भारत को कितना सीखने की जरूरत है आगे बढ़ते बांग्लादेश से

बांग्लादेश (Bangladesh) की तेज तरक्की एक सफल आर्थिक मॉडल बनती जा रही है. . (फाइल फोटो)

बांग्लादेश (Bangladesh) की तेज तरक्की एक सफल आर्थिक मॉडल बनती जा रही है. . (फाइल फोटो)

बांग्लादेश (Bangladesh) ने पिछले 50 सालों में अपनी अर्थव्यवस्था (Economy) बहुत मजबूत बना ली है. यह भारत (India) सहित दुनिया के कई देशों के लिए एक मिसाल बन गया है.

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बांग्लादेश (Bangladesh) को आजाद हुए 50 साल ही हुए हैं. उस समय वह अपने बहुत  ज्यादा ताकतवर और अमीर देश पाकिस्तान (Pakistan) से अलग हुआ था. 1971 में आजाद होते समय वह युद्ध और अकाल की विभीषिका झेल रहा था. लाखों लोग भारत (India) पलायन कर गए थे या पाकिस्तानी सेना द्वारा मार दिए गए थे. अब बांग्लादेश का आलम यह है कि वह पाकिस्तान को पीछे तो छोड़ ही चुका है कई लिहाज से भारत से भी आगे निकल गया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या वाकई बांग्लादेश की इस उन्नति में भारत जैसे बड़े देश के लिए कुछ सबक हैं?

आजादी के समय था बांग्लादेश का यह हाल

मार्च 1971 में बांग्लादेश के अस्तित्व के आने के समय पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अमेरिका के विदेशमंत्री हेनरी किसिंगर ने इस नवोदित देश को बास्केटकेस कहा था. उस समय बांग्लादेश में युनिसेफ के सहायता कार्यों के लिए पैसे जुटाए जा रहे थे. बांग्लादेश को हर साल उसकी नदियों में आई बाढ़ का सामना करना पड़ता है.

बहुत अच्छी हो गई है अर्थव्यवस्था
आज बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था बहुत बेहतर हो गई जो दुनिया के कई देशों के लिए एक बड़ी मिसाल बन गई है. पिछले साल की तुलना में बांग्लादेश का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद  9 प्रतिशत बढ़ गया है. इससे बांग्लादेश के प्रति व्यक्ति आय अब 2227 डॉलर हो गई है, वहीं पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय 1543 ही है.

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पिछले 50 सालों में बांग्लादेश (Bangladesh) ने जिन हालातों से उठकर उन्नति की है वह काबिले तारीफ है.(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

पाकिस्तान और बांग्लादेश



1971 में पाकिस्तान बांग्लादेश से 70 प्रतिशत ज्यादा अमीर था. आज बांग्लादेश 45 प्रतिशत ज्यादा अमीर है. एक पाकिस्तानी अर्थशास्त्री ने पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था पर निराश होकर कहा कि यह भी हो सकता है कि पाकिस्तान को साल 2030 में बांग्लादेश से आर्थिक सहायता लेनी पड़ी. यह संयोग ही है कि  इस समय जहां बांग्लादेश तरक्की की राह पर है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बहुत बुरी है.

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भारत और बांग्लादेश

क्या बांग्लादेश की इस सफलता में भारत के लिए भी कुछ सबक हैं यह एक अहम सवाल है. दोनों देशों में बहुत ज्यादा अंतर है. भारत एक विशाल देश है जिसका दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा हिस्सा है. लेकिन आज प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से भारत बांग्लादेश के मुकाबले एक गरीब देश लगता है. भारत की प्रति व्यक्ति आय साल 2020-21 में केवल 1947 डॉलर थी.. ब्लूमबर्ग में प्रकाशित. लेख के मुताबिक बांग्लादेश भारत के कई राज्यों से कहीं ज्यादा अमीर है जहां बांग्लादेश के घुसपैठियों के खिलाफ रैली होती है.

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बांग्लादेश (Bangladesh) ने इन 50 सालों में लोक ऋण को बहुत ज्यादा बढ़ने नहीं दिया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

बांग्लादेश की उन्नति का आधार

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बांग्लादेश ने पिछले 50 सालों में काफी उन्नति की है. उसकी वृद्धि निर्यात, सामाजिक उन्नति और राजस्व बुद्धिमानी पर टिकी हुई है. साल 2011 सेलेकर साल 2019 के बीच बांग्लादेश का निर्यात दुनिया के सालाना औसत 0.4 प्रतिशत की तुलना में हर साल 8.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. उसकी सफलता का कारण कपड़ा उद्योग है. बांग्लादेश में महिला श्रम ने भी तेजी से वृद्धि की है. वहीं भारत और पाकिस्तान दोनों में ही इसमें कमी आई है. बांग्लादेश की सफलता का एक राज कर्ज से बचना भी है जबकि भारत पाकिस्तान में कर्ज बहुत अधिक है.

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बेशक भारत की अर्थव्यवस्था कोरोना काल में संकट में है. लेकिन भारत की अपनी चुनौतियां हैं और उसकी विशाल अर्थ्वयवस्था के आपने फायदे नुकसान हैं. सभी अर्थशास्त्री यह मानते हैं के कोरोना काल में भारत की अर्थव्यवस्था में उछाल आने की संभावना है. आने वाला समय भारत के लिए परीक्षा और मौके दोनों का समय है. लेकिन भारत को जो बांग्लादेश से सबसे ज्यादा सीखने की जरूरत है वह कर्ज पर कम निर्भरता. बांग्लादेश ने लोक ऋण- जीडीपी अनुपात 30 से 40 के बीच में कायम रखा है. जबकि भारत का महामारी से निकलते समय यह  अनुपात करीब 90 प्रतिशत तक हो सकता है.

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