Indian Air Force Day : जाबांज वायुसैनिक जो 06 पाकिस्तानी विमानों से अकेला भिड़ गया

भारतीय डाकतार विभाग ने वर्ष 1971  के युद्ध के बाद फ्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह के सम्मान में खास डाक टिकट जारी किया.
भारतीय डाकतार विभाग ने वर्ष 1971 के युद्ध के बाद फ्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह के सम्मान में खास डाक टिकट जारी किया.

देश आज राष्ट्रीय वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day ) मना रहा है. हम इस मौके पर वायुसेना और वायुसैनिकों के जाबांजी की कुछ कहानियां दे रहे हैं. पहली कहानी ये उस फ्लाइंग अफसर की है, जिसने 06 पाकिस्तान विमानों के खिलाफ अकेले मोर्चा संभाला और तीन को गिरा दिया

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 12:10 PM IST
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देश 08 अक्टूबर को नेशनल एयरफोर्स डे मना रहा है. इस मौके पर हमें उन जाबांज वायुसैनिकों के नाम कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने हमारी वायुसेना के शौर्य में चार चांद लगाए तो देश का सीना भी फख्र से फुला दिया. इसी में एक थे निर्मलजीत सिंह सेखों,(Flying officer Nirmal Jit Singh Sekhon)  जो अकेले अपना फाइटर जेट उड़ाते हुए 06 पाकिस्तानी विमानों से भिड़ गए. 03 पाकिस्तानी विमानों को अकेले ही मार गिराया.

फ़्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह सेखों परमवीर चक्र से सम्मानित वायु सैनिक थे. उन्हें ये सम्मान सन 1971 में मरणोपरांत मिला था. सेखों ने 1971 में पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ते हुए उस युद्ध में वीरगति पाई, जिसमें भारत विजयी हुआ. पाकिस्तान से टूट कर उसका एक पूर्वी हिस्सा, बांग्लादेश के नाम से आजाद देश बन गया.

06 पाकिस्तान सैबर जेट विमानों ने हमला किया
तब निर्मलजीत सिंह श्रीनगर वायु सेना के हवाई अड्डे पर मुस्तैदी से तैनात थे. वो फाइटर जेट पर अपने करिश्मे के लिए उस्ताद माने जाते थे. 14 दिसम्बर 1971 को श्रीनगर एयरफील्ड पर पाकिस्तान के छह सैबर जेट विमानों ने हमला किया. सुरक्षा टुकड़ी की कमान संभालते हुए फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह वहां 18 नेट स्क्वाड्रन के साथ तैनात थे.
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एयरफील्ड पर धुंध छाई हुई थी
दुश्मन F-86 सेबर जेट विमानों के साथ आया. उस समय निर्मलजीत के साथ फ्लाइंग लेफ्टिनेंट घुम्मन भी कमर कस कर मौजूद थे. एयरफील्ड पर सबेरे काफ़ी धुंध थी. सुबह 8 बजकर 2 मिनट पर चेतावनी मिली कि दुश्मन आक्रमण पर है. निर्मलसिंह तथा घुम्मन ने तुरंत उड़ जाने का संकेत दिया.

nirmaljit singh
सुबह 08.02 बजे उन्हें पाकिस्तानी वायुसेना के आक्रमण के खिलाफ उड़ने का संकेत मिला और दो मिनट के भीतर वो हवा में थे.


02 मिनट में वो अपने विमान के साथ आसमान में थे
ठीक 8 बजकर 4 मिनट पर दोनों वायु सेना अधिकारी दुश्मन का सामना करने के लिए आसमान में थे. उस समय दुश्मन का पहला F-86 सेबर जेट एयर फील्ड पर गोता लगाने की तैयारी कर रहा था. एयर फील्ड से पहले घुम्मन के जहाज ने रन वे छोड़ा था. उसके बाद जैसे ही निर्मलजीत सिंह का नेट उड़ा. रन वे पर उनके ठीक पीछे एक बम आकर गिरा.

एयरफील्ड धुएं और धुएं से भरा हुआ था
घुम्मन उस समय खुद एक सेबर जेट का पीछा कर रहे थे. सेखों ने हवा में आकार दो सेबर जेट विमानों का सामना किया, इनमें से एक जहाज वही था, जिसने एयरफिल्ट पर बम गिराया था. बम गिरने के बाद एयर फील्ड से कॉम्बैट एयर पेट्रोल का संपर्क सेखों तथा घुम्मन से टूट गया था. सारी एयरफील्ड धुएं और धूल से भर गई, जो उस बम विस्फोट का परिणाम थी.दूर तक देख पाना कठिन था.

श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर बाद में फ्लाइंग अफसर निर्मलजीत सिंह सेखों की प्रतिमा लगाई गई.


दुश्मन का  पहला सैबर जेट आग में जलता हुआ गिरा
तभी फ्लाइट कमाण्डर स्क्वाड्रन लीडर पठानिया को नजर आया कि कोई दो हवाई जहाज मुठभेड़ की तैयारी में हैं. तभी रेडियो संचार व्यवस्था से निर्मलजीत सिंह की आवाज़ सुनाई पड़ी-
'मैं दो सेबर जेट जहाजों के पीछे हूँ...मैं उन्हें जाने नहीं दूँगा...'
उसके कुछ ही क्षण बाद नेट से आक्रमण की आवाज़ आसमान में गूंजी. एक सैबर जेट आग में जलता हुआ गिरता नजर आया. तभी निर्मलजीत सिंह सेखों ने अपना संदेश प्रसारित किया:
'मैं मुकाबले पर हूं. मुझे मजा आ रहा है. मेरे इर्द-गिर्द दुश्मन के दो सेबर जेट हैं. मैं एक का ही पीछा कर रहा हूँ, दूसरा मेरे साथ-साथ चल रहा है.'

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फिर उन्होंने दुश्मन के दो और विमान मार गिराए
इसके जवाब में स्क्वेड्रन लीडर पठानिया ने सेखों को कुछ सुरक्षा संबंधी हिदायत दी, जिसे उन्होंने पहले ही पूरा कर लिया. नेट से एक और धमाका हुआ, जिसके साथ दुश्मन के सेबर जेट के ध्वस्त होने की आवाज़ आई. अभी निर्मलजीत सिंह को कुछ और भी करना बाकी था. उनका निशाना फिर लगा. एक बड़े धमाके के साथ तीसरा सेबर जेट भी ढेर हो गया. कुछ देर की शांति के बाद फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का संदेश फिर सुना गया.

'शायद मेरा नेट भी निशाने पर आ गया है... घुम्मन, अब तुम मोर्चा संभालो.'

कुछ दिनों पहले ही हुई थी शादी
ये निर्मलजीत सिंह का अंतिम संदेश था. अपना काम पूरा करके वह वीरगति को प्राप्त हो गए. फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह सेखों का जन्म 17 जुलाई 1947 को पंजाब के लुधियाना जिले के रूरका गांव में हुआ था. कुछ ही महीने पहले उनका विवाह हुआ था.
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