चीन-पाक को यूं मुंहतोड़ जवाब देगी हमारी नई साइबर आर्मी

भारतीय सेना के तीनों अंगों में एक नए कमांड को गठित किया जा रहा है. ये नया कमांड होगा साइबर कमांड, जिसकी तैयारियां पिछले एक साल से चल रही थीं.

News18Hindi
Updated: April 29, 2019, 1:52 PM IST
चीन-पाक को यूं मुंहतोड़ जवाब देगी हमारी नई साइबर आर्मी
साइबर आर्मी
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Updated: April 29, 2019, 1:52 PM IST
भारत ने अपना साइबर कमांड तैयार कर लिया है. जो ना केवल बाहर से होने वाले तगड़े साइबर अटैक से बचाएगा बल्कि पलटकर मुंहतोड़ जवाब भी देगा. अब तक आपने सुना होगा कि भारतीय सेना के तीनों अंग अलग-अलग अपना सालाना युद्धाभ्यास करते थे. अब एक नए तरह की साइबर वारफेयर प्रैक्टिस होने वाली है, जिसे नाम दिया गया है साइबेरेक्स.

पिछले दिनों लगातार ये रिपोर्ट्स आ रही थीं कि भारत के प्रमुख प्रतिष्ठान और अहम विभाग चीन और पाकिस्तान के साइबर हमलों की जद में हैं. ये हमला भारत की अहम जानकारियों को तो लीक कर ही सकता है, बल्कि भारत के तमाम सेक्टर्स के जरूरी कामकाज भी ठप कर सकता है.


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जो काम मिसाइल नहीं करेगी, अब ये हमला करेगा
जो काम मिसाइल नहीं कर सकती, वो साइबर अटैक कर सकता है. पिछले कुछ सालों में भारत ने बड़े साइबर अटैक झेले हैं. इनमें भारत का पीएमओ, कुछ मंत्रालय और अहम विभागों के कामकाज प्रभावित हुए हैं. चीन और पाकिस्तान के साइबर ग्रुप्स लगातार भारत के अहम प्रतिष्ठानों पर अटैक करते रहे हैं.

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चीन के पांच कमांडो में एक साइबर भी है
यहां ध्यान रखना चाहिए कि चीन ने अपनी सेना के पांच कमांड बनाए हुए हैं. ये पांच कमांड हैं - जमीनी कमांड, नेवी, एयरफोर्स, स्पेस कमांड और साइबर वारफेयर कमांड. ये सभी कमांड भरपूर ताकत रखती हैं. कहा जाता है कि मौजूदा समय में चीन की साइबर कमांड दुनिया की सबसे दमदार साइबर वारफेयर कमांड है. अगर वो कभी किसी देश पर सीधा अटैक कर दे तो ये वाकई बहुत मारक होगा.
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चीन की सेना के पांच कमांड हैं, जिसमें एक कमांड साइबर वार का भी है


तब जाम हो सकता है हमारा पूरा सिस्टम
लंबे समय से ये भी आशंका जाहिर की जा रही है कि भारत के डिफेंस, एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, पॉवरग्रिड, स्ट्रैटजिक मामलों से जुड़े सेक्टर्स साइबर हमलावरों के निशाने पर हैं. ये ना केवल बड़ा नुकसान कर सकते हैं, बल्कि हमला तगड़ा हुआ तो हमारे पूरे सिस्टम को ही जाम कर सकते हैं.

पाकिस्तान और चीन से जुड़े ग्रुप करते हैं साइबर हमले
फिलहाल भारत के अहम विभागों और महत्वपूर्ण सेक्टर्स पर जो साइबर अटैक होते हैं, वो पाकिस्तान और चीन से जुड़े ऐसे ग्रुप करते हैं, जिन्हें कहीं ना कहीं से उनकी सेना या सरकार का समर्थन हासिल है. इससे हमें कई बार खासा नुकसान तो हुआ ही साथ ही साख को जो धक्का लगता है, सो अलग.
पिछले साल इसी तरह के एक बड़े हमले के बाद भारत में सरकारी स्तर पर ये जरूरत महसूस की गई.

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पिछले साल शुरू हुई सेना में साइबर कमांड की तैयारियां
उसके बाद ही भारत सरकार की पहल पर कई विभागों ने सेना के साथ मिलकर साइबर वारफेयर कमांड बनाने की तैयारियां शुरू कर दीं. इसके तहत देश के बड़े आईटी संस्थानों के एक हजार से ज्यादा विशेषज्ञ सेना के तीनों अंगों में भेजे गए, ताकि साइबर कमांड तैयार किया जाए.

पिछले एक साल से भारत में साइबर कमांड तैयार करने की कवायद चल रही थी


किन विभागों ने हिस्सेदारी की
वो बड़े संस्थान जिन्होंने सेना के साथ मिलकर इसमें भूमिका निभाई, उसमें रॉ के तहत काम करने वाला नेशनल टैक्निकल रिसर्च आर्गनाइजेशन, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी, नेशनल क्रिटिकल इनफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर, इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेंसी रिसर्च टीम शामिल रही. ये सभी टीमें भारत सरकार के किसी ना किसी विभाग के साथ मिलकर काम करती हैं और आईटी से लेकर साइबर अटैक मामलों की जानकार मानी जाती हैं.

इसी हफ्ते साइबर युद्धाभ्यास
क्या आप भरोसा करेंगे कि इसी हफ्ते भारत में दो दिन के लिए सेना साइबर युद्धाभ्यास करने वाली है, जो उसने पहले कभी नहीं किया है. इसमें वो वर्चुअल वर्ल्ड में भारत की ताकत का प्रदर्शन करेगी. साथ ही अपनी अंदरूनी मजबूती को भी टटोलेगी.

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साइबेरेक्स में सेना के तीनों अंग और कई विभाग
इस साइबर युद्धाभ्यास को साइबेरेक्स नाम दिया गया है. इसमें सेना के तीनों हिस्सा लेंगे ही. साथ ही कई और बड़े संस्थान भी साथ होंगे, जिसमें नेशऩल  सिक्योरिटी कौंसिल सेक्रेटिएट, (एनएससीएस), नेशनल टैक्निकल रिसर्च आर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) , डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ), इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम, एनआईसी और कंप्यूटर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर (सीएसआरसी) शामिल रहेंगे.

साइबेरेक्स एक नए तरह का युद्धाभ्यास होगा, जिसमें सेनाएं आमने नहीं टकराएंगी और ना ही कोई टैंक या जहाज नजर आएंगे, बल्कि ये दफ्तर में बैठकर लड़ा जाएगा


क्या-क्या होगा साइबर युद्धाभ्यास में
दो दिन के युद्धाभ्यास में, साइबर हमले भी होंगे उनका काउंटर भी होगा और तमाम तरीकों का इस्तेमाल भी होगा. भारत चाहता है कि वो चीन की टक्कर की साइबर कमांड अपनी सेना के तीनों अंगों के जरिए खड़ा करे, जो भविष्य मजबूत ताकत बने. क्योंकि अब हर कोई मानने लगा है कि आने वाले समय युद्ध जमीन और हवा में नहीं बल्कि साइबर और स्पेस में लड़े जाएंगे. जिसके जरिए किसी देश को पंगु बनाया जा सकेगा.

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