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KBC सवाल : भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन ने सूडान में कराया था चुनाव

KBC सवाल : भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन ने सूडान में कराया था चुनाव

भारत के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन

भारत के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन

कौन बनेगा करोड़पति यानि केबीसी 15 के दूसरे दिन अमिताभ बच्चन ने हॉटसीट पर बैठे दुलीचंद से एक कठिन सवाल पूछा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ने 1953 में किस देश में आम चुनाव कराया था. इस सवाल पर हाटसीट पर बैठे प्रतियोगी मुश्किल में पड़ गए. जानते हैं क्या था इसका जवाब और कैसे

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हाइलाइट्स

कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन ने पूछा भारतीय चुनाव आयोग को लेकर एक सवाल
1952 में भारत में पहली बार कराया गया था देशभर में आम चुनाव

भारत ने 1952 के आमचुनाव इतने अच्छे तरीके से कराए थे कि कई देश इससे प्रभावित हुए. खासकर भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन की उस प्लानिंग और संगठन क्षमताकी, जिससे देशभर में चुनाव कराए जा सके.  भारतीय निर्वाचन आयोग का इतिहास हमेशा सम्मानजनक रहा है. पहले ही चुनावों में इस संस्था ने कितने अच्छे से चुनावों का बंदोबस्त किया था, जो उन्हें दूसरे देशों में भी चुनाव प्रबंधन के लिए बुलाया जाने लगा –

भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त थे, सुकुमार सेन. वे मुख्य चुनाव आयुक्त बनने से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव थे. उन्होंने अपनी जिंदगी में दो चुनाव कराए, 1952 और 1957 के.

सुकुमार सेन को इन चुनावों में 4.5 करोड़ की सरकारी रकम की बचत के लिए भी जाना जाता है. दरअसल उन्होंने गैरजरूरी 35 लाख बैलेट बॉक्स की इन चुनावों में बचत की थी, जिसके चलते भारत का खर्च बचा था.

भारत में सफलतापूर्वक चुनाव कराने वाले सेन को इतनी तारीफ मिली कि बाद में उन्हें सूडान ने अपने यहां हुए पहले चुनावों की निगरानी के लिए बुलाया.

महिलाओं को वोटर बनाने में आई थी समस्या
पहले आम चुनावों में महिलाओं को मतदाता के तौर पर पंजीकृत करवाना बड़ी चुनौती थी. दरअसल उस वक्त महिलाओं के नाम नहीं रखे जाते थे और उनकी पहचान किसी की पत्नी या किसी की बहू के तौर पर होती थी. ऐसे में चुनाव आयोग के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी. इसके निदान के तौर पर पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन ने 28 लाख महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए थे. उन्होंने अगले लोकसभा चुनावों तक नाम की इस समस्या को हल करने का आदेश भी दिया था.

इसलिए लाए गए थे चुनाव चिह्न
रामचंद्र गुहा लिखते हैं, इन चुनावों में देशभर में 22,400 पोलिंग बूथ बनाए गए थे, लेकिन देश में करीब 84 फीसदी वोटर निरक्षर थे. ऐसे में लोगों को पार्टियों के बारे बताने के लिए सुकुमार सेन ने चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा ताकि लोगों को पता रहे कि किस पार्टी को वोट दे रहे हैं. उस वक्त हर पोलिंग बूथ पर अलग-अलग पार्टियों के चुनाव चिह्न वाला बैलेट बॉक्स रखा गया था.

चुनाव आयोग ने चुनाव के बारे में जानकारी देने वाली 3000 फिल्मों का देश भर में प्रसारण किया था, ताकि लोगों को चुनाव के बारे में जानकारी दी जा सके.

Tags: Amitabh Bachachan, Election Commission of India, Kaun banega crorepati, KBC

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