जानिए कितना अहम है महासागरों के अंदर छिपा विशाल हाइड्रोकार्बन चक्र

समुद्र (Sea) से लिए नमूनों की जांच कर शोधकर्ताओं ने इस हाइड्रोकार्बन चक्र (Hydrocarbon Cycle) का पता लगाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

समुद्र (Sea) से लिए नमूनों की जांच कर शोधकर्ताओं ने इस हाइड्रोकार्बन चक्र (Hydrocarbon Cycle) का पता लगाया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

महासागरों (Oceans) में बहुत से सूक्ष्मजीव (Microorganism) एक विशाल हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon cycle) चक्र को चलाते हैं जो धरती तक फैला हुआ है. ये जीव समुद्र में फैले तेल (Oil Spill) को साफ करने का काम भी करते हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 1:21 PM IST
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पृथ्वी पर बहुत से पदार्थों और तत्वों (Elements) के चक्र (Cycle) चलते हैं जिसमें ये बहुत सी प्रक्रियाओं में भाग लेते हैं. इस दौरान ये गतिमान  होकर एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंच जाते हैं. हाल ही में वैज्ञानिकों ने हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) के नए लेकिन विशाल चक्र का पता लगा लगाया है जिसमें सूक्ष्म जीवों (Microorganism) की अहम भूमिका होती है. इतना ही नहीं यह समुद्र (Oceans) में फैलने वाले तेल (Oil spill) को भी साफ कर देते हैं.

सूक्ष्मजीवों का यह कार्य

समुद्र में तेल का फैलना पर्यावरण के लिहाज से बहुत ही नुकसान दायक घटना होती है जिससे बहुत समुद्र की सतह से लेकर अंदर तक के बहुत से जीवों के मरने का खतरा हो जाता है और उसे साफ करने का कोई तरीका भी नहीं हैं. लेकिन सूक्ष्म जीव इसकी ज्यादातर साफ कर देते हैं. वैज्ञानिक इन सूक्ष्मजीवों के बारे अब तक बहुत कम जानते थे.

खास तरह का चक्र
नेचर माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि ये और इसी तरह के बहुत सारे सूक्ष्म की प्राकृतिक हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन और उसके चक्र में प्रमुख भूमिका होती है. शोधकर्ताओं का कहना है इन सूक्ष्म जीवों का अध्ययन यह जानने में मदद कर सकता है कि इनमें तेल साफ करने की क्षमता कहां से आती है.

समुद्री साइनोबैक्टीरिया की बड़ी भागीदारी

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा के अर्थ साइंटिस्ट कोनर लव बताते हैं कि केवल दो ही तरह के समुद्री साइनोबैक्टीरिया हर साल समुद्र में अन्य स्रोतों से आने वाले हाइड्रोकार्बन से 500 गुना ज्यादा मात्रा जोड़ते हैं. वहीं दूसरे स्रोतों में प्राकृतिक तेल की रिसाव, तेलों का रिसाव या फैलना, धरती से बह कर आने वाले हाइड्रोकार्बन वगैरह शामिल हैं.



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ये सूक्ष्मजीव (Microorganisms) समुद्र में फैले तेल (Oil spill) को खत्म करने में अहम भूमिका निभाते हैं. . (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


पूरी तरह से चक्रीय व्यवस्था

लेकिन इस तरह से महासागरों में हाइड्रोकार्बन के योगदान में किसी तरह की मानवीय भूमिका नहीं है और ना ही यह केवल एक तरफा प्रक्रिया है. इस तरह के हाइड्रोकार्बन पेंटाडेकैन (nC15) के रूप में पृथ्वी की 40 प्रतिशत सतह पर फैले हुए हैं. यही हाइड्रोकार्बन बहुत सारे सूक्ष्मजीवों का भोजन हैं. इन हाइड्रोकार्बन का इस तरह चक्र तंत्र चलता है कि लव और उनकी टीम एक समय में  उसकी पानी में केवल 20 लाख मैट्रिक टन की उपस्थिति का ही पता लगा सके. लव का कहना है कि दो दिन में ही समुद्र में सारा पैंटाडेकेन का उत्पातन और खपत हो जाती है.

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मानव जनित हाइड्रोकार्बन की वजह से छिपा रहा यह चक्र

आज हाइड्रोकार्बन की मानव जीवन में बहुत सघन उपस्थिति है. इंसान कार्बन और हाइड्रोजन के बहुत सारे अणु बहुत प्रकार से आदान प्रदान करते हैं. यहां तक कि मानवीय गतिविधि के जरिए पैदा होने वाले हाइड्रोकार्बन की काफी मात्रा महासागरों में भी होने के कारण इस हाइड्रोकार्बन चक्र को देखा नहीं जा सका.

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ये बैक्टीरिया (Bacteria) भारी मात्रा में पैंटाडेकेन (Pantadecane) का उत्पादन और खपत करते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


सूक्ष्मजीवों में पैंटाडेकेन की विशाल उपस्थिति

शोधकर्ताओं ने अटलांटिक महासागरों की सात जगहों से नमूने लिए और गैस क्रोमेटोग्राफी तकनीक का उपयोग कर अपने नमूनों में पैंटाडेकेन की उपस्थिति का जैविक स्रोत पाया. जिसमें पैंटाडेकेन की उपस्थिति साइनोबैक्टीरिया कोशिकाओं में उपस्थिति बहुत अधिक होती है. उन्होंने इन हाइड्रोकार्बन की भौगोलिक और लंबवत वितरण में सूक्ष्मजीवों की पारिस्थिकी के साथ साम्यता पाई.

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इतना ही नहीं शोधकर्ताओं ने इन साइनोबैक्टीरिया की मौजूदगी समुद्र में उन जगहों पर भी ज्यादा पाई जहां से प्राकृतिक तेल और गैस कि रिसाव ज्यादा होता है. शोधकर्ता अब इन सूक्ष्मजीवों की जीनोम सीक्वेंसिंग पर काम कर रहे हैं.
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