भारत आया दुनिया का सबसे तेज़ AI सुपर कंप्यूटर, मिनटों में करेगा घंटों का काम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि के तौर पर डीजीएक्स-2 सुपर कंप्यूटर जोधपुर के आईआईटी में स्थापित किया जाने वाला है. जानें इस सुपर कंप्यूटर की खासियतें क्या हैं और कैसे ये पिछले वर्जन से बेहतर है.

News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 12:24 PM IST
भारत आया दुनिया का सबसे तेज़ AI सुपर कंप्यूटर, मिनटों में करेगा घंटों का काम
सुपर कंप्यूटर. फाइल फोटो
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Updated: June 17, 2019, 12:24 PM IST
मानवनिर्मित मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में दुनिया का सबसे तेज और ताकतवर सुपर कंप्यूटर डीजीएक्स-2 की भारत में एंट्री हो चुकी है. इस सुपर कंप्यूटर को भारत में लाने का श्रेय जोधपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) को है, जिसने एक डील के तहत यह सुपर कंप्यूटर मंगवाया है. इस सुपर कंप्यूटर के आने के बाद देश में एआई प्रशिक्षण गतिविधियों को समझने और संचालित करने में तेज़ी आने की उम्मीद है.

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ये हैं इस सुपर कंप्यूटर की खासियतें
आईआईटी जोधपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव हरित ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि यह अपनी तरह का दुनिया का सबसे तेज़ और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) एप्लीकेशंस वाला शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर है. यह भारत में पहली बार आया है. इस सुपर कंप्यूटर को यहां एक विशेष प्रयोगशाला में इंस्टॉल किया गया है. डॉ. हरित ने इस सुपर कंप्यूटर की खासियतों के बारे में भी बताया.

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- 2.50 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कंप्यूटर में 16 विशेष जीपीयू कार्ड लगे हैं.
- प्रत्येक जीपीयू कार्ड की क्षमता 32 जीबी की है.
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- रैम 512 जीबी की है.
- किसी आम कंप्यूटर की क्षमता केवल 150 से 200 वाट होती है जबकि इस सुपर कंप्यूटर की क्षमता 10 किलोवाट है.
- डीजीएक्स-1 जिस काम के लिए 15 दिन का समय लेता है, डीजीएक्स-2 सिर्फ डेढ़ दिन लेगा.

बेंगलूरु के डीजीएक्स-1 के मुकाबले दोगुनी क्षमता
इस सुपर कंप्यूटर से एआई के बड़े एप्लीकेशन के प्रशिक्षण में मदद मिल सकेगी. विशेषज्ञों की मानें तो हर कंप्यूटर प्रोग्राम डेटा विश्लेषण पर आधारित होता है और इस सुपर कंप्यूटर में यह विश्लेषण तुलनात्मक रूप से बहुत तेज़ होगा. कंप्यूटर में 32 जीबी क्षमता (प्रत्येक) के 16जीपीयू कार्ड लगे हैं, जिससे इसका प्रदर्शन कई गुना बढ़ जाता है. देश में इस समय आईआईएससी बेंगलुरू सहित कुछ संस्थानों में डीजीएक्स-1 सुपर कंप्यूटर है लेकिन डीजीएक्स-2 सुपर कंप्यूटर देश में पहली बार आया है, जो पिछले वर्जन से दोगुनी क्षमता वाला है. इस सुपर कंप्यूटर का वज़न लगभग डेढ़ क्विंटल है और आंतरिक भंडारण क्षमता 30 टीबी की है. यह सुपर कंप्यूटर दो साल के उस समझौते के तहत लाया गया है, जो अमेरिकी सुपर कंप्यूटर कंपनी एनविडिया के साथ आईआईटी जोधपुर ने एआई क्षेत्र में अनुसंधान के लिए किया है.

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मार्च में हुई इस सुपर कंप्यूटर की ओपनिंग
एनविडिया के सह संस्थापक और सीईओ जेनसेन हुआंग ने इसी साल मार्च में इस सुपर कंप्यूटर के ओपनिंग कार्यक्रम में डीजीएक्स 2 को असेंबल करने की प्रक्रियाएं समझाते हुए कहा था कि इसमें लैटेस्ट टेस्ला जीपीयू एक्सलरेटर्स का इस्तेमाल किया गया है और तमाम तकनीक के चलते इसकी कीमत डेढ़ मिलियन डॉलर होगी. यह कीमत सुनकर सभी दर्शक हैरान रह गए थे लेकिन बाद में इस सुपर कंप्यूटर की खास बातें जानने के बाद विशेषज्ञों ने इस कीमत को जायज़ करार भी दिया था.

और ये हैं दुनिया के 5 सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर
टॉप 500 प्रोजेक्ट समय समय पर दुनिया के सबसे तेज़ कंप्यूटरों के सिलसिले में रैंकिंग जारी करता है और साथ ही इनके बारे में तमाम तकनीकी जानकारियां भी. इस रैंकिंग के आधार पर दुनिया के पांच सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर कौन से हैं और क्या काम करते हैं, जानिए.

- पिज़ डैंट : स्विटज़रलैंड के एल्प्स स्थित एक पहाड़ के नाम पर इस सुपर कंप्यूटर का नाम है, जो 2013 से यूरोप का सबसे तेज़ कंप्यूटर रहा है. लेकिन पिछले कुछ सालों में हुए अपडेट्स के बाद यह दुनिया के सुपर कंप्यूटरों की रैंकिंग में पांचवे नंबर पर आया. इस सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल मस्तिष्क की याददाश्त संबंधी खोजों और ग्लोबल क्लाईमेट संबंधी शोधों में किया जा रहा है.
- टायनेह 2 : चीन के इस सुपर कंंप्यूटर के नाम का मतलब आकाशगंगा है. चीन राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण कामों में इस सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है, जिसके बारे में बहुत कुछ सीक्रेट रखा जाता है. हालांकि, इस सुपर कंप्यूटर की रैंकिंग दूसरे से चौथे नंबर पर आ गई है.
- सनवे टाइहूलाइट : 2016 में लॉंच होने के बाद दुनिया में पहले नंबर पर आ गया चीन का यह सुपर कंप्यूटर फिलहाल रैंकिंग में तीसरे नंबर पर है. चीन इसका इस्तेमाल पर्यावरण विज्ञान और उत्पादन से जुड़े एडवांस्ड शोधों में कर रहा है.
- सिएरा : नवंबर 2018 में जारी की गई आखिरी रैंकिंग में अमेरिका का यह सुपर कंप्यूटर दूसरे नंबर पर रहा. अमेरिका के राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया जा रहे इस सुपर कंप्यूटर को आईबीएम और एनविडिया ने तैयार किया था.
- समिट : ज़्यादातर स्वास्थ्य विज्ञान के कार्यक्रमों में इस्तेमाल हो रहा अमेरिका के एनर्जी विभाग का यह सुपर कंप्यूटर जून 2018 से रैंकिंग में नंबर 1 के स्थान पर कायम है.

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First published: June 17, 2019, 12:24 PM IST
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