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एयर प्यूरीफायर के फायदे के साथ नुकसान के बारे में भी जानिए

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 11:25 AM IST
एयर प्यूरीफायर के फायदे के साथ नुकसान के बारे में भी जानिए
भारत में एयर पुरिफिएर की रेंज 8,000 हज़ार से लेकर 1 लाख रुपये के बीच है.

एयर प्युरीफायर साफ हवा दे सकते हैं लेकिन लोगों को अस्थमा अटैक जैसी घटनाओं से नहीं बचा सकते. अगर नियमित अंतराल पर इसके फिल्टर नहीं बदले गए तो फिर ये जहरीली हवा भी देने लगते हैं

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  • Last Updated: November 6, 2019, 11:25 AM IST
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देश की हवा में प्रदूषण बढने के साथ ही एयर प्यूरीफायर चर्चा में आ गए हैं. उनकी बिक्री बढ गई है. घरों से लेकर दफ्तर तक के लिए कॉम्पैक्ट से बड़े एयर प्यूरीफायर खरीद रहे हैं. यहां तक कि पूरी कॉलोनी की हवा साफ़ करने के लिए विशाल एयर प्यूरीफायर की बात भी होने लगी है. इनका बाजार तो बढ़ रहा है लेकिन ये कितने सुरक्षित हैं, इसपर बहुत कम बात हो रही है.

हवा को साफ़ करने की प्रक्रिया में एयर प्यूरीफायर जिस तरह उत्सर्जन करते हैं या जिस तरह हवा साफ़ करते हैं, वो तरीका कितना सुरक्षित है, उसकी ज्यादा पड़ताल नहीं हुई है. कहीं ऐसा तो नहीं कि आप जो एयर प्यूरीफायर खरीद रहे हैं, उसके नुकसान अधिक हों.

ओज़ोन एयर प्यूरीफायर 

बाजार में बिकने वाले बहुत सारे एयर प्यूरीफायर ओजोन जेनरेटर नाम से होते हैं. ये ओजोन जेनरेटर हवा साफ़ करने के दौरान ओजोन का उत्सर्जन करते हैं. रिसर्चर कहते हैं कि ओजोन बैक्टीरिया और वायरस को मारता है. खराब गंध भी हटा देता है लेकिन तथ्य ये है कि ओजोन की छोटी मात्रा बैक्टीरिया या वायरस को नहीं मार सकती. बड़ी मात्रा में वो ऐसा जरूर कर सकती है.

ओजोन का ऐसा स्तर हमारे शरीर के लिए बहुत खतरनाक होगा. यूएस एफडीए ने घोषित किया हुआ है कि चिकित्सा उपचार में ओजोन का उपयोग नहीं किया जा सकता. इसका व्यापार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन भारत में यह धड़ल्ले से बिक रहा है. ओजोन फेफड़े को नुकसान तो पहुंचता ही है, साथ ही चिड़चिड़ाहट, अस्थमा, छाती में भारीपन और अन्य हानिकारक स्वास्थ्य प्रभाव पैदा कर सकता है.

वायु आयोनाइजर एयर प्यूरीफायर के साइड इफेक्ट्स

वायु आयोनाइजर एयर प्यूरीफायर चार्ज्ड आयन हवा में छोड़ता है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस दीवार से चिपक जाते हैं. लेकिन ये कितना असरदार है, इसपर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं. साथ ही इसमें चार्ज आयनों को उत्पन्न करने की प्रक्रिया में ओजोन भी उत्सर्जित होता है. लिहाजा एयर आयोनाइज़र से सतर्क रहें. इसे लेने पर तभी विचार करें यदि एयर प्यूरीफायर उत्पाद विवरण 'जीरो ओजोन' का उल्लेख करता है.
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प्रदूषण से परेशान गाजियाबाद



यूवी एयर प्यूरीफायर के साइड इफेक्ट्स

यूवी एयर प्युरीफायर भी ओजोन छोड़ते हैं लेकिन ज़रा भी क्षतिग्रस्त यूवी एयर प्यूरीफायर हवा में मरकरी प्रदूषण कर सकते हैं जो बेहद हानिकारक होता है. इसलिए यूवी एयर प्यूरीफायर लेने से बचना बेहतर है. आमतौर पर यूवी फिल्टर और एयर आयोनाइज़र को एचपीए फ़िल्टर के रूप में जोड़ा जाता है.

एयर प्यूरीफायर की लगातार सर्विसिंग बहुत ज़रूरी है. आपको फ़िल्टर नियमित अंतराल पर बदलने की ज़रूरत होती है. अगर आप ऐसा नहीं करते तो एयर प्यूरीफायर होते हुए भी जहरीली हवा में सांस लेने लगते हैं. HEPA फ़िल्टर की सफाई करते समय बहुत सावधान रहना चाहिए. अगर कंटेनर को सील नहीं किया गया तो बैक्टीरिया और वायरस फिर हवा में प्रवेश कर सकते हैं.



 एयर प्यूरीफायर का बाजार

भारत में एयर प्यूरीफायर का बाजार 2016 में लगभग 100 करोड़ रुपये (46 मिलियन डॉलर) से अधिक का था. 2022 तक इसके 2000 करोड़ रुपए (270 मिलियन डॉलर) तक होने की उम्मीद की जा रही है. . "इसका उद्योग 45% सीएजीआर (संयुक्त वार्षिक वृद्धि दर) बढ़ रहा है, जो अगले चार वर्षों में 55-60% सीएजीआर तक बढ़ जाएगा. भारत में एयर प्यूरीफायर 15,000 रुपये से लेकर 95,000 रुपए तक मिल जाते हैं.

डॉक्टर और चिकित्सा विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ये मशीनें लोगों को स्वच्छ हवा प्रदान कर सकती हैं लेकिन ये निश्चित नहीं है कि एयर प्यूरीफायर वास्तव में लोगों को अस्थमा अटैक जैसी घटनाओं से बचा सकते हैं.

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First published: November 6, 2019, 11:24 AM IST
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