाल किया गया तो ये पूरी दुनिया के लिए खतरनाक होगा. हिरोशिमा नागासाकी में साल 1945 में गिराए गए परमाणु बम का असर अभी तक वहां के लोगों में दिखाई देता है. परमाणु हमले के दौरान तापमान इतना बढ़ जाता है कि इसमें रहना नामुमकिन है.

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परमाणु विस्‍फोट से निकलने वाले कार्बन से बादल पूरी तरह से काले हो जाएंगे और थोड़े ही समय में हमले वाले क्षेत्रों में फैलकर सूर्यकिरणों को पृथ्‍वी पर आने से रोकेंगे. इन काले बादलों से होने वाली अम्‍ल वर्षा से लाखों लोग एक साथ मर जाएंगे. वैज्ञानिकों के मुताबिक इन बादलों को हटने में सालों भी लग सकते हैं.

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परमाणु विस्‍फोट का सबसे बड़ा असर ओजोन लेयर पर देखने को मिलता है. कार्बन से बने बादल 70 फीसदी ओजोन परत को नष्‍ट कर सकते हैं. इसके बाद अंतरिक्ष से आनी वाली पराबैंगनी किरणों से मानवजाति और वनस्पति के अस्तित्व पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा. परमाणु युद्ध के बाद जिस तरह से देश को क्षति पहुंचेगी, उससे उभरना काफी मुश्‍किल भरा होगा. आर्थिक, सामाजिक ढांचा खड़ा करने में कई दशक लग जाएंगे.

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