इस देश में 16 साल की उम्र तक बच्चे नहीं देते कोई एग्जाम

वो कौन सा देश है, जहां ना तो बच्चों को होमवर्क मिलता है और ना ही कॉपियां चेक करके उन्हें नंबर दिये जाते हैं, बल्कि बच्चे इतने सक्षम होते हैं कि अपना मूल्यांकन खुद करते हैं.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 1:20 PM IST
इस देश में 16 साल की उम्र तक बच्चे नहीं देते कोई एग्जाम
फिनलैंड का एजुकेशन सिस्टम दुनिया में सबसे बेहतर है
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Updated: May 15, 2019, 1:20 PM IST
अगर आप दुनिया के बेहतरीन स्कूलों के बारे में गूगल पर सर्च करेंगे तो फिनलैंड सबसे ऊपर होगा. यहां का एजुकेशन सिस्टम अमेरिका, ब्रिटेन या अन्य देशों की तुलना में एकदम अलग है. फिनलैंड आज से नहीं बल्कि दशकों से इस मामले में बहुत आगे रहा है. फिनलैंड के एजुकेशन सिस्टम स्टूडेंट्स को एक अलग तरह की स्वतंत्रता तो देता ही है, साथ ही क्रिएटिविटी के लिए भी लगातार उत्साहित करता है. उसका फंडा ऊंचे नंबरों के लिए कम्पेटेटिव दौड़ का है ही नहीं. ये सिस्टम उन तमाम देशों को सीख देता है, जो आज भी नंबर रेस, एग्जाम और कंपटीशन में अपने स्टूडेंट को फंसाए रखकर दबाव और तनाव को जगह देते रहते हैं.

सात साल की उम्र में फॉर्मल एजुकेशन शुरू होती है


MP Board Result 2019

MP Board Result 2019


यहां जब बच्चा सात साल का हो जाता है तब उसकी फॉर्मल स्कूलिंग शुरू होती है. जब तक बच्चा 16 का नहीं हो जाता तब वो किसी भी तरह के एग्जाम में नहीं बैठता. सात साल से पहले हर बच्चे को शुरुआती चाइल्डहुड एजुकेशन दी जाती है और उनकी केयर होती है. इसमें हर बच्चे पर खास ध्यान दिया जाता है. इस शुरुआती शिक्षा का औपचारिक शिक्षा से कोई लेना देना नहीं होता बल्कि उसकी हेल्थ और अच्छा इंसान होने पर जोर होता है.

फिनलैंड में टीचर हर बच्चे की ऊर्जा और संभावना को पहचान कर उसे विकसित करते हैं


कभी होमवर्क नहीं मिलता
फिनलैंड के सिस्टम में कोशिश की जाती है कि हर बच्चे की ऊर्जा को पहचाना जाए. यहां के बच्चे शायद ही कभी घर में होमवर्क करते हैं. यहां के शिक्षकों को पूरी छूट होती है कि वो अपने तरीकों से बच्चों को इस तरह पढ़ा सकते हैं जिससे उनकी पढाई आसान हो और एक्सपेरिमेंट का भी विकल्प मिले. ये ऐसा भी होता है कि बच्चा खुशी खुशी पढने में दिलचस्पी ले.

अपना मूल्यांकन बच्चे खुद करते हैंफिनलैंड में बच्चे 16 साल की उम्र तक किसी भी तरह के नेशनल टेस्ट में नहीं बैठते. उनका मूल्यांकन कई आधार पर करते हैं. कुल मिलाकर बेसिक एजुकेशन पॉलिसी ऐसी है जहां टीचर बच्चे में ये क्षमता पैदा करे कि वो अपना मूल्यांकन खुद ब खुद कर सकें. इससे बच्चे अपनी ग्रोथ और लर्निंग प्रोसेस को लेकर खुद सतर्क रहते हैं.

फिनलैंड में औपचारिक शिक्षा सात साल की उम्र के बाद शुरू होती है


भारत में सीबीएसई का नया पैटर्न काफी हद तक फिनलैंड के एजुकेशन सिस्टम की अच्छी बातों को लागू करने की कोशिश कर रहा है.
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